विश्वविख्यात सोनार दुर्ग के मौलिक स्वरूप से नहीं होगी छेड़छाड़

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/04/13 11:12

जैसलमेर। जिले के रहवासी सोनार किला देश विदेश के सैलानियों की पहली पंसद बना हुआ है, यहां पर बडी संख्या में आबादी निवास करती है वहीं हर साल यहां आने वाले लाखों की संख्या में सैलानी भी इस किले के सौन्दर्य का दर्शन करने के लिये आते हैं। साढे नौ सौ साल से भी पुराने इस किले की स्थापत्य कला और सौन्दर्य के साथ इसकी मजबूती ही है। इसके सौन्दर्यीकरण को बनाए रखने के लिए जिला प्रसाशन ने कमर कस ली है। जिला कलक्टर नमित मेहता ने सोनार दुर्ग के मौलिक स्वरूप के लिए गंभीर दिखाई दे रहे है। 

कलक्टर नमित मेहता ने कहा कि सोनार दुर्ग के मौलिक स्वरूप को बनाए रखने के लिए विशेष कार्ययोजना और सभी के सहयोग की जरूरत है। उन्होंने आयुक्त नगरपरिषद को निर्देश दिए कि वे 15 दिवस में दुर्ग की मोरियों में किए गए अतिक्रमण के साथ ही जिन घरों एवं पेइंग गेस्ट व होटलों में छपरे लगे हुए हैं उनका चिह्निकरण कराएं। कलेक्टर मेहता ने सोनार दुर्ग के संरक्षण एवं मौलिक स्वरूप को बचाए रखने के लिए हुई बैठक में दुर्ग में हो रहे कब्जों को हटाने एवं अवैध निर्माण करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने पर भी जोर दिया। 

कलक्टर ने नगर परिषद आयुक्त को दुर्ग में वाणिज्यिक गतिविधियों का भी चिह्नीकरण करने के निर्देश देते हुए कहा कि दुर्ग में किसी भी प्रकार का नया निर्माण कार्य नहीं हो यह भी सुनिश्चित करें। उन्होंने कचरा डालने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई करने पर बल दिया। कलक्टर ने बैठक के दौरान पर्यटन की दृष्टि से विख्यात स्वर्णनगरी में आने वाले देसी-विदेशी सैलानियों से प्रवेश शुल्क लेने के मामले की समीक्षा की करते हुए कहा कि इस संबंध में आगामी बैठक में चर्चा की जाकर आवश्यक निर्णय लिया जाए। उन्होंने इसके लिए आगामी बैठक के दौरान भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, पुरातत्व विभाग के अधिकारी के साथ ही पुलिस, नगरीय निकाय अधिकारी को भी बुलाने के निर्देश दिए। 

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