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पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे सीएम योगी, परिजनों से भी की यह अपील

पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे सीएम योगी, परिजनों से भी की यह अपील

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फैसला किया है कि वह अपने पिता आनंद सिंह बिष्ट के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाएंगे. जिस समय योगी को उनके पिता के निधन की सूचना मिली उस समय वो प्रदेश में कोरोना की स्थिति को लेकर बैठक कर रहे थे. वह अंतिम बार अपने पिता के दर्शन भी नहीं कर सके.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता का निधन, एम्स हॉस्पिटल में आनंद सिंह बिष्ट ने ली अंतिम सांस 

कोरोना के चलते अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाऊंगा:
पिता के निधन पर सीएम योगी ने खत लिखते हुए कहा कि वैश्विम महामारी कोरोना वायरस के खिलाफ जारी जंग के चलते मैं अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाऊंगा. लॉकडाउन के बाद दर्शनार्थ जाऊंगा. योगी ने अपने खत में लिखा कि पिताजी कैलाशवाली होने पर मुझे भारी दुख और शोक है. वे मेरे पूर्वाश्रम के जन्मदाता हैं. उन्होंने मुझे बचपन से जीवन में ईमानदारी, कठोर परिश्रम और निस्वार्थ भाव से लोक मंगल के लिए समर्पित भाव के साथ कार्य करने का संस्कार दिया. अंतिम क्षणों में उनके दर्शन की हार्दिक इच्छा थी. 

अंतिम संस्कार में कम लोगों को साथ ले जाने की अपील:
वहीं सीएम योगी ने निर्णय लिया है कि वह लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे. इसके साथ योगी ने अपने परिजनों से भी अपील की है कि वह लॉकडाउन का पालन करते हुए कम लोगों को साथ लेकर अंतिम संस्कार के कार्यक्रम को सम्पन्न करें. 

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आनंद सिंह बिष्ट काफी लंबे वक्त से चल रहे थे बीमार:
बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद सिंह बिष्ट काफी लंबे वक्त से बीमार चल रहे थे. गत माह दिल्ली के एम्स हॉस्पिटल में उन्हें इलाज के लिए भर्ती कराया गया था. यूपी सरकार ने आनंद सिंह बिष्ट के निधन की पुष्टि की है. जानकारी के मुताबिक सीएम योगी आदित्यनाथ के पिता का सोमवार सुबह 10 बजकर 44 मिनट पर अंतिम सांस ली. 

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लखनऊ: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के दिल्ली में लोधी एस्टेट स्थित बंगला खाली करने के नोटिस के बाद अब वे दिल्ली के बजाए लखनऊ का रुख करने के मूड में हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उनके लिए यहां एक शानदार बंगले की व्यवस्था भी हो चुकी है. प्रियंका लखनऊ में कौल हाउस में शिफ्ट होने की तैयारी में है. कौल हाउस इंदिरा गांधी की मामी शीला कौल का है.

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बेहद सधी हुई रणनीति का हिस्सा माना जा रहा ये कदम: 
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि प्रयंका गांधी वाड्रा अब यूपी की राजधानी लखनऊ में अपना बेस बनाने की तैयारी में हैं. प्रियंका पार्टी की महासचिव होने के साथ साथ यूपी की इंचार्ज भी हैं. लिहाजा उनका ये कदम बेहद सधी हुई रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. ऐसे में लखनऊ शिफ्ट होना राजनीतिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. महासचिव बनाए जाने के बाद से प्रियंका लगातार यूपी में ज्यादा सक्रिय रही हैं. 

प्रियंका यूपी में और ज्यादा नजर आएंगी:
जानकारी के अनुसार, प्रियंका गांधी वाड्रा का दिल्ली से लखनऊ शिफ्ट होना चुनावी तैयारी के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है. इस तरह आने वाले दिनों में प्रियंका यूपी में और ज्यादा नजर आएंगी. अपनी शादी के बाद, इंदिरा गांधी भी अपने पति फ़िरोज़ के साथ लखनऊ आ गईं थी. वे चारबाग रेलवे स्टेशन के पास एपी सेन रोड के एक बंगले में रहती थीं.

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बंगला एक अगस्त तक खाली करना होगा:
मोदी सरकार ने कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी को लोधी एस्टेट स्थित बंगला खाली करने को कहा है. प्रियंका को ये बंगला एक अगस्त तक खाली करना है. SPG सुरक्षा हटने के चलते बंगला खाली करना होगा. इस बाबत मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स की ओर से नोटिस जारी किया गया है. प्रियंका गांधी लगभग दो दशक से फैमिली के साथ इसी बंगले में रहती है. 


 

पाकिस्तान में रह रहे मामा की बेटी का प्यार पाने के लिए आईएसआई एजेंट बन गया राशिद अहमद

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लखनऊ: पांच महीने पहले जासूसी करने के आरोप में दबोचा गया राशिद अहमद पाकिस्तानी प्रेमिका से मिलने की चाहत में आईएसआई एजेंट बन गया था. जनवरी में गिरफ्तार राशिद पाकिस्तान में रह रहे अपने मामा की लड़की से प्यार करता था. लेकिन घर वालों को यह रिश्ता मंजूर नहीं था. इस बात की जानकारी जब पाक खुपिया एजेंसी को लगी तब आईएसआई व पाकिस्तानी डिफेंस के एक अधिकारी ने उसकी प्रेमिका से शादी कराने का वादा कर भारत से गोपनीय सूचनाएं मंगाने लगे. 

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मामा की बेटी से करने लगा था प्यार: 
इसी बीच राशित वर्ष 2017 और 2018 में दो बार पाकिस्तान के कराची में रह रही अपनी मौसी के पास गया था. वहीं राशिद के मामा नजीर भी रहते थे, जिनकी बेटी वह प्यार करने लगा. लेकिन राशिद के मामा को यह रिश्ता मंजूर नहीं था. राशिद का मौसेरा भाई आईएसआई और पाकिस्तान डिफेंस के संपर्क में था. 

प्रेमिका से शादी कराने का वादा किया:
ऐसे में उसने यह पूरी कहानी आईएसआई व पाकिस्तान डिफेंस को बताई और राशिद से उनकी मुलाकात करवाई. ऐसे में उन्होंने उसकी प्रेमिका से शादी कराने का वादा किया और भारत के महत्वपूर्ण व संवेदनशील स्थानों की फोटो, नक्शे और सेना के मूवमेंट की जानकारी मांगी. इसके बदले में राशिद के पैसे भी देने का वादा किया गया. 

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भारत के नंबर पर पाकिस्तान में व्हाट्सएप चल रहा था:
उसके बाद राशिद भारत लौट आया और पाकिस्तान के लिए काम करने लगा. इसने दो फोन नंबरो को एक्टिवेट कराकर पाकिस्तान में व्हॉट्सएप चलाने के लिए ऑटिपी बताया. यानी भारत के नंबर पर पाकिस्तान में व्हाट्सएप चल रहा था. राशिद नहीं व्हाट्सएप नंबरों पर संवेदनशील स्थानों की तस्वीरें भेजरा रहता था. इसके बदले राशिद को रुपये भी भेजे गए थे. 
 

बारात लेकर निकला दूल्हा शादी समारोह की जगह पहुंचा अस्पताल, कोरोना पॉजिटिव आई रिपोर्ट

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लखनऊ: देशभर में इस समय कोरोना वायरस का कहर जारी है. ऐसे में कोरोना से बचने के लिए लोग हरसंभव प्रयास कर रहे हैं, लेकिन इसी बीच एक अजीब घटना सामने आई है. यूपी के अमेठी से बारात लेकर निकले दूल्हा और उसके पिता शादी समारोह की जगह पर अस्पताल पहुंचने को मजबूर हो गए. दरअसल, दूल्हे और उसके पिता की की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने से पुलिस ने दोनों को रास्ते से पकड़कर अस्पताल भेज दिया.  

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दोनों की कई दिनों से तबीयत खराब थी:
मिली जानकारी के अनुसार यह घटना अमेठी के शुक्ल बाजार की है जहां बारात लेकर जा रहे दूल्हे को पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया है. यह बारात बराबंकी के हैदरगढ़ जा रही थी और इस बीच दूल्हे और उसके पिता की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई. जानकारी के अनुसार शुक्ल बाजार निवासी एक व्यक्ति और उसके बेटे की कई दिनों से तबीयत खराब थी. उसके बाद डॉक्टर ने दोनों की कोरोना जांच की सलाह दी थी. स्वास्थ्य विभाग की टीम कोरोना जांच के लिए सैंपल ले गई थी.

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बाराबंकी बॉर्डर से पकड़ लिया:
उसके बाद शुक्रवार को जब बेटे की जानी थी तो शादी स्थगित नहीं करने का फैसला लिए दोनों ने बारात ले जाने का निर्णय लिया. इसी के चलते जांच रिपोर्ट आने से पहले ही दूल्हे के पिता बारात लेकर हैदरगढ़ के लिए निकल पड़े. उधर रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम दोनों को अस्पताल में भर्ती करवाने के लिए उनके घर पहुंच गई. जहां जानकारी मिली की दोनों बारात लेकर बाराबंकी चले गए हैं. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की सूचना पर हरकत में आई पुलिस ने बाप बेटे को बाराबंकी बॉर्डर से पकड़ लिया और स्वास्थ्य विभाग की टीम के हवाले कर दिया, जिसके बाद दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. 


 

UP: 69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर हाईकोर्ट ने लगाई अंतरिम रोक

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लखनऊ: इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने आज उत्तर प्रदेश में 69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी. हाईकोर्ट ने सरकार को परीक्षा की उत्तर-कुंजी जारी करने की छूट दी है. अगली सुनवाई 12 जुलाई को होगी.

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क्वालिफाइंग अंक निर्धारित करने का विशेषाधिकार सरकार का:  
हाईकोर्ट में सरकार की तरफ से कहा गया कि किसी परीक्षा के लिए क्वालिफाइंग अंक निर्धारित करने का विशेषाधिकार सरकार का है. इसे अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती. साथ ही कहा कि छह जनवरी 2019 को हुई सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा के आयोजक परीक्षा नियामक प्राधिकरण ने प्रश्नपत्र की उत्तर कुंजी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी थी. यह एक क्वालिफाइंग परीक्षा थी, इसके आधार पर भर्ती प्रक्रिया तैयार की जानी थी. यह भी साफ किया कि अभी तक इस परीक्षा के आधार पर कोई भर्ती नहीं की गई है.

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यूजीसी करेगी आपत्तियों का निस्तारण: 
याचिकाकर्ताओं की आपत्तियों को यूपी सरकार यूजीसी को भेजेगी और यूजीसी आपत्तियों का निस्तारण करेगी. अगली सुनवाई 12 जुलाई को होगी. गौरतलब है कि सरकार नियुक्तियां पूरी करने में बहुत तत्परता दिखा रही थी. सरकार का मानना था कि इस कोरोना काल मे जल्द नियुक्तियां होने पर अनेकों अभ्यार्थियों को बहुत राहत मिलेगी.


 

मुख्यमंत्री योगी को बम से उड़ाने की धमकी, खास समुदाय का बताया दुश्मन

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है. यह धमकी पुलिस मुख्यालय के वॉट्सऐप नंबर पर मैसेज भेजकर दी गई है. जिस नंबर से धमकी भरा मैसेज आया है, पुलिस ने उसके आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है. मैसेज में सीएम योगी को एक विशेष समुदाय के लिए पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है. पुलिस के आला अधिकारियों के अनुसार इस मामले से जुड़े आरोपी को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा. 

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सीएम योगी को मैं बम से मारने वाला हूं:
जानकारी के अनुसार यूपी पुलिस के 112 मुख्यालय में गुरुवार देर रात लगभग साढ़े बारह एक वॉट्सऐप मैसेज आया. मैसेज में लिखा था कि सीएम योगी को मैं बम से मारने वाला हूं. (एक खास समुदाय का नाम लिखा) की जान का दुश्मन है वो. मैसेज मिलने के बाद इस बात की सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई. अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नंबर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है. अब रिकॉर्ड निकाला जा रहा है कि यह नंबर किसके नाम का है. 

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पुलिस ने तुरंत एफआईआर दर्ज की:
अधिकारियों के मुताबिक गोमती नगर थाने में धारा 505 (1) बी, 506 और 507 के तहत केस दर्ज किया गया है. मामले में कोई ढील न देते हुए पुलिस ने तुरंत एफआईआर दर्ज की है. उसके बाद धमकी देने वाले की तलाश की जा रही है. पुलिस के अनुसार उसे जल्द की गिरफ्तार कर लिया जाएगा. 

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लखनऊ: लॉकडाउन बढ़ाने को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों के साथ बैठक की है. इस बैठक में अधिकतर मंत्रियों ने यूपी में दो हफ्तों के लिए लॉकडाउन को और बढ़ाने का सुझाव दिया है. इसके साथ ही आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने पर भी जोर दिया है जिससे की लोगों को अधिक से अधिक रोजगार मिल सकें. 

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आर्थिक गतिविधियों पर फोकस देने की बात पर सहमति जताई:
इस दौरान मुख्यमंत्री ने भी महामारी से निपटने के लिए सभी जरूरी कदम उठाते हुए आर्थिक गतिविधियों पर फोकस देने की बात पर सहमति जताई. साथ ही कहा कि स्थानीय उद्यमों पर भी अधिकाधिक फोकस किया जाएगा, ताकि प्रदेश का प्रत्येक गांव और जिला आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ सके. करीब डेढ़ घंटे चली बैठक में मंत्रियों ने लॉकडाउन बढ़ाने के साथ आर्थिक गतिविधियों के लिए अधिक से अधिक अनुमति देने की बात कही. 

बैठक में शादी-ब्याह की अनुमति देने का भी सुझाव: 
वहीं कुछ मंत्रियों ने बैठक में शादी-ब्याह की अनुमति देने का भी सुझाव दिया. इस दौरान सीएम योगी ने  प्रभारी मंत्रियों से कहा कि वे अपने-अपने जिलों पर लगातार ध्यान दें. बाहर से आने वाले प्रवासी श्रमिकों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ हल करवाने में मदद करें. 

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केंद्र को सुझाव देने के लिए यह बैठक की गई:
सीएम ने कहा कि लॉकडाउन के तीसरे चरण की समाप्ति से पहले केंद्र को सुझाव देने के लिए यह बैठक की जा रही है. लॉकडाउन का चौथा चरण लागू होता है, तो उसके स्वरूप को लेकर इस संबंध में विस्तृत सुझाव देने होंगे. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार चाहती है कि लॉकडाउन के संबंध में राज्य सरकारें स्वयं निर्णय लें. 
 

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लखनऊ: लॉकडाउन के चलते श्रमिकों के बिगड़ते हालात को देखते हुए योगी सरकार ने बड़ी राहत दी है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने राज्य के मनरेगा श्रमिकों के खाते में 225.39 करोड़ रुपये बैंक में ट्रांसफर किए हैं.

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किसी प्रकार की समस्या न हो इसके अधिकारियों को निर्देश दिए: 
इसके साथ ही यूपी में प्रवासी मजदूरों के अंतरराज्यीय या अंतर्जनपदीय आवागमन में किसी प्रकार की समस्या न हो इसके अधिकारियों को निर्देश दिए है. साथ ही कहा कि जो जहां हैं, वहीं से उन्हें गृह जनपद पहुंचाने की व्यवस्था अधिकारी करें. सोमवार को कोरोना को लेकर बनाई गई टीम-11 की बैठक में सीएम योगी ने निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी कामगार श्रमिक को अंतरराज्यीय, अंतर्जनपदीय आवागमन में समस्या ना हो, यह सुनिश्चित किया जाए. साथ ही इस दौरान सभी के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए. पैदल अथवा दुपहिया वाहन से कोई भी श्रमिक कामगार ना चले.

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रिफॉर्म कानून के जरिए गांवों व कस्बों में ही रोजगार देने की योजना बनाई:
बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मजदूरों को लेबर रिफॉर्म कानून के जरिए गांवों व कस्बों में ही रोजगार देने की योजना बनाई है. इसके साथ ही बाहर से आए 20 लाख प्रवासी मजदूरों में तेजी से स्किलिंग डाटा तैयार करने के निर्देश दिए हैं.
 

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