दिल्ली के बीकानेर हाउस में कला प्रदर्शनी पर विवाद, रेहान वाड्रा की फोटो प्रदर्शनी से कुछ तस्वीरें हटाने का मामला,  प्रियंका गांधी का बयान आया सामने

नई दिल्ली: दिल्ली के बीकानेर हाउस में कला प्रदर्शनी पर विवाद मामले में प्रियंका गांधी का बयान सामने आया है. ये मामला रेहान वाड्रा की फोटो प्रदर्शनी से कुछ तस्वीरें हटाने का है. इस मामले में प्रियंका गांधी ने कहा कि जब कोई ताकतवर इंसान किसी दूसरे की अभिव्यक्ति से डरने लगता है. तो उसे पता भी नहीं चलता, लेकिन वह असल में उसी ताकत को खो चुका होता है. जिसे वह बचाने की कोशिश कर रहा है. तुम (रेहान वाड्रा) सच का साथ दो, और हर खूबसूरत चीज़ खुद-ब-खुद तुम्हारे पास आ जाएगी. मुझे तुम पर गर्व है, और हमेशा रहेगा.

रेहान वाड्रा का बयान: 

प्रियंका गांधी और रॉबर्ट वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा का बयान सामने आया है.  रेहान वाड्रा  ने कहा कि 5 घंटे पहले, बीकानेर हाउस प्रबंधन ने मुझे अपनी कला प्रदर्शनी में प्रदर्शित अधिकांश कलाकृतियों को हटाने के लिए मजबूर किया. इस प्रदर्शनी का उद्घाटन आज शाम 7 बजे होना है. इन तस्वीरों में दिल्ली में युवाओं द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शनों को दिखाया गया था. जाहिर तौर पर, प्रबंधन को इन तस्वीरों की सामग्री ‘आपत्तिजनक’ लगी. उन्होंने मुझे तिरंगे की दो तस्वीरें हटाने का निर्देश भी दिया. पर मैंने ऐसा करने से बिल्कुल इनकार कर दिया है. मैं भारतीय ध्वज की तस्वीर को नहीं हटाऊंगा. फिलहाल, प्रदर्शनी आंशिक रूप से जारी रहेगी. लेकिन मैं एक अन्य स्थान की तलाश करूंगा. जहां विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी तस्वीरों के पूरे संग्रह को प्रदर्शित कर सकूं.

अशोक गहलोत का बयान: 
इस मामले पर अशोक गहलोत ने बयान दिया. उन्होंने कहा कि दिल्ली के बीकानेर हाउस में रेहान वाड्रा की फोटो प्रदर्शनी से 70 से ज़्यादा तस्वीरें हटवा दी गईं. बीकानेर हाउस राजस्थान सरकार की संपत्ति है. भाजपा सरकार की निगरानी में एक युवा कलाकार की कला का गला घोंटा गया, जो बेहद निंदनीय है. इस प्रदर्शनी में कई तस्वीरें दिल्ली के युवा आंदोलनों की थीं. भाजपा को सबसे ज़्यादा डर उसी सच से लगता है जो जनता के सामने आ जाए. जो सरकार एक फोटो प्रदर्शनी से घबरा जाए. वह इन आंदोलनों के दौरान उठाए गए अनुचित कदमों को छिपाना चाहती है. रेहान वाड्रा को तिरंगे की दो तस्वीरों को हटाने के लिए कहा गया. परन्तु उन्होंने तिरंगे वाली तस्वीरें हटाने से साफ़ इनकार कर दिया. उन्होंने दिखा दिया कि तिरंगे के सम्मान पर कोई समझौता नहीं हो सकता. कलाकारों की आवाज़ दबाना लोकतंत्र पर सीधा हमला है. भाजपा सरकार जवाब दे कि सच्चाई बयां करने वाली तस्वीरें क्यों हटाई गईं.