लापता व्यक्ति की तलाश में अब नहीं होगी देरी, गुमशुदगी के मामलों में पुलिस का बड़ा फैसला, देखिए खास रिपोर्ट

लापता व्यक्ति की तलाश में अब नहीं होगी देरी, गुमशुदगी के मामलों में पुलिस का बड़ा फैसला, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः राजस्थान में गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश को लेकर पुलिस मुख्यालय ने बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला किया है. अब किसी व्यक्ति के गुम होने की सूचना मिलने पर पुलिस प्रारंभिक जांच के नाम पर FIR दर्ज करने में देरी नहीं कर सकेगी. महिला हो या पुरुष, प्रत्येक गुमशुदा व्यक्ति की सूचना पर तत्काल प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं. पुलिस मुख्यालय का यह आदेश सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद स्थायी व्यवस्था के तौर पर लागू किया गया है.      

महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि गुमशुदगी की सूचना मिलते ही बिना किसी प्रारंभिक जांच के FIR दर्ज की जाए. इसके साथ ही पुलिस को गुमशुदा व्यक्ति की तलाश के लिए तत्काल आवश्यक कार्रवाई शुरू करनी होगी. इसका उद्देश्य गुमशुदगी के मामलों में शुरुआती समय को बेहद महत्वपूर्ण मानते हुए पुलिस कार्रवाई को तेज करना है, ताकि किसी व्यक्ति के साथ अनहोनी होने की स्थिति में समय रहते उसका पता लगाया जा सके.नई व्यवस्था के तहत यदि गुमशुदा व्यक्ति 24 घंटे के भीतर मिल जाता है, तो दर्ज FIR को उसी स्तर पर समाप्त किया जा सकेगा. वहीं यदि 24 घंटे के भीतर गुमशुदा व्यक्ति का पता नहीं चलता है, तो प्रकरण को आगे की जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए बढ़ाया जाएगा. इस व्यवस्था से गुमशुदगी की सूचना और पुलिस कार्रवाई के बीच होने वाली देरी को समाप्त करने का प्रयास किया गया है.गुमशुदगी से जुड़े मामलों में FIR दर्ज करते समय भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 137, 138 और 143 के प्रावधानों को शामिल किया जाएगा. परिस्थितियों के अनुसार पुलिस इन प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई करेगी. आदेश में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को गुमशुदगी के प्रत्येक मामले को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं.

राजस्थान पुलिस ने गुमशुदा व्यक्तियों की जानकारी को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज करने की व्यवस्था भी अनिवार्य कर दी है. प्रत्येक गुमशुदा व्यक्ति की रिपोर्ट मिशन वात्सल्य पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड की जाएगी. इससे गुमशुदा व्यक्तियों की जानकारी को एक केंद्रीकृत व्यवस्था में दर्ज करने और उनकी तलाश में विभिन्न स्तरों पर बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी.पुलिस मुख्यालय के इस फैसले को गुमशुदा व्यक्तियों के परिजनों के लिए महत्वपूर्ण राहत के तौर पर देखा जा रहा है. अक्सर किसी व्यक्ति के अचानक लापता होने के बाद परिवार पुलिस से तत्काल कार्रवाई की उम्मीद करता है. अब FIR दर्ज करने से पहले लंबी प्रारंभिक जांच की व्यवस्था नहीं होने के कारण पुलिस की कार्रवाई तुरंत शुरू हो सकेगी.पुलिस मुख्यालय का मानना है कि गुमशुदगी के मामलों में शुरुआती कुछ घंटे बेहद अहम होते हैं. ऐसे में तत्काल FIR, त्वरित तलाश और डिजिटल पोर्टल पर सूचना दर्ज करने की व्यवस्था से गुमशुदा व्यक्तियों को जल्द खोजने की कार्रवाई को मजबूती मिलेगी. राजस्थान पुलिस का यह स्थायी आदेश गुमशुदगी के मामलों में जवाबदेही और त्वरित पुलिस कार्रवाई की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.