जयपुर : देश के किसी भी राज्य में हर मरीजों को निशुल्क इलाज की देने की मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मंशा जल्द ही धरातल पर उतरती नजर आ रही है. ये संभव होगा बजट में घोषित मुख्यमंत्री आयुष्मान आऱोग्य योजना की इन्टर स्टेट पॉर्टेबिलिटी से, जिसके लिए चिकित्सा विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली है. पहले चरण में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की इनबाउंड पोर्टेबिलिटी के माध्यम से दूसरे राज्यों के मरीजों को राजस्थान में फ्री इलाज की सुविधा मुहैया कराई जाएगी. इसके सफल क्रियान्वयन के बाद दूसरे राज्यों में भी राजस्थान के मरीजों को निशुल्क ट्रीटमेंट उपलब्ध होगा. आखिर क्या है योजना का प्रारूप और राजस्थान के मरीजों के लिए कैसे ये योजना बनेगी संजीवनी.
CM भजनलाल शर्मा का मेडिकल सेवाओं पर विशेष फोकस है. वो भी निशुल्क और क्वालिटीपूर्ण इसी मंशा को धरातल पर उतारने के लिए बजट में मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (मा) में इन्टर स्टेट पॉर्टेबिलिटी की घोषणा की गई. इस घोषणा को पूरा करने के लिए चिकित्सा विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है. जिसके तहत अब राज्य के बाहर के मरीज सामान्य बीमारी से लेकर गंभीर बीमारी तक इलाज करा सकेंगे. इतना ही नहीं एलोपैथी से लेकर आयुष पद्वति और बच्चों से लेकर बुजुर्गों का इलाज आधुनिक तकनीक से निःशुल्क होगा. प्रथम चरण में सरकार इनबाउंड पोर्टेबिलिटी के तहत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के पूर्व में संचालित ट्रांजेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम (टीएमएस) 1.0 के स्थान पर टीएमएस 2.0 सॉफ्टवेयर को अपग्रेड किया जा रहा है. जिसका ट्रायल चालू है और अगले दो माह में बाहर के मरीजों को इलाज मिल सकेगा. इसी तरह से आउट बाउंड पोर्टेबिलिटी के लिए नेशनल हैल्थ ऑथोरिटी नई दिल्ली की ओर से नेशनल हैल्थ क्लेम एक्सचेंज प्लेटफार्म का इस्तेमाल किया जाएगा. जिसमें 3 से 4 माह लगेंगे. योजना के पोर्टल को भी अपडेट किया जा रहा है. जिसमें 6 माह लगने की संभावना है.
योजना के साथ साथ सेवाओं का भी बढ़ेगा दायरा
मुख्यमंत्री आयुष्मान आऱोग्य योजना में जोड़े गए कई महत्वपूर्ण पैकेज
वर्ष 2025-26 में रोबोटिक, न्यूरो सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी एण्ड स्किन ट्रांसप्लांट, कार्डियोथोरेसिक एण्ड वेस्कुलर सर्जरी के पैकेज,
70 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए जीरियाट्रिक केयर पैकेज शामिल किए हैं
इसके अलावा ओरल कैंसर तथा आयुष पद्धतियों से इलाज भी जोड़ा जाना प्रस्तावित है
बजट घोषणाओं में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के लिए 73 डे-केयर एवं बच्चों के उपचार के लिए 419 पीडियाट्रिक पैकेज शामिल है
एक नजर में मा योजना
राजस्थान में पंजीकृत परिवार 1.34 करोड़ से अधिक
योजना में 1800 से अधिक अस्पताल सूचीबद्ध अस्पताल
करीब 66 लाख बुक क्लेम,अब तक व्यय राशि 3394 करोड़
8200 मरीज रोजाना उठा रहे योजना का लाभ
पिछली सरकार की चिरंजीवी योजना में पैकेज की संख्या 1806 थी
वर्तमान सरकार ने इसे बढ़ाकर किया 2047, नए पैकेज शामिल होने पर यह संख्या होगी 2300
योजना के लिए सरकार ने 3500 करोड़ रुपए का कोष का किया गठन
2 योजना के नए स्वरूप को लेकर प्रमुख चिकित्सा सचिव गायत्री राठौड ने फर्स्ट इंडिया को बताया कि नेशनल हैल्थ अथॉरिटी के साथ हम काम कर रहे हैं. पॉर्टेबिलिटी को लेकर काफी एडवास स्टेज पर पहुंच गए हैं. जिसका जल्द ही मरीजों को फायदा मिलने लगेगा. योजना में मरीजों को 25 लाख का इश्योरेंस कवरेज मिला है.
MAA योजना की नई सेवा की टाइम लाइन
मुख्यमंत्री आयुष्मान आऱोग्य योजना की नई सेवाओं का लेकर उत्साह
इन्टर स्टेट पॉर्टेबिलिटी लागू होने के बाद राजस्थान के निवासी दूसरे राज्य में इलाज ले पाएंगे.
मा योजना में आगामी दो माह में इंटर स्टेट पॉर्टेबिलिटी शुरु कर दी जाएगी
इसके बाद दूसरे राज्य के मरीज भी प्रदेश में आकर इलाज ले पाएंगे
इसी प्रकार आगामी 6 महिने में राजस्थान के नागरिकों को भी मिलेगी सुविधा
दूसरे राज्य में जाकर मा योजना के तहत उपचार ले सकेंगे राजस्थान के मरीज