कालीसिंध बांध राजस्थान के सबसे बड़े और आधुनिक बांधों में शुमार, 34 गेट और 755 मीटर लंबी है डैम लाइन

कालीसिंध बांध राजस्थान के सबसे बड़े और आधुनिक बांधों में शुमार, 34 गेट और 755 मीटर लंबी है डैम लाइन

झालावाड़ (आरिफ़ मंसूरी): राजस्थान के झालावाड़ जिले का कालीसिंध बांध राजस्थान के सबसे बड़े और आधुनिक बांधों में शुमार है. गेटों की यदि बात की जाए तो यह राजस्थान में दूसरे नंबर का बांध है. इसमें कुल 34 गेट हैं. वहीं 755 मीटर लंबी डैम लाइन है, जिसमें सिर्फ गेटों की लंबाई शामिल है. बांध की कुल ऊंचाई 316 मीटर है यानी कि यहां 316 मीटर तक पानी का भंडारण किया जाता है. 

306 मीटर से यह बांध भरना शुरू होता है जिसकी उच्चतम भराव क्षमता 316 मीटर है. इस बांध में कुल 54.37 मैट्रिक क्यूबिक मीटर पानी का भंडारण होता है और इसका कैचमेंट 15 किलोमीटर लंबाई में फैला हुआ है. झालावाड़ का कालीसिंध बांध कई प्रकार की खूबियों से सुसज्जित है इस बांध का संचालन अत्याधुनिक स्काडा सिस्टम द्वारा किया जाता है. इसके अतिरिक्त यहां पर राजस्थान में एकमात्र फिश लेडर बनाई गई है. जिसकी सहायता से डाउनस्ट्रीम से मछलियां चढ़कर वापस अप स्ट्रीम में चली जाती है.

झालावाड़ की काली सिंध नदी में ज्यादातर पानी की आवक मध्य प्रदेश से होती है. ऐसे में अब जबकि मध्य प्रदेश में मानसून प्रवेश करने का समय आ गया है तो बांध में भी पानी की आवक शुरू होने वाली है. जिसके मद्देनजर यहां अधिकारी और कर्मचारियों की टीम पूरी मुस्तैदी से तैनात है. अब यहां पर इंजीनियर एवं अन्य कर्मचारी तीन शिफ्टों में ड्यूटी देंगे और अब पूरे 24 घंटे यहां की निगरानी रहेगी. यहां की हर गतिविधि हर हलचल पर नजर रखी जाएगी. उसी के हिसाब से बांध का संचालन होगा. परियोजना के अधिशासी अभियंता महेंद्र सिंह से भी हमने खास बातचीत की. जहां उन्होंने आने वाले समय में इस बांध का संचालन किस प्रकार से किया जाएगा और यहां की सुरक्षा व्यवस्थाएं कैसी हैं उनके बारे में बताया.

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