VIDEO: निकाय-पंचायत चुनाव का रण, कांग्रेस का टिकट वितरण में बड़ा बदलाव, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: निकाय-पंचायत चुनाव की जंग जीतने के लिए कांग्रेस  इस बार टिकट वितरण में एक बड़ा बदलाव करने जा रही है. पहली बार टिकटों के दावेदारों से पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन मांगे जाएंगे. वहीं ऑनलाइन के साथ केवल दो स्तर पर ब्लॉक और जिला अध्यक्षों के जरिए ऑफलाइन आवेदन भी लिए जाएंगे.

निकाय औऱ पंचायत चुनाव का रण जीतने के लिए कांग्रेस ने अब अपनी तैयारियों को और तेज कर दिया है. चुनावी रणनीति,मुद्दे और टिकट वितरण को लेकर आज पीसीसी में कांग्रेस लीडरशिप ने महामंथन किया. पहले दिन 50 में से 23 जिलों के नेताओं के साथ प्रभारी और स्टेट लीडरशिप ने मंत्रणा की. बैठक में लीडरशिप ने हाईकमान की चुनाव लड़ने की रणनीति और टिकट वितरण फार्मूले के डायरेक्शन के बारे में बताया. प्रभारी रंधावा ने कहा कि सभी नेताओं को एकजुटता के साथ चुनावी जंग में उतरना है. लिहाजा टिकट वितरण की प्रक्रिया को कार्यकर्ताओं की भावना के तहत इस बार संगठन और जिला अध्यक्ष के जरिए अंजाम दिया जाएगा.
निकाय औऱ पंचायत चुनाव की जंग

कांग्रेस इस बार टिकट वितरण में करेगी बड़ा बदलाव
-इस बार टिकट के दावेदारों से लिए जाएंगे ऑनलाइन आवेदन
-ऑनलाइन आवेदन के लिए जल्द कांग्रेस करेगी एक पोर्टल लॉन्च
-पोर्टल के जरिए दावेदार टिकट के लिए जता सकते है अपनी दावेदारी
-संभवत निकाय-पंचायत चुनावों में कांग्रेस  पहली बार लेगी ऑनलाइन आवेदन
-ऑनलाइन आवेदन के साथ केवल दो स्तर पर ऑफलाइन आवेदन लिए जाएंगे
-ब्लॉक अध्यक्ष औऱ जिला अध्यक्षों को दावेदार दे सकेंगे अपने बायोडाटा
-उसके बाद तमाम आवेदनों की होगी स्क्रूटनी
-विधायक,सांसद और जिला अध्यक्ष फिर एक नाम  पर बनाएंगे आपसी सहमति 
-हालांकि MLA,सांसद,लोकसभा-विधानसभा चुनाव प्रत्याशियों की पसंद चलेगी ज्यादा

दरअसल यह सारी कवायद इसलिए अपनाई जा रही है क्योंकि हाईकमान ने निर्देश दिए है कि टिकट वितरण संगठन के जरिए होना चाहिए. लिहाजा इस बार पीसीसी प्रभारी और जिला अध्यक्षों के जरिए ही टिकटों के सिंबल बांटे जाएंगे. वहीं पहले की तरह इस बार चुनाव में अलग से पर्यवेक्षक भी नहीं लगाए जाएंगे. आपको बता दे कि इससे पहले कांग्रेस में  टिकटों का वितरण विधायक और विधायक चुनाव के प्रत्याशियों के जरिए ही होता था. इसके अलावा सांसद औऱ वरिष्ठ नेताओं की सिफारिश पर भी टिकटे बांटी जाती थी. लेकिन इस बार  इस फॉर्मेट को अब बदल दिया है. जिससे कार्यकर्ता भी खुश रहे और गुटबाजी भी नहीं पनपे.

हालांकि सामने आ रहा है कि पहले की तरह टिकट वितरण में ज्यादा तो चलेगी विधायकों और दिग्गज नेताओं की ही. लेकिन अब टिकटों का पूरा लिफाफा सीधे उनके हाथों में नहीं जाएगा. उसमें कुछ हिस्सा संगठन और जिला अध्यक्षों का भी होगा. अब देखते है कि टिकट वितरण के नए फार्मूले से कांग्रेस की परफॉर्मेंस क्या रहती है.