जयपुर: गरीबों के लिए प्रदेश के शहरों मं लागू मुख्यमंत्री जन आवास योजना के तहत बड़ी संख्या में लंबित प्रकरणों के निस्तारण को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला किया है. किस तरह के प्रकरणों में क्या किया है फैसला,
प्रदेश भर के निकायों में 26 सितंबर 2015 को मुख्यमंत्री जन आवास योजना लागू की गई थी. प्रदेश के शहरी गरीबों को सस्ते मकान उपलब्ध हो सकें, इसके लिए इस योजना में विभिन्न प्रावधान किए गए हैं. लेकिन करीब 11 साल पुरानी इस योजना के स्थान पर नए सिरे से नई मुख्यमंत्री जन आवास योजना को लागू करने की राज्य सरकार तैयार कर रही है. लेकिन इस पुरानी योजना के तहत प्रदेश भर के निकायों में बड़ी संख्या में ऐसे प्रकरण है जिनमें तय अवधि में मकानों का निर्माण नहीं किया अथवा संबंधित विकासकर्ता स्वीकृत प्रोजेक्ट को निरस्त करना चाहते हैं. ऐसे प्रकरणों में एक अवधि के बाद किस तरह मकानों के निर्माण की अवधि बढ़ाई जाए और पूर्व में स्वीकृत प्रोजेक्ट्स किस प्रकार निरस्त किए जाएं,इनको लेकर मौजूदा सीएम जन आवास योजना में कोई प्रावधान नहीं हैं. इसी के चलते कई निकायों ने ऐसे मामलों के निस्तारण के लिए राज्य सरकार से मार्गदर्शन मांगा था. इस पर अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक गुप्ता ने अधिकारियों के साथ काफी मंथन किया उसके बाद विभाग की ओर से विस्तृत आदेश जारी किए गए हैं.
मुख्यमंत्री जन आवास योजना को लेकर बड़ी खबर
-प्रकरणों में विकासकर्ता की ओर से अग्रिम कार्यवाही नहीं करने
-व तय अवधि में मकान नहीं बनाने के मामले में की स्थिति स्पष्ट
-प्रदेश भर के शहरों में बड़ी संख्या में अटके प्रकरणों की स्थिति स्पष्ट
-नगरीय विकास विभाग की ओर से स्थिति की गई है स्पष्ट
-नगरीय विकास विभाग ने इस बारे में विस्तृत आदेश किया जारी
-कई निकायों ने ऐसे प्रकरणों के लिए मांगा था सरकार से मार्गदर्शन
-सीएम जन आवास योजना में ऐसे प्रकरणों के लिए नहीं है प्रावधान
-इसी के चलते निकायों ने सरकार से मांगा था मार्गदर्शन
-निकायों में बड़ी संख्या में अटके ऐसे प्रकरणों में मांगा था मार्गदर्शन
नगरीय विकास विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक
-जिन प्रकरणों में की जा चुकी है केवल 90ए की कार्यवाही
-व विकासकर्ता ने योजना निरस्तीकरण के लिए किया है आवेदन
-उन प्रकरणों में शुल्क में दी गई 10 प्रतिशत छूट की राशि की जाए जमा
-और जारी 90 के आदेश को निकायों की ओर से किया जाए निरस्त
-इन्हीं में से जिन प्रकरणों में विकासकर्ता ने नहीं किया है आवेदन
-सीएम जन योजना के तहत योजना निरस्त करने का नहीं किया है आवेदन
-उनमें 90ए की तिथि से छह माह के भीतर भूमि का पट्टा जारी करने,
-भवन निर्माण स्वीकृत कर मौके पर निर्माण कराया जाए शुरू
-इस 6 महीने की अवधि के बाद अगर विकासकर्ता करते हैं आवेदन
-पट्टा लेने व भवन निर्माण स्वीकृति के लिए करते हैं आवेदन तो
-ऐसे प्रकरणों में सीएम जन आवास योजना की नहीं दी जाएगी कोई छूट
ऐसे प्रकरण जिनमें जारी किया जा चुका भूमि का पट्टा
-लेकिन विकासकर्ता ने किया है अब अन्य उपयोग के लिए आवेदन
-सीएम जन आवास योजना के बजाए अन्य उपयोग के लिए किया है आवेदन
-ऐसे प्रकरणों में निकाय पहले विकासकर्ता से जमा कराएंगे राशि
-जन आवास योजना के तहत दी समस्त छूट की पहले कराएंगे जमा
-इसके बाद अन्य उपयोग के लिए नियमानुसार जारी करेंगे पट्टा
-पहले अगर 5 प्रतिशत भूमि छोड़ी गई है सुविधा क्षेत्र के लिए तो
-दुबारा एकल पट्टा जारी करने पर भी छोड़ी जाएगी इतनी भूमि
-5 प्रतिशत भूमि छोड़ी जाएगी सुविधा क्षेत्र के लिए
ऐसे प्रकरण जिनमें जारी किया जा चुका भूमि का पट्टा
-और इस आदेश के तीन महीने में विकासकर्ता करते हैं आवेदन
-योजना के तहत ही भवन निर्माण स्वीकृति निकाय में करते हैं आवेदन
-तो प्रकरण में सीएम जन आवास योजना 2015 के समस्त प्रावधान होंगे लागू
-अनुमोदित नक्शा जारी होने की तिथि से की जाएगी गणना
-भवन निर्माण अवधि की की जाएगी गणना
-लेकिन तीन महीने के बाद भवन निर्माण स्वीकृति के लिए किया आवेदन तो
-किसी प्रकार की कोई नहीं होगी लागू और
-प्रकरण में समस्त प्रावधान उस सीएम जन आवास योजना के होंगे लागू
-जो योजना उस समय रहेगी लागू
निकायों में कई प्रकरण ऐसे भी हैं जिनमें संबंधित विकासकर्ता चाहते हैं प्रोजेक्ट पूरा करना लेकिन मकानों के निर्माण की अवधि बीत चुकी है. ऐसे प्रकरणों के लिए नगरीय विकास विभाग के इस आदेश में जुर्माना लेकर निर्माण अवधि बढ़ाने के प्रावधान किए गए हैं. इसके अलावा अन्य मामलों में भी विभाग की ओर से स्थिति स्पष्ट की गई है.
गरीबों को नहीं दिए समय पर मकान तो देना होगा जुर्माना
-सीएम जन आवास योजना की अधूरी योजनाओं को लेकर दी राहत
-नगरीय विकास विभाग ने निर्माण अवधि बढ़ाकर दी राहत
-जिन योजनाओं में बीत चुकी है निर्माण की अवधि,उनमें दी राहत
-नगरीय विकास विभाग की ओर से इस बारे में जारी आदेश के मुताबिक
-इस आदेश के छह महीने में विकासकर्ता करते हैं आवेदन
-मकानों के निर्माण की अवधि बढ़ाने के लिए करते हैं आवेदन तो
-31.08.26 तक अवधि बढ़ाने पर बिना जुर्माना बढ़ाई जा सकेगी निर्माण अवधि
-इस तिथि के बाद 6 माह की अवधि बढ़ाने पर 2 हजार रुपए प्रति यूनिट
-एक वर्ष की अवधि बढ़ाने पर 5 हजार रुपए प्रति यूनिट
-2 वर्ष की अवधि बढ़ाए जाने पर 10 हजार रुपए प्रति यूनिट
-3 वर्ष की अवधि बढ़ाए जाने पर 15 हजार रुपए रुपए प्रति यूनिट का देने होगा जुर्माना
-अगर विकासकर्ता इस आदेश के 6 माह गुजरने के बाद करता है आवेदन
-उसे अवधि के अनुसार तय जुर्माने से देना होगा दुगुना जुर्माना
-ऐसी योजनाएं जिनमें निर्माण अवधि फिलहाल पूरी नहीं हुई है
-इसके बावजूद विकासकर्ता को निर्माण अवधि बढ़ाने के लिए करते हैं आवेदन
-तो उनसे भी इसी प्रकार जुर्माने की राशि की जाएगी वसूल
जमीन के दूसरे हिस्से पर ला सकेंगे दूसरी योजना
-मुख्यमंत्री जन आवास योजना को लेकर बड़ी खबर
-प्रकरणों में विकासकर्ता की ओर से अग्रिम कार्यवाही नहीं करने
-व तय अवधि में मकान नहीं बनाने के मामले में की स्थिति स्पष्ट
-नगरीय विकास विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक
-सीएम जन आवास योजना के तहत ऐसी स्वीकृत योजना
-जिसके एक भाग पर सीएम जन आवास योजना के तहत योजना लाने
-व अन्य भाग पर अन्य योजना के लिए विकासकर्ता करते हैं आवेदन
-तो दूसरे भाग पर अन्य योजना निकाय कर सकेंगे अनुमोदित
-बशर्ते पहले भाग पर सीएम जन आवास योजना के लिए हो न्यूनतम क्षेत्रफल
-साथ ही दोनों भागों के लिए हो आवश्यक पहुंच मार्ग की सुनिश्चित्ता
-इसके लिए भूमि का उप विभाजन कराया जाना होगा जरूरी
-दूसरे भाग पर अन्य योजना के लिए नहीं दी जाएगी किसी शुल्क में छूट
सीएम जन आवास योजना के 3B व 3C प्रावधान में स्वीकृत ऐसे प्रकरण
-जिनमें ले आउट प्लान स्वीकृति के बाद जारी नहीं किया गया है पट्टा
-और विकासकर्ता ने प्रोजेक्ट निरस्त करने के लिए किया है आवेदन तो
- प्रकरण में योजना के तहत पूर्व में दी गई छूट की राशि की होगी वसूली
-निकाय विकासकर्ता से करेंगे वसूली
-इसके बाद स्वीकृत ले आउट प्लान करेंगे निरस्त और
-भूमि के भू रूपांतरण के आदेश को भी करेंगे निरस्त
-तय अवधि के बाद प्रोजेक्ट निरस्त करने के आवेदन पर लगेगा जुर्माना
-10 हजार रुपए प्रति यूनिट व अधिकतम 25 लाख रुपए का लगेगा जुर्माना
-3B व 3C प्रावधान में विकासकर्ता अपनी भूमि पर बनाते हैं मकान
-एक से चार मंजिल में बनाते हैं गरीबों के लिए मकान
मुख्यमंत्री जन आवास योजना को लेकर बड़ी खबर
-प्रकरणों में विकासकर्ता की ओर से अग्रिम कार्यवाही नहीं करने
-व तय अवधि में मकान नहीं बनाने के मामले में की स्थिति स्पष्ट
-नगरीय विकास विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक
-सीएम जन आवास योजना के 3Aप्रावधान में स्वीकृत ऐसे प्रकरण
-जिनमें भवन निर्माण स्वीकृति जारी की जा चुकी है और
-विकासकर्ता ने प्रोजेक्ट निरस्त करने के लिए आवेदन किया है
-इन प्रकरणों में विभिन्न शुल्कों में दी गई छूट की होगी वसूली
-साथ ही भवन निर्माण स्वीकृति,जारी पट्टा और
-भू रूपांतरण की कार्यवाही का आदेश निरस्त किया जाएगा
-तय अवधि के बाद प्रोजेक्ट निरस्त करने के आवेदन पर लगेगा जुर्माना
-10 हजार रुपए प्रति यूनिट व अधिकतम 25 लाख रुपए का लगेगा जुर्माना
-3Aप्रावधान में विकासकर्ता को बनाने होते हैं अपनी ही भूमि पर मकान
-चार मंजिल से अधिक मंजिलों में बनाने होते हैं गरीबों के लिए फ्लैट्स
राज्य सरकार की ओर से निकायों की ओर से जारी इस मार्गदर्शन से निकायों में लंबे समय से बड़ी संख्या में अटके प्रकरणों का निस्तारण हो सकेगा.