बाबा श्याम के 12 दिवसीय फाल्गुनी सतरंगी लक्खी मेले का समापन, सूरजगढ़ श्याम दरबार का 377वां निशान चढ़ा मंदिर पर 

बाबा श्याम के 12 दिवसीय फाल्गुनी सतरंगी लक्खी मेले का समापन, सूरजगढ़ श्याम दरबार का 377वां निशान चढ़ा मंदिर पर 

रींगस (सीकर): रींगस के बाबा खाटू श्याम जी के 12 दिवसीय फाल्गुनी सतरंगी लक्खी मेले का आज समापन हो गया. खाटू श्याम मंदिर के शिखर पर वर्षभर लहराने वाला सूरजगढ़ श्याम दरबार का 377वां निशान श्याम दरबार के मंदिर पर चढ़ा. सूरजगढ़ श्याम दरबार के मुख्य पुजारी हजारी प्रसाद इंदौरिया के नेतृत्व में सफेद ध्वज चढ़ाया. नील घोड़े की तस्वीर का ध्वज श्याम बाबा का निशान है. कल नगर भ्रमण पर मंदिर की दहलीज लांघकर भक्तों को दर्शन देने बाबा श्याम निकले थे.

आपको बता दें कि सोमवार को भक्तों को दर्शन देने के लिए रथ पर सवार होकर श्याम सरकार निकले ​थे. पहली बार चांदी के रथ पर सवार होकर बाबा श्याम का नगर भ्रमण पर निकले थे. बाबा श्याम के लिए 125 किलो चांदी का रथ तैयार करवाया गया था. एकादशी पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा. भक्त फूल,लाल, हरे, गुलाबी और केसरिया रंग की गुलाल बरसा रहे थे. बाबा श्याम के जयकारों से खाटूनगरी गुंजायमान हुई. 

खाटूश्यामजी के लिए सोमवार का दिन बेहद खास रहा. क्योंकि इस दिन बाबा श्याम चांदी के नए रथ पर नगर भ्रमण निकले थे. श्याम मंदिर से पूजा के बाद रथ को रवाना किया गया, जिसे भक्तों ने बड़े श्रद्धा और उल्लास के साथ देखा. इस दौरान श्री श्याम मंदिर कमेटी के अध्यक्ष पृथ्वी सिंह चौहान, मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान, पूर्व अध्यक्ष प्रताप सिंह चौहान और मोहनदास सिंह चौहान उपस्थित रहे.

सोमवार को एकादशी पर मंदिर में दर्शनों के लिए भक्तों का सैलाब उमडा. श्याम धणी के दरबार में लाखों अनन्य भक्तों ने शीश नवाकर अरदास की. दूर दराज से भक्त श्याम मंदिर की ओर हाथों में निशान लेकर नाचते गाते मंदिर पहुंचे थे. बाबा श्याम के मेले में मंदिर में हर रोज विदेशी फूलों से अलौकिक श्रृंगार किया गया. श्याम बाबा की जय, खाटू नरेश, हारे का सहारा, त्रिलोकी की जय जैसे अनेक जयकारों से श्याम बाबा की नगरी गूंजी. 

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