जयपुरः राजस्थान विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान स्वास्थ्य अधिकार अधिनियम 2022 राइट टू हेल्थ को लेकर जोरदार हंगामा हुआ. स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कानून की उपयोगिता पर सवाल खड़े कर दिए. खींवसर ने कहा चुनावी कारणों गहलोत सरकार ये कानून लेकर आई थी वो भी बिना रूल्स के. कांग्रेस विधायक हरिमोहन शर्मा ने विधानसभा में सवाल उठाते हुए कोर्ट का हवाला देते हुए सरकार को घेरा. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सदन में कहा कि आम जन के स्वास्थ्य अधिकारों की सरकार को चिंता नहीं निजी अस्पतालों के आगे झुकी सरकार. टोल से छूट से जुड़े सवाल पर भी उपमुख्यमंत्री ने फिलहाल कोई योजना नहीं. बीजेपी विधायक ने अवैद्य खनन का मसला भी उठाया.
बजट सत्र में ये पहला अवसर था जब विपक्ष ने प्रश्नकाल के दौरान वॉक आउट किया. राइट टू हेल्थ कानून पर सदन में जोरदार हंगामा हुआ. सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली. विधायक हरिमोहन शर्मा ने प्रश्न काल में सवाल किया. हरिमोहन शर्मा ने पूछा कि अप्रैल 2023 में अधिसूचित किए गए राइट टू हेल्थ एक्ट के प्रावधानों के लिए अभी तक नए नियम नहीं बनाए गए. शर्मा ने पूछा कि नियम क्यों नहीं बनाए गए, अब तक प्राप्त सुझावों पर क्या निर्णय लिया गया ? इस संबंध में हुई बैठकों का ब्यौरा क्या है ? साथ ही राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा नियम बनाने को लेकर दिए गए नोटिस और सरकार के जवाब की प्रति भी मांगी ? इस पर चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने दिया जवाब. खींवसर ने अपने जवाब में कहा कि एक्ट को जिस तरीके से लाया गया वह अलोकतांत्रिक था और उस समय चुनाव नजदीक थे. इस कानून के कारण प्रदेश में हड़ताल हुई और चिकित्सा व्यवस्था ठप हो गई. मंत्री खींवसर ने कहा कि राज्य में पहले से ‘मां योजना’ के तहत 5 करोड़ लोगों को 25 लाख रुपये तक का इलाज कवर और 2179 पैकेज की सुविधा मिल रही है, ऐसे में अलग से इस एक्ट की आवश्यकता नहीं थी. उन्होंने यह भी कहा कि बजट के पैरा 86 में लावारिस एवं मानसिक विमंदित व्यक्तियों के निशुल्क उपचार का प्रावधान किया गया है. मंत्री के बयान पर कांग्रेस विधायकों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया
स्वास्थ्य मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में ऐसा पहली बार हुआ. चिकित्सा मंत्री खींवसर ने साफ कहा कि हमारी सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बेहतरीन योजना चला रखी है, ऐसे में जरूरी नहीं कि इस कानून के नियम बने. पूववर्ती सरकार ने आननफानन में अधिनियम लेकर आये थे. विपक्ष ने निमय बनाने की मंशा पर सवाल उठाते हुए वेल में आकर किया प्रदर्शन और फिर किया वॉक आउट. उधर, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने X के जरिये चिकित्सा मंत्री के बयान को मेडिकल खर्च से परेशान गरीब और मध्यम वर्ग के जख्मों पर नमक छिड़कने के समान बताया. संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि मामला अदालत में चल रहा है. हालांकि प्रतिपक्ष का विरोध जारी रहा. स्पीकर वासुदेव देवनानी ने भी हंगामा कर रहे विधायकों को टोका और कहा कि मैं प्रश्नकाल तक स्थगित कर सकता हूं हंगामा उचित नहीं हालांकि कांग्रेस विधायकों ने वॉक आउट किया जोगाराम पटेल ने कहा कि कांग्रेस का विरोध गलत था
राज्य राजमार्गों पर हल्के मोटर वाहनों के टोल शुक्ल से मुक्ति ले सवाल पर सरकार ने साफ किया कि टोल मुक्त करने को लेकर सरकार का कोई विचार नहीं है. दरअसल, हल्के वाहनों को टोल मुक्त करने का फिलहाल कोई विचार नहीं. विधायक विक्रम बंशीवाल ने राज्य राजमार्गों पर हल्के मोटर वाहनों को टोल शुल्क से मुक्त करने को लेकर प्रश्न उठाया. उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने बताया कि 14 मई 2018 को हल्के वाहनों को टोल मुक्त किया गया था, लेकिन बाद में अधिसूचना निरस्त कर दी गई. वर्तमान में सरकार का हल्के वाहनों को टोल मुक्त करने का कोई विचार नहीं है. उन्होंने बताया कि राज्य में 83 सड़कों पर विभिन्न एजेंसियों द्वारा टोल वसूला जा रहा है , इसके साथ टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर की परिधि में रहने वालों को मासिक पास की सुविधा उपलब्ध है. वहीं, प्रश्नकाल में विधायक गोविंद प्रसाद ने मनोहर थाना क्षेत्र में पुलिस चौकी और थानों की स्थापना को लेकर सवाल उठाया. मंत्री जवाहर सिंह ने बताया कि मनोहर थाना के ल्हास क्षेत्र में पुलिस चौकी खोलने की घोषणा हो चुकी है. इस पर नेता प्रतिपक्ष ने पूछा कि क्या एसपी के प्रस्ताव के बाद घोषणा की गई. राज्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि पुलिस चौकी निर्धारित नियमों और मापदंडों के आधार पर ही खोली जाती है.
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान भीलवाड़ा के बांधो में मत्स्य पालन को लेकर सवाल लगा, जिसके जवाब में सरकार ने कहा कि मत्स्य पालन के टेंडरों की जांच होगी. दरअसल, भीलवाड़ा के टेंडरों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए भाजपा विधायक गोपीचंद मीणा ने सवाल किया था, जिस पर मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा पूरे टेंडरों की जांच कराई जाएगी , सभी टेंडर जयपुर से नियंत्रित होंगेधोद विधानसभा क्षेत्र में संचालित आंगनबाड़ी केंदों को लेकर भाजपा विधायक गोवर्धन वर्मा ने सवाल पूछा, जिसके जवाब में उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि नवीन आंगन बाड़ी केंद्र खोलने का कोई विचार प्रस्तावित नहीं.