Panchayat Election 2026: पहले चरण का चुनाव प्रचार खत्म, मतदान कर्मियों के सामने होगी बड़ी परीक्षा

जयपुर: प्रदेश में पंचायती राज चुनाव के  पहले चरण के लिए आज से चुनाव प्रचार थम गया है . जिला परिषद की 293 और पंचायत समिति की 1,788 सीटों पर चुनावी मुकाबला होगा, जबकि 13 प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं. पहले चरण में 85 लाख से ज्यादा मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. लेकिन इस बार पंचायत चुनाव में मतदान दलों के सामने एक बड़ी चुनौती भी है. 

जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव EVM से होंगे, जबकि सरपंच और पंच के चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएंगे. खास बात यह है कि मतपत्रों पर प्रत्याशियों के नाम पहले से छपे नहीं होंगे, बल्कि मतदान दल के कार्मिकों को हाथ से लिखने होंगे. नामांकन के अगले ही दिन मतदान होने के कारण एक रात में मतपत्र तैयार करने और उनकी जांच करने की जिम्मेदारी भी इन्हीं कार्मिकों पर होगी. 

पंचायत चुनाव का डाटाबेस 
- जिला परिषद की 293 सीटों पर चुनाव
- पंचायत समिति की 1,788 सीटों पर चुनाव
- जिला परिषद के 3 प्रत्याशी निर्विरोध
- पंचायत समिति के 10 प्रत्याशी निर्विरोध
- कुल 13 प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित
- 22 अक्टूबर को जिला परिषद-पंचायत समिति मतदान
- 24 अक्टूबर को पंच-सरपंच के चुनाव

पंचायती राज चुनाव के पहले चरण में अब चुनावी मुकाबले का परिणाम दो दिन बाद EVM में कैद हो जाएगा . 

प्रत्याशियों ने प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है. पंचायत समिति सदस्य पदों की बात करें तो 104 पंचायत समितियों के 1,788 वार्डों में चुनाव होंगे. 

इन सीटों पर 5,233 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं, जबकि 10 प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं. 

वहीं जिला परिषद सदस्य पदों की 293 सीटों पर चुनाव होना है और 3 प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं. 

इस तरह दोनों श्रेणियों में कुल 13 प्रत्याशी निर्विरोध चुने जा चुके हैं. पहले चरण में अजमेर, अलवर, बाड़मेर, भीलवाड़ा, बीकानेर, डूंगरपुर, जयपुर, झालावाड़, जोधपुर, कोटा, नागौर, पाली, फलोदी, राजसमंद, सिरोही और उदयपुर में चुनावी मुकाबला होगा. अब प्रत्याशियों की नजर मतदाताओं को अपने पक्ष में करने पर है. हालांकि आज शाम से प्रचार प्रसार थम जाएगा. 

पहले चरण में कुल मतदाता: 85,07,306
- पुरुष मतदाता: 43,86,768
- महिला मतदाता: 41,20,511
- थर्ड जेंडर: 27

सबसे ज्यादा मतदाता
- भीलवाड़ा: 8,94,918
- जयपुर: 7,43,640
- उदयपुर: 7,33,784
- बाड़मेर: 6,88,347
- नागौर: 6,53,641

सबसे कम मतदाता
- बीकानेर: 2,67,602

पहले चरण में 85 लाख 7 हजार 306 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे. इनमें 43 लाख 86 हजार 768 पुरुष, 41 लाख 20 हजार 511 महिला और 27 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं.
जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो भीलवाड़ा में सबसे ज्यादा 8 लाख 94 हजार 918 मतदाता हैं, जबकि बीकानेर में सबसे कम 2 लाख 67 हजार 602 मतदाता हैं. जयपुर, उदयपुर, बाड़मेर और नागौर में भी बड़ी संख्या में मतदाता गांव की सरकार चुनेंगे.
इस चुनाव में 41 लाख से ज्यादा महिला मतदाताओं की भूमिका अहम रहने वाली है. 

--- पहले चरण में पंच-सरपंच का चुनाव ----
- ग्राम पंचायतें: 3,314
- सरपंच पद: 3,314
- वार्ड पंच पद: 28,682
- मतदान: 24 अक्टूबर
- मतदान का समय: सुबह 7 से शाम 6 बजे तक
- मतदान के तुरंत बाद मतगणना

पंचायत चुनाव में इस बार सबसे अलग व्यवस्था सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव में देखने को मिलेगी. पहले चरण में 3,314 ग्राम पंचायतों में सरपंच पद और 28,682 वार्डों में पंच पद के लिए चुनाव होंगे.

जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव EVM से कराए जाएंगे, जबकि सरपंच और पंच के लिए मतपत्र और मतपेटियों का इस्तेमाल होगा. 
खास बात यह है कि मतपत्रों पर प्रत्याशियों के नाम पहले से छपे नहीं होंगे. मतपत्रों पर चुनाव चिह्न अंकित होंगे और प्रत्याशियों की अंतिम सूची के अनुसार उनके नाम हाथ से लिखे जाएंगे.

यानी नामांकन, जांच, नाम वापसी और चुनाव चिह्न आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतदान दलों को मतपत्र तैयार करने होंगे. नामों की सही वर्तनी, संबंधित चुनाव चिह्न के सामने सही प्रत्याशी का नाम और मतपत्रों की जांच बेहद महत्वपूर्ण होगी.

--- एक रात में तैयार होंगे मतपत्र! ---
- 23 अक्टूबर: पंच-सरपंच के नामांकन की प्रक्रिया
- प्रत्याशियों की अंतिम सूची तैयार
- चुनाव चिह्न के सामने हाथ से लिखे जाएंगे नाम
- मतपत्रों की जांच और मतदान केंद्र की तैयारी
- 24 अक्टूबर: सुबह 7 बजे से मतदान

पहले चरण में मतदान दल 21 अक्टूबर को रवाना होंगे.
22 अक्टूबर को जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान कराया जाएगा.
इसके बाद 23 अक्टूबर को पंच और सरपंच पदों के लिए नामांकन, संवीक्षा, नाम वापसी और चुनाव चिह्न आवंटन की प्रक्रिया पूरी होगी.
अगले ही दिन यानी 24 अक्टूबर को सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो जाएगा. ऐसे में मतदान दलों के पास मतपत्र तैयार करने, प्रत्याशियों के नाम लिखने, उनकी जांच करने और मतदान केंद्र की व्यवस्थाएं पूरी करने के लिए सीमित समय रहेगा. 
यही वजह है कि एक रात में बैलेट पेपर तैयार करना चुनावी प्रबंधन की बड़ी चुनौती माना जा रहा है. मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद ग्राम पंचायत मुख्यालय पर मतगणना होगी. इसके अगले दिन 25 अक्टूबर को उपसरपंच का चुनाव कराया जाएगा. इस तरह मतदान दलों को रवानगी से लेकर उपसरपंच चुनाव तक लगातार पांच दिन तक चुनावी प्रक्रिया संभालनी होगी.

--- एक चरण में पांच दिन का चुनावी कार्यक्रम ---
- 21 अक्टूबर: मतदान दलों की रवानगी
- *22 अक्टूबर: जिला परिषद-पंचायत समिति मतदान
- 23 अक्टूबर: पंच-सरपंच नामांकन और चुनाव चिह्न आवंटन
- 24 अक्टूबर: पंच-सरपंच मतदान और मतगणना
- 25 अक्टूबर: उपसरपंच का चुनाव

राजस्थान में पंचायती राज चुनाव चार चरणों में कराए जा रहे हैं. प्रत्येक चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के मतदान के बाद ग्राम पंचायत स्तर पर पंच-सरपंच के चुनाव होंगे.
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दूसरे चरण में 28 अक्टूबर को जिला परिषद-पंचायत समिति, 30 अक्टूबर को पंच-सरपंच और 31 अक्टूबर को उपसरपंच का चुनाव होगा.
तीसरे चरण में ये तारीखें 3, 5 और 6 नवंबर रहेंगी, जबकि चौथे चरण में 14, 16 और 17 नवंबर को चुनावी प्रक्रिया पूरी होगी. 
मतदान का समय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक निर्धारित है. अलग-अलग पदों के लिए EVM और बैलेट पेपर की व्यवस्था, मतपत्रों की तैयारी, मतदान, मतगणना और उपसरपंच चुनाव की जिम्मेदारी के बीच मतदान दलों के समय प्रबंधन और सावधानी की अहम परीक्षा होगी.

| चरण | जिला परिषद-पंचायत समिति | पंच-सरपंच | उपसरपंच |
| पहला | 22 अक्टूबर | 24 अक्टूबर | 25 अक्टूबर |
| दूसरा | 28 अक्टूबर | 30 अक्टूबर | 31 अक्टूबर |
| तीसरा | 3 नवंबर | 5 नवंबर | 6 नवंबर |
| चौथा | 14 नवंबर | 16 नवंबर | 17 नवंबर |

राजस्थान में पंचायती राज चुनाव के पहले चरण में गांव की सरकार बनाने की जंग अब निर्णायक मोड़ पर है. 22 अक्टूबर को जिला परिषद और पंचायत समिति के लिए EVM से मतदान होगा, जबकि 24 अक्टूबर को सरपंच और पंच के लिए बैलेट पेपर से वोट डाले जाएंगे. 85 लाख से ज्यादा मतदाताओं के फैसले के साथ 41 लाख से ज्यादा महिला मतदाताओं की भूमिका पर भी नजर रहेगी.