मुंबई : गाजियाबाद सुसाइड केस पर सोनू सूद ने एक वीडियो पोस्ट किया है. उन्होंने कहा कि गाजियाबाद में तीन युवतियों की जान चली गई. ये बच्चियां हारी नहीं थी. अकेली पड़ गई थीं. ऑनलाइन और सोशल मीडिया की दुनीया में हम अपने बच्चों को इतना आगे छोड़ आए हैं कि हमें उनकी चुप्पी सुनाई नहीं देती.
कुछ समय पहले मैंने गुहार लगाई थी कि 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन हो लेकिन हम अपनी जिंदगी में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि हम ये भूल जाते हैं कि हमारे परिवार के अंदर एक और ऐसा सदस्य है जो हमारा मोबाइल पर हमारे जो बच्चे हैं वो ज्यादा समय बिताना चाहते हैं.
अगर हम चाहते हैं की उनकी जिंदगी हमारी जिंदगी उनका भविष्य हमारे देश का भविष्य बेहतर हो तो सबसे पहले ये बैन लगाना बहुत जरूरी है. आप सोचिए की उन्हें स्क्रीन नहीं उन्हें हमारा साथ चाहिए. बच्चों को मोबाइल नहीं हमारी मौजूदगी चाहिए. डांट नहीं हमारी बातचीत चाहिए. लेकिन हमारे पास भी कहां समय है उनके लिए.
क्योंकी हमने उनके हाथ में एक सोशल मीडिया से लैश मोबाइल फोन थमा दिया है. कि वो पढ़ते रहें देखते रहें पढ़ाई के लिए टैक्नोलॉजी जरूरी है लेकिन इसका मतलब ये नहीं की हम उस टैक्नोलॉजी के लिए अपने बच्चों की जान को खतरे में डाल दें. पढ़ाई के लिए मोबाइल फोन होने चाहिए लेकिन सोशल मीडिया के लिए नहीं. खासकर कम उम्र के बच्चों के लिए.
बता दें कि उत्तरप्रदेश के गाजियाबाद में 3 सगी बहनों ने 9वीं मंजिल से छलांग लगाकर अपनी जान दे दी. तीनों बहनों को कोरियन लवर टास्क बेस्ड गेम खेलने की लत लग गई थी. पैरेंट्स ने जब उन्हें डांटा, तो उन्होंने सुसाइड कर ली.
Social media can wait. Childhood can’t. 🙏 pic.twitter.com/KByJ38D1oS
— sonu sood (@SonuSood) February 4, 2026