कोटाः अब इंजीनियरिंग की पढ़ाई में भी बेटियां परचम लहरा रही है. बेटियां बेटों से कम नहीं है. बीते 10 वर्षों में आईआईटी में 4 गुना तक गर्ल पावर बढ़ी है. 2018 में शुरू हुए फीमेल सुपर न्यूमेरेरी सीट पूल से तस्वीर बदल रही है.
इस सिस्टम से पीछे की रैंक की छात्राओं को भी दाखिले मिले है. केवल IIT में ही 2016 के 847 के मुकाबले 2025 में 3664 छात्राएं हुई.