जैसलमेर: अकाल और सूखे पर अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान में 16 अगस्त से ही अकाल जैसे हालात बनने लगे थे. सरकार ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए. मानसून खत्म होने से पहले ही 11 महीने के राहत कार्य खोलने की नौबत. अकाल प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत कार्य शुरू करने की मांग. ग्रामीण इलाकों में हालात चिंताजनक, पशुधन पर संकट, पशुओं को बचाने के लिए चारा डिपो खोलने की मांग. लोग पानी के टैंकरों पर 1,000 से 1,500 रुपये खर्च कर रहे.
सरकार तत्काल करें व्यवस्था:
पेयजल संकट दूर करने के लिए सरकार तत्काल व्यवस्था करें. मनरेगा में रोजगार और मजदूरी उपलब्ध कराने की मांग है. अकाल प्रभावित जिलों के दौरे की शुरुआत जैसलमेर से की. सीमावर्ती जिले में अकाल के हालात का विशेष महत्व है. सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में राहत के प्रभावी इंतजाम करें.
कांग्रेस आगामी चुनावों में जनता के मुद्दे उठाएगी:
आगामी पंचायती राज चुनावों को लेकर कांग्रेस सक्रिय है. जिला और ब्लॉक स्तर पर वरिष्ठ पर्यवेक्षकों की नियुक्तियां. कांग्रेस ने चुनावी तैयारियां तेज करने का दावा किया. कांग्रेस संगठनात्मक मजबूती के साथ जनता के बीच जाएगी. पंचायत चुनावों को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में सक्रियता है. जिला और ब्लॉक स्तर पर संगठन को मजबूत करने पर जोर. कांग्रेस आगामी चुनावों में जनता के मुद्दे उठाएगी. अकाल, पेयजल और पशु चारे के मुद्दों पर सरकार को घेरेगी. स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर पार्टी तैयार है.
शब्दों का चयन बेहद जरूरी:
संवेदनशील मामलों में शब्दों का चयन बेहद जरूरी है. पहलगाम और पुलवामा आतंकी हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि आतंकवाद को लेकर नेताओं को सतर्क रहने की सलाह दी. मदन राठौड़ को अपना बयान स्पष्ट करने की बात कही. बयान के संदर्भ को समझने की जरूरत है. मामले में किंतु-परंतु के बजाय स्पष्ट जवाब देने की मांग की. मदन राठौड़ विवाद खत्म करने के लिए स्थिति स्पष्ट करें. सफाई नहीं देने पर लंबे समय तक मुद्दा चर्चा में रहेगा.