जयपुर : खनन विभाग द्वारा राजस्व संग्रहण में नया इतिहास रचते हुए वित्तीय वर्ष 2024-25 के पहले चार माह में गत वित्तीय वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 29 प्रतिशत ग्रोथ के साथ 2797 करोड़ रुपए का राजस्व संग्रहण किया हैं. खास बात यह है कि जुलाई, 23 की तुलना में जुलाई, 24 की राजस्व संग्रहण की विकास दर 69 प्रतिशत अधिक रही है.
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के मार्गदर्शन में राज्य का खान विभाग राजस्व अर्जन से लेकर माइनिंग ब्लॉक्स के ऑक्शन में नया रेकार्ड कायम करता जा रहा है. मेजर मिनरल माइंस की नीलामी में राजस्थान देश में पहले नंबर पर आ गया है. मुख्य सचिव सुधांश पंत और माइंस एवं पेट्रोलियम सचिव आनन्दी द्वारा राज्य स्तर पर माइंस विभाग की वसूली सहित प्रमुख गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है. सरकारी राजस्व की छीजत रोकने, राजस्व बढ़ाने के लिए विभागीय मोनेटरिंग व्यवस्था को मजबूत करने और नियमित समीक्षा के परिणाम स्वरुप माइंस विभाग को रिकॉर्ड राजस्व संग्रहण में उल्लेखनीय सफलता मिली है.
निदेशक भगवती प्रसाद कलाल ने बताया कि गत वित्तीय वर्ष के शुरुआती चार माह में 2163 करोड़ 70 लाख रुपए का राजस्व अर्जित हुआ था जबकि इस वित्तीय वर्ष में 29 प्रतिशत ग्रोथ के साथ 2797 करोड़ रु. का राजस्व अर्जित किया गया है. एसएमई वृत कार्यक्षेत्र में राजसमंद 133.24 प्रतिशत लक्ष्य अर्जित कर प्रदेश में पहले पायदान पर पहुंच गया है. एसएमई वृत कार्यालयों में भरतपुर, दूसरे व अजमेर तीसरे स्थान पर रहे हैं. इसी तरह से राशि की दृष्टि से सर्वाधिक 587 करोड़ का राजस्व एमई भीलवाड़ा चंदन कुमार ने वसूल किया हैं वहीं 427 करोड़ की वसूली के साथ एमई राजसमंद द्वितीय ललीत बाछरा रहे हैं.
चालू वित्तीय वर्ष के जुलाई माह में राजस्व अर्जन में 68 प्रतिशत की रिकार्ड ग्रोथ रही है वहीं वित्तीय वर्ष के अप्रेल से जुलाई तक पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में समग्र रुप से 29 फीसदी ग्रोथ रही है. अप्रेल से जुलाई के चार माह में एसएमई राजसमंद अनिल खमेसरा की टीम ने 503 करोड़ 27 लाख का राजस्व वसूली 133.28 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है. एसएमई भरतपुर हरीश गोयल के मार्गदर्शन में 118 करोड़ 75 लाख राजस्व वसूली कर 121.89 प्रतिशत उपलब्धि अर्जित की है. अजमेर एसएमई जय गुरुबख्सानी के कार्यक्षेत्र में 208 करोड़ 32 लाख की वसूली कर 108 प्रतिशत से अधिक वसूली की है. इसी तरह से राजस्व वसूली में एसएमई जयपुर एनएस शक्तावत, बीकानेर धर्मेन्द्र लुहार, जोधपुर भीमसिंह के कार्यक्षेत्र में भी 100 प्रतिशत से अधिक राजस्व संग्रहण रहा है.
राशि की दृष्टि से सर्वाधिक 587 करोड़ की एमई भीलवाड़ा चंदन कुमार ने और एमई राजसमंद द्धितीय ललीत बाछरा ने 427 करोड़ की वसूली कर पहले और दूसरे नंबर पर रहे है. अतिरिक्त निदेशक माइंस के कार्य क्षेत्रानुसार कोटा जोन के महावीर प्रसाद मीणा के जोन में 110.42 प्रतिशत, उदयपुर दीपक तंवर के जोन में 110.18 प्रतिशत, जयपुर बीएस सोढ़ा के जोन में 103.81 प्रतिशत और जोधपुर वाईएस सहवाल के जोन में 103.34 प्रतिशत राजस्व संग्रहण रहा है.
एमई जयपुर श्याम कापड़ी, गोटन, भरतपुर, जालौर, राजसमंद प्रथम व द्वितीय सहित 49 में से 20 एमई, एएमई कार्यालयों में 100 प्रतिशत से भी अधिक राजस्व संग्रहण रहा है. प्रदेश में योजनावद्ध तरीके से मिनरल ब्लॉकों की ई-नीलामी, अवैध खनन गतिविधियों पर कार्रवाई, नियमित मॉनिटरिंग, दिशानिर्देश के क्रियान्वयन व आपसी समझ व समन्वय से लक्ष्यों से अधिक राजस्व अर्जित किया जा सका है. रेकार्ड राजस्व अर्जन के लिए विभाग के अधिकारियों व कार्मिकों को बधाई देते हुए टीम भावना व परस्पर समन्वय से यह रिकॉर्ड राजस्व संग्रहण संभव हो पा रहा है.