विधायक राजेंद्र मीणा के सवाल पर मंत्री कन्हैयालाल चौधरी का जवाब, कहा-वास्तव में जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार हुआ था

विधायक राजेंद्र मीणा के सवाल पर मंत्री कन्हैयालाल चौधरी का जवाब, कहा-वास्तव में जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार हुआ था

जयपुर: राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र जारी है. महुआ विधानसभा क्षेत्र में जल जीवन मिशन योजना के कार्यों का सवाल पूछा गया. विधायक राजेंद्र मीणा के सवाल पर मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने जवाब देते हुए कहा कि वास्तव में जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार हुआ था. कामों में लापरवाही भी हुई थी, ED के मुकदमे दर्ज हुए थे. सीबीआई भी आई थी, 200 से ज्यादा अधिकारी दोषी थे. उनके लिए हमने 16 सीसी में और चार्जशीट दी गई. इनके क्षेत्र में गणपति ट्यूबवेल और श्याम ट्यूबवेल ने काम किया था. जिन्होंने फर्जी सर्टिफिकेट बनकर काम किया था. उनके खिलाफ मुकदमे भी दर्ज किया जा चुके हैं. हमारे पास राजस्थान में जो भी मामले आ रहे हैं. दोषी निकल रहे, उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कराई जा रहे है. राजेंद्र मीणा ने पूछा कि-'गर्मियों का मौसम है आगामी दिनों में है. महवा दौसा में पेयजल की क्या व्यवस्था करेगी सरकार ? मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने कहा कि जब हम गणपति शाम ट्यूबवेल कंपनी पर कार्रवाई कर रहे थे, तो इन्होंने कोर्ट से स्टे ले लिया. इस बार जनता को जल उपलब्ध कराना हमारी सर्वाधिक प्राथमिकता है, तो न्यायालय में प्रकरण होने के कारण हम चरणबद्ध रूप से गांव में जिलों की उपलब्धता करवाएंगे.

हवा महल क्षेत्र की इन कॉ​लोनियों का मामला उठा सदन में:
हवा महल विधानसभा क्षेत्र में कई बस्तियों का नियमन नहीं होने का मामला सदन में उठा. विधायक बालमुकुंदाचार्य ने कहा कि रियासतकाल से बसी कॉलोनी का नियमन नहीं किया जा रहा है. औण्डा महादेव मंदिर, शिवाजी नगर कच्ची बस्ती, बेरिया बस्ती, गुर्जर बस्ती, ललिता कॉलोनी, राणा कॉलोनी, इंदिरा वर्मा कॉलोनी, ओम शिव कॉलोनी, टाटानगर शास्त्री नगर, जल महल के सामने गुर्जर घाटी सहित अनेक क्षेत्र, जहां नागरिक रियासत कालीन महाराज महाराजाओं के समय से बसे हैं. इसके बावजूद आज तक इन क्षेत्रों में नगर निगम जयपुर द्वारा नियमन नहीं किया गया. नियमन के अभाव में सड़क नाली सीवरेज जैसे मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित है. राज्य और केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित है. 

मानवीय आधार पर नियमन नीति लागू की जाए:
विधायक बालमुकुंदाचार्य ने कहा कि नियमन में देरी से पीछे मास्टर प्लान में अभाव, नगर निगम, जेडीए, राजस्व विभाग के बीच अधिकार क्षेत्र का विवाद प्रमुख कारण है. इसके साथ ही जेडीए के नाम दर्ज भूमि को नगर निगम के नाम नहीं किया गया. राजस्व विभाग के गैरमुमकिन पहाड़ और आबादी परिवर्तन नहीं किया गया. नाहरगढ़ इको सेंसेटिव जोन नोटिफाई सीमा के कारण क्षेत्र प्रभावित हो रहा है. इन क्षेत्रों के लिए मानवीय आधार पर नियमन नीति लागू की जाए. आवासीय गैर मुमकिन आवास की श्रेणी में शामिल किया जाए. वर्षों से उपेक्षित नागरिकों का वैधानिक और मानवीय अधिकार दिलाए जाएं.

हमने 3 लाख मैट्रिक टन अतिरिक्त सप्लाई की:
विधायक इंदिरा मीणा ने सवाई माधोपुर में खाद बीज वितरण का सवाल पूछा. मंत्री डॉ.किरोड़ी लाल मीणा ने जवाब देते हुए कहा कि हमने 3 लाख मैट्रिक टन अतिरिक्त सप्लाई की. हरिमोहन शर्मा के बीच में बोलने पर डॉ.मीणा ने कहा कि जो भी खाद्य डिस्ट्रीब्यूशन किया है हमने डिमांड से ज्यादा वितरण किया. थोड़ी बहुत यह त्रुटि हो सकती है कि लाइन लगने की समस्या हो सकती है. हमने उसको भी दुरुस्त किया है. 

मंत्री ने कई डीलरों को सस्पेंड भी किया:
फिर इंदिरा मीणा ने कहा कि हमने देखा की लाइन लगी हुई थी. मंत्री ने कई डीलरों को सस्पेंड भी किया और सस्पेंड कर दिया तो फिर वापस बहाल क्यों किया? मंत्री डॉ.किरोड़ी लाल मीणा ने जवाब देते हुए कहा कि लापरवाही पर हमने सस्पेंड किया, संतुष्ट पूर्ण जवाब आने पर हमने बहाल किया. लापरवाही हुई है उसमें हमने मुकदमे दर्ज कराए और कार्रवाई भी की. 

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पूरक प्रश्न पूछा: 
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पूरक प्रश्न पूछा. उन्होंने कहा कि स्कूल और हॉस्पिटलों के सामने संकेतक समेत अन्य मापदंड है या नहीं है? आपने कह दिया कि भारत सरकार से कोई मापदंड नहीं है? ऐसे कैसे होता है यह तो पहले से ही निर्धारित है. संकेतक लगते हैं स्कूलों के बाहर भी लगते हैं कि वहां धीरे चलें. पूरे प्रदेश में दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ रही है. उस आधार पर अस्पतालों और स्कूलों के बाहर संकेतक और स्पीड ब्रेकर बनाने का विचार है या नहीं ? उप मुख्यमंत्री डॉ.प्रेमचंद बैरवा ने जवाब देते हुए कहा कि समय-समय पर हमारी मीटिंग होती है. नियमों के अनुसार स्पीड ब्रेकर और संकेतक लगाए जाते हैं. हम जो चालान करते हैं वह भी मोटर व्हीकल एक्ट के द्वारा करते हैं. जो आप पूछ रहे हो उसका हमारे पास जवाब नहीं है.