VIDEO: चेसिस निरीक्षण में अब नहीं चलेगी लापरवाही, परिवहन विभाग का डिजिटल निगरानी वाला कदम, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: परिवहन विभाग ने वाहन पंजीयन और चेसिस निरीक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पर अंकुश लगाने के लिए बड़ा फैसला लिया है. विभाग ने अब चेसिस इंस्पेक्शन की पूरी प्रक्रिया की अनिवार्य वीडियोग्राफी करने के निर्देश जारी किए हैं ,नए निर्देशों के अनुसार संबंधित अधिकारी को निरीक्षण के दौरान 5 से 10 मिनट का वीडियो रिकॉर्ड करना होगा और उसे सुरक्षित रखना भी अनिवार्य होगा.

विभाग को लंबे समय से यह शिकायतें मिल रही थीं कि कई मामलों में चेसिस निरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठते रहे हैं. ऐसे मामलों में यह साबित करना मुश्किल होता था कि निरीक्षण वास्तव में नियमानुसार किया गया या नहीं. इसी को देखते हुए परिवहन विभाग ने तकनीक का सहारा लेते हुए वीडियोग्राफी व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है. नए आदेश के तहत चेसिस निरीक्षण करने वाले अधिकारी को वाहन के चेसिस नंबर, वाहन की स्थिति और निरीक्षण की पूरी प्रक्रिया का वीडियो रिकॉर्ड करना होगा. 

यह वीडियो केवल औपचारिकता नहीं होगा, बल्कि भविष्य में किसी शिकायत, जांच या विवाद की स्थिति में इसे साक्ष्य के रूप में उपयोग किया जा सकेगा. विभाग ने स्पष्ट किया है कि रिकॉर्ड किए गए वीडियो को सुरक्षित रखना संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी होगी.महत्वपूर्ण बात यह है कि आवश्यकता पड़ने पर यह वीडियोग्राफी उच्च अधिकारियों को भी उपलब्ध करानी होगी. यदि किसी निरीक्षण को लेकर संदेह उत्पन्न होता है या किसी स्तर पर जांच की जरूरत पड़ती है तो वीडियो फुटेज के आधार पर पूरे मामले की समीक्षा की जा सकेगी. इससे निरीक्षण प्रक्रिया की जवाबदेही भी बढ़ेगी और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी.

चेसिस इंस्पेक्शन की अब अनिवार्य होगी वीडियोग्राफी
-निरीक्षण अधिकारी को 5 से 10 मिनट का वीडियो बनाना होगा
-वीडियो रिकॉर्ड सुरक्षित रखना होगा अनिवार्य
-जरूरत पड़ने पर उच्च अधिकारियों को दिखानी होगी फुटेज
-निरीक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर विभाग का जोर
-गड़बड़ी, फर्जीवाड़े और विवादों पर रोक लगाने के लिए उठाया गया कदम.

परिवहन विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था के लागू होने से फर्जीवाड़े, दस्तावेजी हेरफेर और बिना वास्तविक निरीक्षण के होने वाली संभावित गड़बड़ियों पर काफी हद तक रोक लगेगी. साथ ही वाहन मालिकों को भी यह भरोसा मिलेगा कि निरीक्षण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के अनुरूप की जा रही है. विभागीय अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से भविष्य में किसी भी तरह की जांच अधिक आसान और निष्पक्ष हो सकेगी. निरीक्षण से जुड़े सभी तथ्यों का वीडियो रिकॉर्ड उपलब्ध होने के कारण जवाबदेही तय करने में भी सुविधा होगी. यही वजह है कि परिवहन विभाग इस व्यवस्था को प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रहा है. विशेषज्ञों का भी मानना है कि सरकारी प्रक्रियाओं में तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था लागू होने से पारदर्शिता बढ़ती है और भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम होती हैं. चेसिस इंस्पेक्शन की वीडियोग्राफी का निर्णय भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है.