प्रत्येक ब्लॉक मुख्यालय पर होगा स्वैच्छिक रक्तदान शिविर, चिकित्सा विभाग का वॉलंटरी ब्लड डोनेशन को बढ़ावा देने पर फोकस, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः प्रदेशभर के सरकारी ब्लड बैंकों में रक्त की कमी को देखते हुए चिकित्सा विभाग से वॉलंटरी ब्लड डोनेशन पर विशेष फोकस शुरू कर दिया है. इसके तहत फील्ड अधिकारियों को प्रत्येक ब्लॉक मुख्यालय पर प्रतिमाह कम से कम एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर के आयोजन का लक्ष्य दिया गया है. इसके पीछे विभाग का तर्क ये है कि स्थानीय स्तर पर पर्याप्त रक्त उपलब्ध रहने से प्रसूताओं के गंभीर ऑपरेशन के दौरान समय पर रक्त मिल सकेगा और रिप्लेसमेंट के लिए उनके परिजनों को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा. 

प्रमुख चिकित्सा सचिव गायत्री राठौर ने आज स्वास्थ्य भवन से आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान फील्ड अधिकारियों को स्वच्छ रक्तदान शिविरों की जिम्मेदारी सौंपी.  उन्होंने निर्देश दिए कि सभी रक्तदान शिविरों में राजकीय ब्लड सेंटर की रक्त संग्रहण टीम के माध्यम से ही रक्त संग्रहण कराया जाए, जिससे संबंधित क्षेत्र में रक्त की उपलब्धता बनी रहे. उन्होंने कहा कि जिन ब्लड बैंकों द्वारा संग्रहित रक्त का अत्यधिक डिस्कार्ड किया जा रहा है, उनके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए.

ई-रक्तकोष पोर्टल पर सूचना रोजाना की जाए अपडेट 
चिकित्सा विभाग का वॉलंटरी ब्लड डोनेशन को बढ़ावा देने पर फोकस
विभागीय अधिकारियों की बैठक में प्रमुख चिकित्सा सचिव गायत्री राठौड़ ने दिए निर्देश 
सभी ब्लड सेंटर को प्रतिदिन ई-रक्तकोष पोर्टल पर रक्त की उपलब्धता की सूचना देने के निर्देश
उन्होंने कहा कि ब्लड सेंटर पोर्टल पर विवरण अनिवार्य रूप से दर्ज करें, 
ताकि प्रदेशभर में रक्त भंडार की प्रभावी निगरानी एवं 
आवश्यकता अनुसार उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके
बैठक में प्रमुख शासन सचिव ने बीकानेर, उदयपुर, बांसवाड़ा, 
जनाना अस्पताल जयपुर, एमडीएम अस्पताल जोधपुर, श्रीगंगानगर तथा 
एसएमएस अस्पताल जयपुर में दर्ज मातृ मृत्यु के मामलों की विस्तार से समीक्षा की
उन्होंने संबंधित चिकित्सकों के साथ उपचार व्यवस्था एवं 
प्रोटोकॉल पर चर्चा करते हुए आवश्यक सुधारात्मक निर्देश दिए
आदिवासी जिलों के सीएमएचओ को गर्भवती महिलाओं के बेहतर पोषण एवं 
नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए

जिन दवाओं की हो गई RC, उनकी फील्ड में जल्द हो उपलब्धता
विभागीय अधिकारियों की बैठक में प्रमुख चिकित्सा सचिव गायत्री राठौड़ ने दिए निर्देश 
सभी चिकित्सा संस्थानों में उपलब्ध चिकित्सा उपकरणों की सूची तैयार करने तथा 
खराब उपकरणों की तत्काल मरम्मत अथवा प्रतिस्थापन सुनिश्चित करने के निर्देश
बैठक में चिकित्सा सेवाओं में उपयोग होने वाली दवाइयों एवं 
आवश्यक सामग्री की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई
इस दौरान RMSCL MD पुखराज सैन ने बताया कि अधिकांश दवाओं की हो चुका रेट कॉन्ट्रैक्ट 
तो PHS ने फील्ड में इन दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के दिए निर्देश     

बरसात के मौसम को देखते हुए प्रमुख शासन सचिव ने जर्जर भवनों में संचालित सरकारी गतिविधियों को तत्काल सुरक्षित भवनों में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए. साथ ही उन्होंने कहा कि सभी डिलीवरी पॉइंट वाले चिकित्सा संस्थानों में आवश्यक संसाधन एवं सुविधाएं पूर्ण रूप से उपलब्ध रहें, ताकि गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें. बैठक में मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. जोगाराम, चिकित्सा शिक्षा आयुक्त बाबूलाल गोयल, प्रबंध निदेशक आरएमएससीएल पुखराज सैन, अतिरिक्त मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. टी. शुभमंगला, कार्यवाहक निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. नरोत्तम शर्मा, निदेशक आरसीएच डॉ. मधु रतेश्वर सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे.