नई दिल्ली : UP समेत देशभर में फर्जी टोल कलेक्शन घोटाले में ED ने शिकंजा कसा है. यूपी, एमपी, राजस्थान, महाराष्ट्र, जम्मू, प.बंगाल, NCR से जुड़े 14 ठिकानों पर रेड की है. NHAI सर्वर के समानांतर फर्जी/पायरेटेड सॉफ्टवेयर बनाकर अवैध वसूली हो रही थी. UP STF ने टोल चोरी का खुलासा किया था.
टोल वसूली का सिर्फ 5% सरकारी रिकॉर्ड और 95% का घोटाला हो रहा था. टोल संचालकों, IT कर्मियों और आरोपियों के बीच रकम बांटने का आरोप है. ED डिजिटल रिकॉर्ड, बैंक खाते और बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज खंगाल रही है. घोटाले की रकम के अंतिम लाभार्थियों तक पहुंचने में ED जुटी है.
फर्जी FASTag के से ओवर लोडेड-कमर्शियल वाहनों को निकालने का खेल जारी था. UP STF और केंद्रीय जांच एजेंसियों के रडार पर कई टोल संचालक-तकनीकी एक्सपर्ट हैं. वाराणसी से टोल घोटाले के कथित मास्टरमाइंड आलोक सिंह को गिरफ्तार किया गया था.
आलोक सिंह पर हरहुआ में रहकर अवैध नेटवर्क ऑपरेट करने का आरोप है. वाराणसी के लाला नगर टोल प्लाजा पर ₹62.87 करोड़ की स्टांप चोरी का मामला भी जांच में है. देशभर के 200 से अधिक टोल प्लाजा की जांच जारी है.