जयपुर : मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने अपना जन्मदिन अनूठे अंदाज में मनाया. उन्होंने इस दिन को अनुभव शेयर करने का बड़ा अवसर मानते हुए अपने स्टाफ के साथ केक काटकर और उनसे संवाद व फीडबैक लेकर जन्मदिन के नवाचार की शुरुआत की है.
आम तौर पर आईएएस अधिकारियों और बड़े बड़े अधिकारियों के जन्मदिन पर तामझाम दिखते हैं. वहीं मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने अपना जन्मदिन अलग अंदाज में सादगी से अपने मुख्य सचिव स्टाफ के साथ विचार विमर्श और उनके साथ केक काटकर मनाया.
मेल-मुलाकात
जन्मदिन के दिन सबसे पहले मुख्य सचिव अपने स्टाफ से मिले.
इस दिन उन्होंने सीएस ऑफिस के पूर्व संयुक्त सचिव मुकेश शर्मा को बुलाया. साथ ही ओएसडी विजय सिंह और मौजूदा सीएस ऑफिस संयुक्त सचिव सीमा कुमार के साथ बातचीत की.
इसके बाद उन्होंने सचिवालय समिति कक्ष प्रथम में स्टाफ के साथ बैठक की और मुकेश शर्मा से उनके अनुभव जाने.
मुख्य सचिव को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने फोन पर बात करके जन्मदिन की शुभकामनाएं दी.
इसके बाद मुख्य सचिव से एसीएस कुलदीप रांका,प्रमुख सचिव टी.रविकांत ने मुलाकात करके शुभकामनाएं दीं.
डीजीपी राजीव शर्मा ने सीएस के कक्ष में आकर उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं.
एक्सटेंशन के बाद था पहला जन्मदिन
मुख्य सचिव वी.श्रीनिवास को 6 माह का एक्सटेंशन बीस अगस्त को मिला है जिसके बाद यह पहला जन्मदिन था जो कि खास रहा.
मुलाकात का दौर कुछ समय जारी रहने के बाद सीएस ने सचिवालय में बैठकें लीं और शाम तक वे राजकाज में व्यस्त रहे.
इस दौरान एसीएस राजेश यादव ने उनसे मुलाकात करके शुभकामनाएं दीं.
वहीं प्रमुख सचिव गायत्री राठौड़ ने भी उनसे मुलाकात करके शुभकामनाएं दीं. पीएचईडी के अधिकारियों ने भी शुभकामनाएं दीं.
इसके बाद राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष किशोर मकवाना ने डीजीपी राजीव शर्मा के साथ उनसे मुलाकात की.
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा सीएस के मॉडल को
वी. श्रीनिवास के ई गवर्नेंस के मॉडल को देश भर में तो पहचान मिली ही है, रोम में आईआईएएस कॉन्फ्रेंस में भी सराहा गया.
इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में देश को और राजस्थान को ई गवर्नेंस के बेहतरीन मॉडल के रूप में पेश किया गया.
--- पीएम मोदी के विजन को किया साकार ---
मुख्यमंत्री जनसंपर्क पोर्टल के हेल्पलाइन में उन्होंने आईएएस अधिकारियों की कॉल सुनने की ड्यूटी लगाई. इसके तहत विशिष्ट सचिव और संयुक्त सचिव स्तर तक के अधिकारियों ने खुद परिवादियों से फोन पर परिवेदना सुनकर निस्तारण किया.
वहीं उन्होंने विभागों में हेल्पलाइन और शिकायत निस्तारण मैकेनिज्म को सक्रिय रूप देकर नागरिक केन्द्रित सेवाओं को नए आयाम दिए.
वहीं डी रेग्यूलेशन के पहले चरण में उनके नेतृत्व में ब्यूरोक्रेसी ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए भूमि, श्रम, उपयोगिताओं, अनुमोदन व निरीक्षण से जुड़े 23 प्राथमिक सुधार लागू होने से अनुमोदन प्रक्रियाएं तेज हुई हैं, अनुपालन का बोझ कम हुआ है और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिला है.
ई फाइलिंग सिस्टम में भी उन्होंने ब्यूरोक्रेसी को अटकाने,लटकाने और भटकाने की प्रवृत्ति छोड़कर अलग-अलग चरणों को कम करने में अपनी भूमिका निभाई.
नागरिक केन्द्रित सेवाओं पर जोर देते हुए विभागों को आम जनता की सेवाओं से जुड़े विभागों में शिकायत निवारण का मैकेनिज्म विकसित करने,पोर्टल पर ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं देने सहित अन्य पहलुओं पर जोर दिया.
इसके चलते आम लोगों के लिए उनकी सेवा या काम बहुत सुलभ हो सका है और राजस्थान मॉडल के रूप में स्थापित हो सका है.
पीएम मोदी के मैंडेट और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विजन को उन्होंने ब्यूरोक्रेसी से बेहतर तालमेल से लागू करवाया. इन सब कारणों के चलते केन्द्र ने उन्हें 6 माह का एक्सटेंशन दिया है.
एक्सटेंशन के बाद अब वे 28 फरवरी 2027 तक राजस्थान के मुख्य सचिव बने रहेंगे जिसे ब्यूरोक्रेसी में सुशासन की नई उम्मीद के रूप में देखा जा रहा है.