निकाय और पंचायत चुनाव की जंग, कांग्रेस में पिछले 5 दिनों से बैठकों का दौर जारी, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः निकाय औऱ पंचायत चुनाव की जंग जीतने के लिए कांग्रेस में बैठकों का दौर जारी है. प्रदेश नेतृत्व अब तक तमाम जिलों और 200 विधानसभा कोऑर्डिनेटर से  मंथन कर चुका है. कल शेष नेताओं के साथ फिर एक बड़ी बड़ी बैठक होगी. बैठकों का दौर समाप्त होने के बाद कांग्रेस अपने प्रचार,मुद्दे और रणनीति को फाइनल टच देगी. वहीं टिकटों के ऑनलाइन आवेदन फॉर्मूले का दावेदारों में अच्छा रिस्पॉन्स देखने को मिल रहा है.

कांग्रेस ने 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले हो रहे निकाय और पंचायत चुनाव को लेकर पूरी कमर कस ली है. चुनावी जंग जीतने के लिए कांग्रेस हर पहलू और हर रणनीति को अंजाम देने में जुटी हुई है. इसके लिए पिछले पांच दिन से कांग्रेस में बैक टू बैक बैठकों और मंथन का दौर जारी है. चुनाव में क्या मुद्दे होने चाहिए,प्रचार का तरीका अपनाया जाया और गुटबाजी पर कैसे ब्रेक लगाए जाए. इन तमाम मसलों को लेकर बैठक में गहन विचार-विमर्श जारी है. बैठकों का सिलसिला समाप्त होने के बाद कांग्रेस पार्टी अपनी रणनीति का खुलासा करेगी.

निकाय और पंचायत चुनाव का रण
कांग्रेस में बैक टू बैक बैठकों और मंथन का दौर जारी 
पिछले 5 दिन से लगातार कांग्रेस में चुनावी रणनीति पर हो रहा है मंथन
तीन दिन में 200 विधानसभा कोऑर्डिनेटर से लिया गया फीडबैक
फिर पीसीसी में जिलेवार 50 जिलों के नेताओं से हुई चर्चा
वॉर रूम में दिग्गज नेताओं से लिए गए अहम सुझाव
अब कल जयपुर में फिर होगी एक बड़ी बैठक
गुटबाजी,मुद्दे,प्रचार,टिकट वितरण औऱ रणनीति पर हो रहा है मंथन
मंथन के बाद दिग्गज नेता शुरु करेंगे प्रचार
हर निकाय चुनाव के अलग अलग घोषणा पत्र होंगे जारी
जल्द कईं चुनावी कमेटियों का भी होगा गठन

वहीं बात टिकट वितरण की करें तो नामांकन का नोटिफिकेशन जारी होते ही कांग्रेस पार्टी टिकटों का वितरण शुरु कर देगी. टिकटों के लिए कांग्रेस का एक ऑनलाइन आवेदन का फार्मूला तो एक सामने आ चुका है. पिछले तीन दिन में करीब 5 हजार दावेदारों ने टिकटों के लिए आवेदन किया है. दावेदार के लिए ऑनलाइन आवेदन की अनिवार्यता के चलते संभावना है कि लाखों में यह आंकड़ा पहुंच सकता है. तमाम आवेदन आने के बाद उनकी स्कूटनी होगी. फिर दिग्गज नेता औऱ जिला अध्यक्ष आपसी सहमति से एक नाम तय करेंगे. हालांकि विधायक औऱ विधानसभा चुनाव लड़े प्रत्याशियों की पसंद पर ही अधिकतर टिकट बांटी जाएगी.

दरअसल कांग्रेस विपक्ष में रहते हुए इन चुनाव को एक तरह से सेमीफाइनल मुकाबला मानकर चल रही है. कांग्रेस को पता है कि परिणाम सरकार के ढाई साल के कामकाज को तय कर देंगे. इसलिए कांग्रेस चुनावी रणनीति में किसी भी तरह की कोई चूक नहीं चाहती. लिहाजा हर रणनीति को साधने के लिए बैठकों के जरिए उसका तोड़ खोजने में जुटी हुई है. अब देखते है इतनी मशक्कत के बाद कांग्रेस के लिए परिणाम कैसे आते हैं.    

निकाय औऱ पंचायत चुनाव की जंग
कांग्रेस में पिछले 5 दिनों से बैठकों का दौर जारी
सभी 50 जिलों के नेताओं के साथ किया मंथन
तमाम 200 विधानसभा कोऑर्डिनेटर से भी लिया फीडबैक
कल फिर प्रभारी औऱ पीसीसी चीफ शेष नेताओं से करेंगे चर्चा
चुनावी रणनीति,मुद्दे,प्रचार,गुटबाजी औऱ टिकट वितरण जैसे मुद्दों को साधने की कोशिश
ऑनलाइन टिकट मांगने के फार्मूले के तहत आए अभी 5 हजार आवेदन