जयपुर: राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र जारी है. सदन में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली संबोधित कर रहे हैं. टीकाराम जूली ने भीष्म पितामह द्वारा युधिष्ठर को सुनाए श्लोक से शुरुआत करते हुए कहा कि जो राजा असत्य बोलता है उसकी प्रजा उसे त्याग देती है. सरकार को यह भी नहीं पता कि जनता से कितने वादे किए. 128 वादे किए , लेकिन इनकी हकीकत क्या है.
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि मैं सिविल लाइंस में रहता हूं. मुझे पता है कौन से मंत्री के दरवाजे खुले रहते हैं. पत्रकारों के लिए घोषणाए पूरी नहीं की. आपकी सरकार बनते ही हमारी सरकार के काम रोके गए.
जूली ने सदन में सरकार का सर्कुलर पढ़ कर सुनाया. 75 साल के इतिहास में किसी सरकार ने ऐसा आदेश नहीं निकाला. विधायक कहते हैं जनता नहीं सुनती. एक विधायक काम के लिए थानेदार के पैर पकड़ लेता है. कोई विधायक धरने की तो कोई मरने की धमकी देता है.
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि मंत्री व राज्य मंत्री के बीच प्रधान हटाने का झगड़ा चल रहा है. जूली ने कानून व्यवस्था पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार पंचायत व निकाय चुनाव क्यों नहीं कराना चाहती. मुझे लगता है कि सरकार की जय रामजी हो गई है.