जयपुर VIDEO: अब कम खर्चें में छत पर पैदा हो सकेगी बिजली ! केन्द्र-राज्य की रूफ टॉप सोलर को बढ़ावा देने की बड़ी कवायद, देखिए, ये खास रिपोर्ट

VIDEO: अब कम खर्चें में छत पर पैदा हो सकेगी बिजली ! केन्द्र-राज्य की रूफ टॉप सोलर को बढ़ावा देने की बड़ी कवायद, देखिए, ये खास रिपोर्ट

जयपुर:  प्रदेश में खुद की छत पर सोलर प्लांट लगाकर बिजली पैदा करने का सपना देख रहे घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है.ऐसे उपभोक्ता अब 40 फीसदी तक के कम खर्चे पर सोलर प्लांट लगाकर बिजली बना रहेंगे.यह बिजली न सिर्फ वो घर में उपयोग करेंगे, बल्कि जरूरत से अधिक बिजली पैदा होने पर उसे डिस्कॉम को बेचकर पैसा भी कमा सकेंगे.आखिर क्या है केन्द्र-राज्य सरकार की रूफ टॉप सोलर को बढ़ावा देने और जनता की जेब के भार को कम करने की योजना.प्रदेश में नेट मीटरिंग के तहत हजारों की तादात में उपभोक्ता रूफ टॉप सोलर लगाने के इच्छुक है.

लेकिन सोलर प्लांट लगाने के भारी-भरकर खर्चे के बोझ तले उनकी इच्छाएं दबी हुई है,लेकिन अब ऐसा नहीं होगा,क्योंकि केन्द्र व राज्य सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को अधिक से अधिक रूफ टॉप सोलर से जोड़ने के लिए बड़ी कवायद शुरू की है.इस कवायद को राजस्थान में अमलीजामा पहनाने का जिम्मा ऊर्जा विभाग ने अजमेर डिस्कॉम को दिया है.अजमेर डिस्कॉम के एमडी एनएस निर्वाण के निर्देश में अतिरिक्त मुख्य अभियंता प्रोजेक्ट मुकेश बालडी ने 55 मेगावाट के रूफ टॉप सोलर प्रोजेक्ट के टेण्डर फाइनल किए है.डिस्कॉम एमडी निर्वाण की माने तो जयपुर डिस्कॉम के क्षेत्राधिकार में 25 मेगावाट,अजमेर-जोधपुर डिस्कॉम के क्षेत्राधिकारी में कुल 15-15 मेगावाट के सोलर प्लांट लगाए जाएंगे.इसके लिए डिस्कॉमवार वेण्डर भी तय कर दिए गए है.

अब जेब पर भारी नहीं पड़ेगा छत पर बिजली बनाने का सपना !:
-ग्रिड कनेक्टेड रूफ टॉप सोलर प्रोजेक्ट को सब्सिडी से मिलेगी रफ्तार
-अभी 1 किलोवाट का सोलर प्लांट लगाने के लिए देने पड़ते है 40 हजार रुपए
-लेकिन अब 20 से 40 फीसदी की सब्सिडी पर लगाए जा सकेंगे सोलर प्लांट
-तीन किलोवाट तक के प्लांट पर उपभोक्ता को मिलेगी 40 फीसदी की सब्सिडी
-जबकि इससे अधिक क्षमता के प्लांट पर 20 फीसदी सब्सिडी का प्रावधान
-चार पार्ट में 500 किलोवाट क्षमता तक के लगाए जा सकेंगे सोलर प्लांट

जयपुर डिस्कॉम में सर्वाधिक 25 मेगावाट के लगेंगे रूफटॉप सोलर:
-केन्द्र-राज्य की रूफ टॉप सोलर को बढ़ावा देने की बड़ी पहल
-प्रदेश में 55 मेगावाट के रूफ टॉफ सोलर के लिए वेण्डर तय
-डिस्कॉम प्रशासन ने जनरल व ओपन केटेगिरी में तय किए है वेण्डर
-जनरल कैटेगिरी में जयपुर डिस्कॉम में 50, अजमेर डिस्कॉम में 25 व
-जोधपुर डिस्कॉम में 23 वेण्डरों को सौंपा गया सोलर प्लांट लगाने का जिम्मा
-जबकि ओपन केटेगिरी में जयपुर डिस्कॉम में 69, अजमेर में 20 व
-जोधपुर डिस्कॉम क्षेत्राधिकार में 17 वेण्डर लगाएंगे घरों पर सोलर प्लांट

अजमेर डिस्कॉम प्रशासन ने 55 मेगावाट के रूफ टॉप सोलर प्रोजेक्ट के टेण्डर फाइनल करने के साथ ही वेण्डर व अधिकतम दाम भी तय कर दिए है.हालांकि, प्रदेश में डिस्टेंस के हिसाब से डिस्कॉमवार अलग-अलग केटेगिरी में अलग अलग दाम फीक्स किए गए है, लेकिन साथ ही ये भी पाबन्दी लगाई है इससे अधिक राशि किसी भी उपभोक्ता से वेण्डर वसूली नहीं करेगा.इसके लिए बकायदा एक पोर्टल बनाया जा रहा है, जहां से पूरे प्रोजेक्ट की डिस्कॉमवार मॉनिटरिंग होगी.

सब्सिडी लेंगे सबसे ज्यादा, तो खर्च भी उसी अनुपात में बढ़ेगा !:
-केन्द्र-राज्य की रूफ टॉप सोलर को बढ़ावा देने की बड़ी पहल
-अजमेर डिस्कॉम ने तीनों कम्पनियों के लिए तय किए अधिकतम दाम
-एक से तीन किलोवाट की श्रेणी में जयपुर डिस्कॉम में 43500 रुपए
-अजमेर व जोधपुर डिस्कॉम में 44000 रुपए प्रति किलोवाट में लगेंगे प्लांट
-3 से 10 किलोवाट की श्रेणी में जयपुर डिस्कॉम में 40991 रुपए
-अजमेर व जोधपुर डिस्कॉम में 41900 रुपए प्रति किलोवाट में लगेंगे प्लांट
-10 से 100 किलोवाट की श्रेणी में तीनों डिस्कॉम में रहेगी एक समान दर
-36500 रुपए प्रति किलोवाट के हिसाब से वेण्डर लगा सकेंगे सोलर प्लांट
-100 से 500 किलोवाट की श्रेणी में 35000 रुपए तय किए गए है दाम

नेट मीटरिंग के तहत सस्ती कीमत पर रूफ टॉप सोलर लगाने के लिए हजारों उपभोक्ता कतार में है.ऐसे में देखना ये होगा कि फील्ड में क्रियान्वयन के दौरान बिजली अभियंता इन उपभोक्ताओं की उम्मीद को कितना पूरा कर पाते है.क्योंकि जब तक फील्ड अभियंता दिलचस्पी नहीं दिखाएंगे और मुख्यालय स्तर से सख्त मॉनिटरिंग नहीं होगी, तब तक योजना अपनी मंशा के अनुरूप लोगों को राहत नहीं दे पाएगी.

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