नई दिल्ली वित्त मंत्री सीतारमण ने DRI अधिकारियों से नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल बड़ी मछलियों पर कार्रवाई करने को कहा

वित्त मंत्री सीतारमण ने DRI अधिकारियों से नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल बड़ी मछलियों पर कार्रवाई करने को कहा

वित्त मंत्री सीतारमण ने DRI अधिकारियों से नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल बड़ी मछलियों पर कार्रवाई करने को कहा

नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को प्रवर्तन एजेंसियों से कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल 'बड़ी मछलियों' पर कार्रवाई करें. उन्होंने कहा कि यह पता लगाने की जरूरत है कि बहुत मात्रा में नशीले पदार्थों को कौन भेज रहा है. वह राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) के 65वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रही थीं.

वित्त मंत्री ने कहा कि राजस्व खुफिया अधिकारियों को प्रत्येक मामले को जल्द से जल्द तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने की कोशिश करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से तस्कर कुछ सबूत छोड़ देंगे, जिनके आधार पर मुख्य अपराधी तक पहुंचना चाहिए. सीतारमण ने कहा कि आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि तस्कर आपसे अधिक चालक न हों. हमें कड़ी मेहनत करने की जरूरत है. नशीले पदार्थों के पाउच या एक किलोग्राम कोकीन के साथ किसी को पकड़ लेना पर्याप्त नहीं है. देश में नशीले पदार्थों के पहाड़ को कौन भेज रहा है, जो इसके लिए पैसे लगा रहा है. और इसे संभव बना रहा है, उसे पकड़ना होगा.

खबरें भी लोगों के मन में सवाल उठाती हैं:
हाल के महीनों में गुजरात के बंदरगाहों पर भारी मात्रा में ड्रग्स पकड़े जाने की पृष्ठभूमि में उनका यह बयान आया है. पिछले हफ्ते गुजरात में लगभग 478 करोड़ रुपये की 143 किलोग्राम ड्रग्स जब्त की गई थी. उन्होंने कहा कि डीआरआई द्वारा नशीले पदार्थों की जब्ती की खबरें भी लोगों के मन में सवाल उठाती हैं कि गिरफ्तार किए गए लोगों में से कितने जेल गए, और वास्तव में इसके पीछे कौन है.

बड़े संचालकों को पकड़ने में सक्षम हैं:
वित्त मंत्री ने कहा कि आप छोटे-छोटे फेरीवालों, तस्करों, खच्चरों को पकड़ रहे हैं. क्या यह पर्याप्त है? जनता का विश्वास हासिल करने के लिए यह बिल्कुल भी पर्याप्त नहीं है. क्या आप ऐसे मामलों के बड़े संचालकों को पकड़ने में सक्षम हैं, जो पर्दे के पीछे हैं. उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि डीआरआई अधिकारी को मुख्य अपराधियों तक पहुंचने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और वैश्विक समन्वय पर अधिक जोर देना चाहिए. सोर्स-भाषा

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