इटावा साहब ये ज़िंदगी का जुआ है दांव लग गया तो वारे न्यारे वरना पिक्चर ख़त्म:  अभिनेता रवि पांडेय

साहब ये ज़िंदगी का जुआ है दांव लग गया तो वारे न्यारे वरना पिक्चर ख़त्म:  अभिनेता रवि पांडेय

साहब ये ज़िंदगी का जुआ है दांव लग गया तो वारे न्यारे वरना पिक्चर ख़त्म:  अभिनेता रवि पांडेय

इटावा (अक्षय कुमार): मूलरूप से उत्तर प्रदेश के ईटावा के रहने वाले रवि पांडेय ने 2002 में एमबीए की पढ़ाई छोड़ दी और थिएटर ज्वाइन कर लिया. उसके बाद रवि पांडेय ने राजेश दुआ और अरुण माथुर के साथ अभिनय की बारीकियां सीखीं और कई नाटकों में मुख्य किरदार निभाए. रवि पांडेय 9 अक्टूबर 2004 को मुंबई पहुंचे. रवि पांडेय ने बताया कि वो फिल्म इंडस्ट्री में किसी को जानते भी नहीं थे, लेकिन मुझे पता था कि अंधेरी वेस्ट में कई बड़े प्रोडक्शन हाउस हैं. उसके बाद मैं सभी की तरह संघर्ष करने लगा, लेकिन इस यात्रा में मेरे बड़े भाई अरविंद पांडेय ने और मेरे पूरे परिवार ने भी बहुत साथ दिया, शुरू में मेरे पिता लक्ष्मी नारायण पांडेय फिल्म लाइन के खिलाफ थे लेकिन बाद में वे मान गए.

शुरुआत में मुझे डीडी 1, डीडी मेट्रो के सीरियल में काम करने का मौका मिला, उसके बाद क्राइम पेट्रोल, सावधान इंडिया...आदि. साल 2010 में रवि पांडेय ने दो हिंदी फिल्में कीं, जिसमें मुझे अनुपम खेर और आशीष विद्यार्थी जैसे महान अभिनेताओं के साथ एडमिशन ओपन में और केके मेनन, राजपाल यादव के साथ बेनी और बबलू में काम करने का मौका मिला, लेकिन दुर्भाग्य से दोनों फिल्में बॉक्स ऑफ़िस पर नहीं चली.

वहीं 2020 में आई वेबसीरीज भौकाल में सलीम के रूप में अभिनेता रवि पांडेय के प्रदर्शन को काफी सराहा गया, इसके लिए अभिनेता रवि पांडेय ने अपने लेखक मित्र जय बंसल,  निर्देशक जतिन वागले , और निर्माता हरमन बवेजा   , विक्की बहरी सर और एप्लॉज एंटरटेनमेंट को धन्यवाद दिया. अभिनेता रवि पांडेय ने बताया मेरी अगली बॉलीवुड फिल्म डैमेज विद सॉल्ट फिल्म्स जल्द ही फ्लोर पर जा रही है, जिसमें मैं उस के लिए एक बहुत ही प्रमुख भूमिका निभा रहा हूं.

मैं अपने कास्टिंग डायरेक्टर सोनू सिंह राजपूत और मेरे निर्देशक अनीस शेरोन खान का आभारी हूं, लेकिन मैं इसके लिए ज्यादा खुलासा नहीं कर सकता है. मेरे निर्माता के साथ अनुबंध के अनुसार फिल्म के बारे में बहुत कुछ नहीं बता सकता हूं. सबसे पहले रंगमंच बहुत जरूरी है फिर प्रतिभा, समर्पण और धैर्य. इसके बाद सफलता की कोई गारंटी नहीं साहब ये जिंदगी का जुआ है दांव लग गया तो वारे न्यारे वर्ना पिक्चर खतम.

और पढ़ें