जयपुर : राजस्थान के बजट में रणथंभौर–रामगढ़–मुकुंदरा टाइगर कॉरिडोर के लिए विशेष बजटीय पैकेज संभव है. बाघों की सुरक्षित आवाजाही के लिए लैंडस्केप लेवल संरक्षण योजना को प्राथमिकता मिल सकतीहै. जयपुर–अलवर बेल्ट में बढ़ते मानव–लेपर्ड संघर्ष पर अलग प्रबंधन नीति प्रस्तावित हो सकती है.
कॉरिडोर से जुड़े गांवों में सड़क, पानी, रोजगार कार्यों के लिए अतिरिक्त फंडिंग हो सकती है. कैमरा ट्रैप नेटवर्क और AI आधारित निगरानी सिस्टम विस्तार की तैयारी है. अंतरराज्यीय वन्यजीव मूवमेंट के लिए समन्वित बजटीय ढांचा बनाने की कवायद जारी है.
राजस्थान–मध्यप्रदेश के बीच टाइगर ट्रांजिट रूट पर संयुक्त निगरानी मॉडल संभव है. कॉरिडोर क्षेत्रों में इको-टूरिज्म और आजीविका परियोजनाओं को बढ़ावा मिलेगा. स्थानीय समुदायों को संरक्षण भागीदार बनाने पर विशेष फोकस रहेगा.
वन्यजीव मृत्यु दर घटाने को हाईवे अंडरपास–ओवरपास कार्यों को गति देने प्रे-बेस सुधार, घासभूमि विकास और जल स्रोत सुदृढ़ीकरण पर खर्च बढ़ेगा. राजस्थान के टाइगर लैंडस्केप को राष्ट्रीय संरक्षण मॉडल बनाने की दिशा में कदम.