जयपुर: राजस्थान में खांसी की दवा के "साइड इफेक्ट" के बढ़ते मामलों पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गंभीरता दिखाई है.मासूम बच्चों से जुड़े संवेदनशील प्रकरण में सीएम ने चिकित्सा विभाग के आलाधिकारियों की बैठक बुलाई. साथ ही "केस-टू-केस" जानकारी ली.इस दौरान सामने आया कि भरतपुर और सीकर में जिन दो बच्चों की मौत हुई है, उन्हें डेक्सट्रोमेथॉरफन हाइड्रोब्रोमाइड सिरप नहीं लिखी गई.ऐसे में प्रकरणों की विस्तृत जांच करने और लापरवाही सामने आने पर सख्त एक्शन के निर्देश दिए गए.इसके साथ ही प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जागरूता के लिए एडवाइजरी जारी करने के भी निर्देश दिए गए.
प्रदेश में संचालित नि:शुल्क दवा योजना के तहत वितरित खांसी की सीरप की गुणवत्ता की शिकायत के प्रकरण पर सूबे के सीएम भजनलाल शर्मा काफी गंभीर है.कई जिलों से दवा के साइड इफेक्ट की सूचनाओं पर सीएम ने प्रसंज्ञान लिया और चिकित्सा विभाग के आलाधिकारियों को बुलाकर एक एक केस के बारे में रिपोर्ट ली.इस दौरान सामने आया कि भरतपुर एवं सीकर जिले में जिन दो बच्चों की मौत की बात सामने आई है, उन्हें खांसी की दवा डेक्सट्रोमैटोरफन नहीं लिखी गई थी.
एक चिकित्सक और फार्मासिस्ट पर गिरेगी कार्रवाई की गाज:
-सीकर जिले में हाथीदेह पीएचसी में बच्चों को खांसी की प्रतिबंधित दवा लिखे पर एक्शन
-मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देश पर निदेशक पीएच डॉ रविप्रकाश शर्मा ने शुरू की कार्रवाई
-दरअसल, Dextromethorphan HBr Syrup चार से कम उम्र के बच्चों को नहीं दी जाती
-बावजूद इसके सीकर के अजीतगढ़ ब्लॉक की हाथीदेह पीएचसी पर दवा लिखने की बात आई सामने
-ऐसे में चिकित्सक डॉ. पलक एवं फार्मासिस्ट पप्पू सोनी को निलंबित करने की शुरू की गई कार्रवाई
दवा के सेवन से नहीं हुई किसी बच्चे की मौत:
-चिकित्सा विभाग के आलाधिकारियों से "केस-टू-केस" जारी की रिपोर्ट
-रिपोर्ट के अनुसार भरतपुर के कलसाडा निवासी 30 वर्षीय मोनू जोशी की बिगड़ी थी तबीयत
-25 सितम्बर, 2025 को खांसी-जुकाम व बुखार होने पर सीएचसी कलसाडा आए थे मोनू
-चिकित्सक ने उन्हें अन्य दवाओं के साथ लिखी थी Dextromethorphan HBr Syrup
-मोनू जोशी ने अपने तीन वर्षीय पुत्र गगन को जुकाम व निमोनिया होने पर दे दी ये दवा
-गगन की तबीयत ज्यादा खराब होने पर वे तुरन्त चिकित्सक डॉ. अशोक जैन के पास महुआ लेकर गए
-डॉ. अशोक जैन ने मरीज की गम्भीर अवस्था को देखते हुए उसे जेके लोन रैफर कर दिया गया
-25 सितम्बर को ही दोपहर 2 बजे गगन को जेके लोन हॉस्पिटल में भर्ती किया गया
-मरीज की स्थिति में सुधार होने पर उसे 27 सितम्बर को डिस्चार्ज कर दिया गया
-भरतपुर में तीन भाई बहनों में से एक की मौत को लेकर विभाग की रिपोर्ट में खुलासा
-18 सितम्बर 2025 को नहनी उम्र 50 साल उप केन्द्र, मलाह पर दिखाने आई थी
-जिसे उप केन्द्र स्तर की पीसीएम दवाई दी गई थी
-जिस बच्चे सम्राट की मौत होना खबर में प्रकाशित हुआ है वो पहले से निमोनिया से ग्रसित था
-उसे भरतपुर से जयपुर रैफर किया गया था, सम्राट की मृत्यु 22 सितम्बर को हुई थी
-वहीं सीकर के ग्राम खोरी के नित्यांश की मृत्यु के संबंध में आई रिपोर्ट
-7 जुलाई बच्चे को बुखार-जुकाम की शिकायत पर सीएचसी चिराना,झुंझुनूं में दिखाया गया था
-रोगी की पर्ची में सिरप डैक्ट्रमैथोरफन नहीं लिखी गई थी
-28 सितंबर को रात्रि 9 बजे बच्चे को फिर हल्की खांसी की शिकायत हुई
-तो पहले से घर में रखी डैक्स्ट्रोमैथोरफन 5 एमएल कफ सिरप माता ने बच्चे को दी थी
-29 सितम्बर को रात्रि 2 बजे बच्चे ने पानी पिया और सो गया, लेकिन सुबह बच्चा बेसुध मिला
-बच्चे को राजकीय श्री कल्याण अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया
-इस प्रकार दोनों ही बच्चों की मौत के मामले में चिकित्सक द्वारा डैक्स्ट्रोमैथोरफन दवा नहीं लिखी गई है
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने प्रकरण में आवश्यक कार्यवाही के साथ ही प्रिसक्रिप्शन लिखने में प्रोटोकॉल का पालन करने तथा रोगियों को प्रिसक्रिप्शन से ही दवा उपलब्ध कराने तथा रोगियों द्वारा बिना चिकित्सकीय परामर्श के दवा नहीं लेने के संबंध में एडवाइजरी भी जारी की है. देर रात प्रदेशभर के चिकित्सक, फार्मासिस्ट, एएनएम/आशा/सीएचओ और आमजन की जिम्मेदारी तय करते हुए एडवाजरी जारी की गई है.
प्रदेशभर के चिकित्सक, फार्मासिस्ट, एएनएम/आशा/सीएचओ और:
-आमजन की जिम्मेदारी तय करते हुए चिकित्सा विभाग ने जारी की एडवाजरी
-निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ रविप्रकाश शर्मा की तरफ से जारी की गई एडवाजरी
-एडवाजरी में चिकित्सकों को सलाह दी गई है कि बाल रोगियों में रखा जाए विशेष ध्यान
-खांसी के लिए Dextromethorphan युक्त सिरप का प्रयोग यथासंभव न करें
-4 वर्ष से कम आयु के बच्चों में यह दवा न दें
-बच्चों में खांसी के कारण की पहचान कर उसका उपयुक्त उपचार करें
-Dextromethorphan देते समय परिजन को दुष्प्रभाव और सुरक्षित खुराक की जानकारी दें
-यदि किसी बच्चे में Dextromethorphan के दुष्प्रभाव की जानकारी प्राप्त होती है
-तो तुरंत जिला अधिकारी के माध्यम से निदेशालय को अवगत करावें
-एडवाजरी में फार्मासिस्ट को सलाह दी गई है कि वे दवा वितरण में रखे सावधानी
-बिना चिकित्सकीय पर्ची के Dextromethorphan सिरप का वितरण न करें
-अभिभावकों को दवा के जोखिम और सही उपयोग के बारे में जागकारी दें
-एडवाजरी में फील्ड में तैनात एएनएम / आशा / सीएचओ को दी गई सलाह
-घर घर सर्वे में यदि किसी बच्चे में सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार के लक्षण मिले
-तो तुरंत चिकित्सक से सलाह लेने के लिए परिजनों को किया जाए आग्रह
-इसके साथ ही सैक्टर प्रभारी को सूचित करें
-किसी भी प्रतिकूल घटना की सूचना तुरंत सैक्टर प्रभारी को अवश्य दें
-अभिभावकों को सावधानी व दुष्प्रभाव के बारे में जानकारी दें
आमजन के लिए भी जारी की एडवाजरी:
-इसमें सलाह दी गई कि 4 वर्ष से कम आयु के बच्चों को ना दी जाए Dextromethorphan दवा
-बच्चों को यह दवा केवल पंजीकृत चिकित्सक की सलाह पर ही दें.
-दवा की खुराक से अधिक मात्रा न दें.
-दवा के सेवन के बाद यदि बच्चे में सांस लेने में कठिनाई सुस्ती या बेहोशी, उल्टी या
-दौरे जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत नजदीकी अस्पताल या 104/108 पर संपर्क करें
-दवा को हमेशा छोटे बच्चों की पहुंच से दूर सुरक्षित स्थान पर रखें
-किसी भी प्रकार की समस्या होने पर सीएमएचओ कन्ट्रोल रूम नम्बर के साथ साथ
-निदेशालय के कन्ट्रोल रूम नम्बर 01412225624 पर सम्पर्क किया जा सकता है