कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने की CM भजनलाल शर्मा से मुलाकात, पांचना बांध के संदर्भ में सौंपा पत्र

जयपुर : कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुलाकात की. CMO में मुख्यमंत्री से मिलकर पांचना बांध के संदर्भ में पत्र सौंपा. कृषि मंत्री ने उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि उच्च न्यायालय ने एक जनहित याचिका पर निर्देश दिए थे. पांचना बांध के सिंचाई सिस्टम से संचालित नहरों से पानी खोला जाए. 

किरोड़ी ने लिखा कि बांध 125 करोड़ रुपए की लागत से बना था. करौली के गांव में सिंचाई का पानी तो दूर की बात पीने के पानी की समस्या है. कमांड एरिया की 9985 हेक्टेयर करीब 40 हजार बीघा भूमि को सिंचाई का पानी नहीं मिल रहा. इसके चलते 35 गांव के 1 लाख 25 हजार नागरिक प्रतिवर्ष 200 करोड़ रुपए की आर्थिक हानि उठा रहे हैं. जब से पानी रोका गया तब से 4000 करोड़ का आर्थिक नुकसान हो चुका है.

कमांड एरिया के किसान पानी खोले जाने के लिए हर स्तर पर लंबे समय से प्रयास कर रहे हैं. फिर भी इस ओर ध्यान नहीं दिया गया जो चिंता का विषय है.  दिसंबर 2022 में पानी खोलने के लिए जिला कलेक्टर करौली और सवाई माधोपुर कलेक्टर ने आम सूचना जारी की थी. कमांड एरिया के 35 गांव को एवं पांचना-गुड़ला लिफ्ट सिंचाई परियोजना के तहत लाभान्वित 13 गांव के व्यक्तियों/किसानों को आपत्ति मांगी थी.

किसी को भी आपत्ति हो तो लिखित आपत्ति जिला कलेक्टर कार्यालय में दर्ज कराई जा सकती है. यह भी लिखा था कि कोई भी व्यक्ति कानून व्यवस्था को अपने हाथ में लेगा तो उसके साथ उचित रूप से निपटा जाएगा. डॉ.किरोड़ी ने 23 अप्रैल 2026 के उच्च न्यायालय के निर्णय को भी संलग्न किया है. मौजूदा नहरों में त्वरित पानी छोड़ा जाए इस आदेश का तत्काल पालन किया जाए. अन्यथा संबंधित सचिव एवं मुख्य अभियंता को आगामी तारीख पर न्यायालय में उपस्थित होना होगा. 

निर्मित नहरों में पानी खोलने के लिए राजस्थान उच्च न्यायालय तीन स्पष्ट आदेश दे चुका है. उसके बाद भी पिछले 20 वर्षों से नहरों में पानी नहीं खोला जा रहा है. वर्तमान में पांचना बांध पर आसपास के लोगों ने ही धरना दे रखा है. उनकी मांग है कि पहले उनके 39 गांव को पानी मिले. उसके बाद ही कमांड एरिया की नहरे में पानी खुलने देंगे. बांध के आसपास के गांव की भूमि ऊंचाई पर स्थित है. 

इसलिए वहां ग्रेविटी फ्लो से पानी नहीं पहुंच सकता है. उनकी मांग के मध्य नजर सरकार ने 13  गांव की 1973 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई के लिए 200 MCFT क्षमता की एक लिफ्ट बना दी है. वर्तमान में पांचना बांध और नहरों के पुनर्वास का काम प्रगति पर है. सरकार ने बजट 2026- 27 में पांचना बांध के आसपास के सिंचाई से वंचित गांवों में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है. 

दूसरी तरफ पांचना बांध के कमांड एरिया के नागरिकों ने निर्मित नहरों में पानी खोलने के लिए उच्च न्यायालय के आदेशों की अनुपालन में धरना दे रखा है. ग्रामीणों ने सवाई माधोपुर जिले की वजीरपुर तहसील के खंडिप गांव में धरना दे रखा है, वही ग्रामीण मुझे हस्तक्षेप करने के लिए बार-बार कह रहे हैं. जिससे मुझे मजबूरन कुछ कदम उठाना पड़ेगा. दोनों पक्षों के लोगों से तुरंत संवाद करवाकर जनहित में नहरों में पानी छुड़वाया जाए. उच्च न्यायालय के आदेशों की पालना करवाकर नहरों में पानी छुड़वाया जाए.