जयपुर: SIR पर सियासत को लेकर कांग्रेस के आंदोलनों पर सहकारिता राज्य मंत्री गौतम कुमार दक ने कहा कि कांग्रेस को विवाद खड़ा करने के लिए कोई न कोई मुद्दा चाहिए. SIR की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है, आयोग की ओर से सूची जारी हो चुकी है. जिसमें दावे,आपत्तियां दर्ज कराने का प्रावधान है,चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संस्था है. और दावों-आपत्तियों की तिथियां बढ़ाने या न बढ़ाने का निर्णय आयोग अपने विवेक से करता है.
किसी भी राजनीतिक दबाव में नहीं. अभी नाम काटने की कोई अंतिम कार्रवाई नहीं हुई. केवल आपत्तियां दर्ज की गई है. जांच के बाद सही या गलत पाए जाने पर ही निर्णय लिया जाएगा. यदि किसी व्यक्ति को लगता है कि उसका नाम गलत तरीके से हटाया गया. तो वह अपने दस्तावेज प्रस्तुत कर नाम पुनः जुड़वा सकता है.
कांग्रेस को अंतिम सूची जारी होने के बाद यदि कोई आपत्ति होती तो बात समझ में आती है. लेकिन अभी तो केवल प्रारंभिक प्रक्रिया चल रही है. कांग्रेस बेवजह आरोप-प्रत्यारोप कर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है.