जयपुरः राजस्थान विधानसभा का मौजूदा मानसून सत्र सम्भवतः कल तक ही चलेगा. नवंबर में फिर से सत्र सामने आएगा,UCC पर सदन में बहस तभी देखने को मिलेगी. कांग्रेस के धरने के बीच विधानसभा की कार्यवाही आज सुबह 11 बजे शुरू हुई. कांग्रेस विधायक सदन में नहीं आयें. सत्ता पक्ष ने वन्देमातरम के अपमान को लेकर कांग्रेस को घेरा. करीब 21मिनट विधानसभा चली. विधानसभा में सीएम भजन लाल शर्मा और स्पीकर देवनानी के बीच शिष्टाचार भेंट हुई.
निकाय चुनावों की सरगर्मियों के बीच विधानसभा के मानसून सत्र का आगाज हुआ. सत्र की शुरुआत और सदन में कांग्रेस विधायक दल की गैर मौजूदगी पर चिंता जताई गई. विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने विपक्ष की बेंचों को खाली देखकर चिंता जताते हुए कहा कि उन्हें इस स्थिति से पीड़ा हो रही है. अध्यक्ष ने कहा कि सदन में विपक्ष की मौजूदगी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है और विपक्ष को अपने मुद्दे सदन के भीतर उठाने चाहिए. देवनानी ने कहा कि शुरुआत में विषय विधानसभा परिसर में प्रवेश की व्यवस्था को लेकर था. उन्होंने बताया कि गेट नंबर-6 से विधायकों के आने की व्यवस्था की गई थी. जो विधायक पैदल आना चाहते हैं, उन्हें भी आने की अनुमति है. उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मार्शल की ओर से एक-एक करके विधायकों को गेट से अंदर आने की बात कही गई थी. अध्यक्ष के मुताबिक, कुछ विधायक पहले इस व्यवस्था के तहत अंदर आए थे. इसके बाद सुरक्षा कारणों से अन्य विधायकों को भी एक-एक करके विधानसभा में प्रवेश करने के लिए कहा गया, लेकिन इसके बावजूद कई विपक्षी विधायक अब तक सदन में नहीं पहुंचे हैं देवनानी ने कहा कि इस तरह की स्थिति ठीक नहीं है और सभी सदस्यों को सदन की कार्यवाही में भाग लेना चाहिए उन्होंने विपक्ष से अपील करते हुए कहा कि सभी सदस्य सदन में आएं और जिन विषयों को लेकर वे अपनी बात रखना चाहते हैं, उन्हें विधानसभा के भीतर उठाएं उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष को अपने विषय रखने का पूरा सम्मान और अधिकार है लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण है और उसके सवालों तथा मुद्दों पर चर्चा होना जरूरी है देवनानी ने कहा कि विपक्ष को अपनी बात मर्यादा और विधानसभा के नियमों के तहत रखनी चाहिए साथ ही उन्होंने सत्तारूढ़ दल से भी अपेक्षा जताई कि विपक्ष की ओर से उठाए जाने वाले मुद्दों पर सरकार संज्ञान ले और उनका उचित जवाब दे. कांग्रेस विधायकों ने मार्च निकाला. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा की अगुवाई में विधायकों ने विधानसभा गेट के बाहर धरना प्रदर्शन किया.
पहले दिन कांग्रेस विधायकों की गैरमौजूदगी के बीच सत्ता पक्ष ने विधानसभा की कार्यवाही जारी है सरकार की ओर से गीतांजलि ग्लोबल विश्वविद्यालय विधेयक और राजस्थान वृक्ष संरक्षण विधेयक सदन में पेश किए गए विधानसभा के बाहर भारत आदिवासी पार्टी की ओर से मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने की मांग पर प्रदर्शन किया गया दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित हो गई. विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन कांग्रेस द्वारा सदन की कार्यवाही से दूरी बनाना और वंदे मातरम् के पूर्ण गायन के दौरान सदन में उपस्थित नहीं रहने को बीजेपी ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया UDH मंत्री झाबर सिंह खर्रा, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह और मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कांग्रेस के इस रवैये को देश, मातृभूमि और लोकतांत्रिक परंपराओं के प्रति उसकी सोच का परिचायक बताते हुए कहा कि कांग्रेस को राष्ट्र और लोकतंत्र से अधिक केवल सत्ता से प्रेम रह गया है मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कहा कि कांग्रेस का सदन से गायब रहना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कांग्रेस ने यह तय कर लिया है कि जहां वंदे मातरम् का पूरा गायन होगा, वहां वह मौजूद नहीं रहेगी वंदे मातरम् से बचने के लिए सदन से बाहर रहने का बहाना बनाना कांग्रेस के लिए बेहद शर्मनाक है मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि कांग्रेस की नीतियां और वंदे मातरम् तथा मातृभूमि के प्रति उसका आचार-विचार अब पूरी तरह जनता के सामने आ गया है वंदे मातरम् जैसे राष्ट्रभाव से जुड़े गीत के पूर्ण गायन के समय सदन से बाहर रहना कांग्रेस की राजनीतिक सोच और उसके आचरण को उजागर करता है गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा कि आज कांग्रेस का चाल, चेहरा और चरित्र पूरी तरह खुलकर सामने आ गया है कांग्रेस को मालूम था कि विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही वंदे मातरम् का पूरा गीत गाना पड़ेगा, इसलिए उसने एक तरह से इसका बहिष्कार किया है राष्ट्रीय गीत न गाना पड़े, इसके लिए कांग्रेस तुष्टिकरण की नीति अपनाकर एक वर्ग विशेष को खुश करने और राजस्थान की जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है.
विधानसभा की कार्य सलाहकार समिति की बैठक में फिलहाल शुक्रवार तक का कामकाज तय किया गया है. शुक्रवार को प्रश्नकाल और शून्यकाल होगा इसके अलावा यूसीसी विधेयक सदन में रखा जाएगा फिलहाल शुक्रवार को किसी विधेयक को पारित करने का कार्यक्रम नहीं है सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार को सदन की कार्यवाही पूरी होने के बाद अगली कार्यवाही नवंबर तक के लिए स्थगित की जाएगी नवंबर को पंचायत चुनावों के परिणाम जारी होने के बाद सदन फिर से जुटेगा.