जयपुर: राज्य बजट में प्रदेश की माली हालत की तस्वीर सामने आई है. इस बार 6.11 लाख करोड़ का बजट पेश किया गया जिसका आकार पिछले बजट से 52 हजार करोड़ ज्यादा है. वहीं सरकार के सामने राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने की भी जद्दोजहद है.
डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री दिया कुमारी ने 2 घंटे 54 मिनट के बजट भाषण में हर वर्ग को छूने की कोशिश की गई.
यह है बजट का अंकगणित
-बजट ने पेश की राज्य की माली हालत की तस्वीर
-इस बार 6.11 लाख करोड़ का बजट, पिछली बार से 52 हजार करोड़ ज्यादा
-इस बार 6 लाख 10 हजार 956 करोड़ का बजट पेश किया है
-पिछली बार बजट का साइज 5 लाख 58 हजार 596 करोड़ था
- इस बार बजट का साइज पिछली बार से 52 हजार 360 करोड़ ज्यादा है
-2025-26 के संशोधित अनुमानों में राजस्व प्राप्तियां 2 लाख 85 हजार 533 करोड़
-2026-27 के लिए बजट अनुमानों में राजस्व व्यय 3 लाख 50 हजार 54 करोड
-राजस्व घाटा 24 हजार 313 करोड
राजकोषीय घाटा 79 हजार 492 करोड
-पूंजी खाते में प्राप्तियां 2 लाख 85 हजार 433 करोड
-पूंजी खाते में व्यय 2 लाख 60 हजार 902 करोड
-राजकोषीय मानक को देखें तो GSDP का 21 लाख 52 हजार 100 करोड बजट अनुमान
-जो कि राजकोषीय घाटा का 3.69 प्रतिशत है . ऋण आरबीआई के तय मानक अनुसार और अनुमत प्रावधानों अनुसार है.
-ऋण और दायित्व बताया है 36.8 प्रतिशत
-तो वहीं पूंजीगत व्यय 53 हजार 978 करोड का आंकड़ा बताया
-राजस्व प्राप्तियां 3 लाख 25 हजार 740 करोड
-रिजर्व बैंक के कंसोलिडेटेड सिंकिंग फंड में 2024-25 से ऑन बोर्डिंग करके किया निवेश शुरू
-2 हजार 934 करोड रुपये निवेश किया सीएसएफ में
-गारंटी रिडम्पशन फंड में को भी 2025-26 में किया ऑन बोर्डिंग
-सीएसएफ में निवेश,जीआरएफ की ऑन बोर्डिंग के साथ ऑक्शन ट्रेजरी बिल्स में निवेश जारी
-2025-26 में इससे 600 करोड की बचत हो रही सुनिश्चित
-जो कि 2026-27 में 750 करोड होना है अनुमानित
-पहली बार पूर्व में लिए ऋण के रेशनलाइजेशन के लिए हो रही सिक्योरिटीज की स्विचिंग
-गवर्नमेंट सिक्योरिटीज की हो रही पहली बार स्विचिंग
-एसएएससीआई योजना के तहत राज्य को 50 साल का ब्याज रहित ऋण कराया उपलब्ध
सरकार को वित्त रफ्तार बनाए रखने के लिए निवेश और अन्य प्रयास करने होंगे.