जयपुर : राजस्थान के बजट में प्रदेश के सरकारी कर्मियों के लिए कई घोषणा की गई है. प्रदेश के कर्मचारी संगठनों द्वारा पदोन्नति के समुचित अवसर के लिए कमेटी बनेगी. प्रमोशन व वेतनमान में संशोधन सम्बन्धी उच्च स्तरीय समिति का गठन होगा. कर्मियों की विभिन्न मांगों का तुलनात्मक अध्ययन व विश्लेषण कर अनुशंषा कमेटी करेगी. यह समिति भविष्य में आठवें वेतन आयोग की रिपोर्ट प्राप्त होने पर उसे राज्य में लागू करने को लेकर भी सिफारिश करेगी. जरूरी परीक्षण कर अपनी सिफारिशें राज्य सरकार को कमेटी प्रस्तुत करेगी.
राजस्थान के कर्मचारी संगठनों द्वारा पदोन्नति के समुचित अवसर के लिए कमेटी बनेगी. प्रमोशन व वेतनमान में संशोधन सम्बन्धी उच्च स्तरीय समिति का गठन होगा. कर्मियों की विभिन्न मांगों का तुलनात्मक अध्ययन व विश्लेषण कर अनुशंषा कमेटी करेगी. यह समिति भविष्य में आठवें वेतन आयोग की रिपोर्ट प्राप्त होने पर उसे राज्य में लागू करने को लेकर भी सिफारिश करेगी. जरूरी परीक्षण कर अपनी सिफारिशें राज्य सरकार को कमेटी प्रस्तुत करेगी.
Child Care Leave अधिकतम 3 चरण में दिये जाने का प्रावधान:
इस समय महिला कर्मचारियों को 1 कैलेंडर वर्ष में Child Care Leave अधिकतम 3 चरण में दिये जाने का प्रावधान है. एकल महिला कर्मचारी को यह अवकाश 6 चरणों में स्वीकृत किया जाना प्रस्तावित है. Surrogacy से मातृत्व प्राप्त करने वाली महिला कर्मचारियों को राहत दिये जाने के उद्देश्य से Surrogate Mother को 180 दिवस का मातृत्व अवकाश मिलेगा और Commissioning Mother को 90 दिवस का मातृत्व अवकाश दिया जायेगा. पारिवारिक पेंशन प्राप्त करने वाले विशेष योग्यजन बच्चों को राहत दी जाएगी. अब वे प्रति तीन वर्ष में Permanent Disability प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की बाध्यता के स्थान पर सिर्फ एक बार प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं. पेंशनरों को नियमित पेंशन भुगतान के लिए नियमों में सरलीकरण किया है.
अब Mobile App द्वारा Face Authentication Technology के माध्यम से मिलेगी सुविधा:
अब Mobile App द्वारा Face Authentication Technology के माध्यम से सुविधा मिलेगी. राज्य के पेंशनर द्वारा स्वयं के वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की सुविधा मिलेगी. मृत सरकारी कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति हेतु पात्र आश्रितों की सूची में संशोधन होगा. अब मृत सरकारी कर्मचारी की पुत्र वधू को भी शामिल किया जायेगा. इस समय किसी राजकीय कर्मचारी के ड्यूटी पर रहते हुए दुर्घटना में Permanent Disability हो तो उसके पात्र आश्रित को अनुकम्पा नियुक्ति दिये जाने का प्रावधान है. अब राजकीय सेवा में रहते हुए कर्मचारी को ऐसी Disability कारित होने पर, जिसके कारण वह राज कार्य करने में सक्षम नहीं रहता है, तो भी उसके पात्र आश्रित को अनुकम्पा नियुक्ति दी जायेगी.