VIDEO: जल्द होगा अब जिला कांग्रेस कमेटियों का गठन, 15 फरवरी तक हो जाएगी कार्यकारिणी गठित, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: जिला अध्यक्षों की घोषणा के बाद अब जल्द सभी जिलों में अब जल्द  नए सिरे से जिला कांग्रेस कमेटियों का गठन होगा. पार्टी का दावा है कि 15 फरवरी तक 50 में से 49 जिलों में कार्यकारिणी का गठन कर दिया जाएगा इस बार जिला कांग्रेस कमेटी कार्यकारिणी में जिले की साइज की हिसाब से केवल 31 और 51 पदाधिकारी ही बनाए जाएंगे.

संगठन सृजन अभियान के तहत राजस्थान में लगभग सभी जिला कप्तानों की नियुक्ति हो चुकी है. अब केवल एक राजसमंद जिला अध्यक्ष की नियुक्ति होना शेष है. लिहाजा अन्य 49 जिलों में जिला कांग्रेस कमेटियों के नए सिरे से गठन की कवायद शुरु हो चुकी है. हाईकमान के 15 दिनों के भीतर कार्यकारिणी बनाने के निर्देशों के तहत पीसीसी ने जिला अध्यक्षों से लिस्ट भी मंगा ली है. वहीं इस बार जिला कांग्रेस कमेटी कार्यकारिणी के लिए नई गाइडलाइन भी दिल्ली से आई है. नई गाइडलाइन में कईं नए दिशा निर्देश किए हैं. जैसे अब जंबो कमेटी के बजाय छोटी कार्यकारिणी का गठन करना होगा.

अब जल्द होगा जिला कांग्रेस कमेटियों का गठन
-15 फरवरी तक सभी 49 जिलों में कार्यकारिणी का हो जाएगा गठन
-पीसीसी ने सभी जिला अध्यक्षों से मांगी पदाधिकारियों की सूची
-अब जंबो कार्यकारिणी के बजाय छोटी रखनी होगी जिला कांग्रेस कमेटी
-जिले के साइज के हिसाब से केवल 31 और 51 पदाधिकारी बनाए जाएंगे
 -पदाधिकारियों की संख्या के नियम की सख्ती से पालना के दिए निर्देश
-पहले जिला कार्यकारिणी में बनते थे 71 या उससे ज्यादा पदाधिकारी
-जिला कार्यकारिणी में  एक पदाधिकारी देखेगा केवल ट्रेनिंग प्रोग्राम का काम
-हर माह कंपलसरी होगी जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक
-बैठक में अनिवार्य रुप से वरिष्ठ नेता औऱ ब्लॉक अध्यक्षों को बुलाना होगा
-लगातार 3 बैठक में बिना बताए गायब रहने पर होगा फिर एक्शन
-बैठक का पूरा रिकॉर्ड मेंटेन होगा औऱ वॉर रूम को भेजनी होगी रिपोर्ट 
-हर तीन माह में जिला अध्यक्षों की परफॉर्मेंस की होगी समीक्षा

दरअसल कांग्रेस हाईकमान ने संगठन की मजबूती के लिए जिला अध्यक्षों को पावरफुल बनाने का फैसला किया था. इसके तहत पहले संगठन सृजन अभियान के जरिए उनकी नियुक्ति हुई. अब जिम्मेदारी के साथ इनकी जवाबदेही भी तय होगी. नई गाइडलाइन से साफ है कि हाईकमान चाहता है कि अब पहले की तरह पोस्ट लेकर सिर्फ नेतागिरी करने से काम नहीं चलेगा बल्कि लगातार सक्रिय रहते हुए काम करना होगा. वहीं नई गाइडलाइन से कईं जिला अध्यक्ष अभी से टेंशन में आ गए हैं. एक दूसरे जिला अध्यक्षों को पूछकर लिस्ट बनाने और अन्य टास्क को पूरा करने का समाधान पूछ रहे हैं.

वहीं कार्यकारिणी में दलित, एसटी, ओबीसी, युवा, महिला औऱ अल्पसंख्यक वर्ग को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने के भी निर्देश दिए हैं. सर्कुलेशन के आखिर में नए नियमों के लागू करने के मकसद का भी जिक्र  किया है. पार्टी ने कहा कि हम चाहते है जिला स्तर पर कांग्रेस में अनुशासन कायम हो,उनकी जवाबदेही तय हो और चुनाव के लिए एक सशक्त संगठन बनकर तैयार हो. अब देखना है कि नई गाइडलाइन को जिला अध्यक्ष पूरी तरीके से कितना फॉलो करते है.