जयपुरः विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान आज राजस्व मंत्री हेमंत मीणा व जनजाति क्षेत्र विकास मंत्री बाबूलाल ख़राड़ी विपक्ष के सवालों में घिरते नजर आए. मंत्री हेमंत की हालात यह हुई कि विधानसभा स्पीकर ने भी उनको टोक दिया और आख़िरकार उनसे जुड़े प्रश्न को फिर से लाने का भरोसा दिया.
विधानसभा में बिना तैयारी से आए राजस्व मंत्री हेमंत मीणा आज बुरी तरह घिर गए. कांग्रेस विधायक पीतराम सिंह काला ने प्रचलित रास्तों को राजस्व रिकॉर्ड में “कटानी रास्ता” के रूप में दर्ज किए जाने को लेकर मंत्री से सीधा और एक ही सवाल पूछा. इस पर राजस्व मंत्री स्पष्ट जवाब देने के बजाय समय-समय पर जारी सर्कुलर और नियमों का हवाला देने लगे, लेकिन यह नहीं बता पाए कि ऐसे रास्तों को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा या नहीं. मंत्री द्वारा नियम पढ़े जाने पर विधानसभा अध्यक्ष ने हस्तक्षेप करते हुए उनसे हां या ना में जवाब देने को कहा. इस पर मंत्री ने कहा कि वे विस्तार से जवाब देना चाहते हैं और राजस्व व उपनिवेशन नियम अलग-अलग हैं. मंत्री के सीधे जवाब न देने पर कांग्रेस विधायकों ने आपत्ति जताई, जिससे सदन में हंगामे की स्थिति बन गई. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि मंत्री इतना भी स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं कि कटानी रास्ता दर्ज होगा या नहीं. इस पर अध्यक्ष ने टिप्पणी की कि मंत्री के पास जवाब नहीं है और बाद में जवाब दिलवाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद हंगामा शांत हुआ.
इससे पहले जनजाति क्षेत्र विकास मंत्री बाबूलाल ख़राड़ी भी प्रश्नकाल में अच्छी परफॉरमेंस नहीं कर पाए. सवाल उदयपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में जन सहभागिता योजना से जुड़े कार्यो का था. भाजपा विधायक फूल सिंह मीणा ने ही सवाल किया लेकिन मंत्री का जवाब संतोषजनक नहीं आया. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मंत्री को घेरते हुए कहा कि जो भी काम पूरे हुए है वे कांग्रेस शासन में स्वीकृत हुए थे , पिछले सवा दो साल में काम ही नहीं हुआ.