महू संविधान को चोरी-छिपे समाप्त करना चाहते हैं संघ और भाजपा- Rahul Gandhi

संविधान को चोरी-छिपे समाप्त करना चाहते हैं संघ और भाजपा- Rahul Gandhi

संविधान को चोरी-छिपे समाप्त करना चाहते हैं संघ और भाजपा- Rahul Gandhi

महू: भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को आड़े हाथों लेते हुये कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को आरोप लगाया कि संघ और भाजपा देश के संविधान को चोरी-छिपे खत्म करना चाहते हैं. वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सत्तारूढ़ दल पर ‘फूट डालो’ की नीति अपनाने का आरोप लगाया.

      

इस यात्रा की अगुवाई कर रहे गांधी, संविधान दिवस पर संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जन्मस्थली महू में जनसभा को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने आरोप लगाया कि संघ और भाजपा में संविधान को सबके सामने खत्म करने का दम नहीं है. इसलिए वे छिपकर संविधान को समाप्त करना चाहते हैं.  इसके लिए वे लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभाओं के साथ ही न्यायपालिका, नौकरशाही और मीडिया में अपने लोगों को स्थापित कर रहे हैं. गांधी ने संघ और भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए कहा,"वे अम्बेडकर की तस्वीर के आगे हाथ तो जोड़ते हैं, लेकिन उनके बनाए संविधान को चोरी-छिपे खत्म करने की कोशिश भी करते हैं.

उस दिन मेरे दिल में बस मोहब्बत रह गई:
उन्होंने संघ का नाम लिए बगैर कहा कि हमारे प्यारे तिरंगे को देश के केवल एक संगठन ने अपने कार्यालय पर 52 साल तक नहीं फहराया. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि मेरी दादी (इंदिरा गांधी) को 32 गोलियां मारकर उनकी हत्या कर दी गई थी. मेरे पिता को बम विस्फोट कर जान से मारा गया था. लेकिन जिस दिन मेरे दिल से डर मिट गया, उस दिन मेरे दिल में बस मोहब्बत रह गई.

उनके मन में संघ और मोदी के लिए जरा भी नफरत नहीं:
उन्होंने यह भी कहा कि संघ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वैचारिक लड़ाई के बावजूद उनके मन में संघ और मोदी के लिए जरा भी नफरत नहीं है. जन सभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि संघ तथा भाजपा फूट डालो और राज करो की नीति के मुताबिक काम कर रहे हैं और मौजूदा सरकार आम्बेडकर के रचे संविधान को खत्म करना चाहती है. उन्होंने ने कहा कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए हमें एकजुट होकर लड़ने की जरूरत है. अगर आप (आम नागरिक) ऐसा नहीं करेंगे, तो इस देश में आपको फिर से गुलाम बनकर रहना होगा. सोर्स-भाषा 

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