NCLT से जालान कलरॉक की समाधान योजना पर लगे रोक: Jet Airways Staff

NCLT से जालान कलरॉक की समाधान योजना पर लगे रोक: Jet Airways Staff

NCLT से जालान कलरॉक की समाधान योजना पर लगे रोक: Jet Airways Staff

नई दिल्ली: जेट एयरवेज के केबिन क्रू और ग्राउंड स्टाफ ने इस साल जून में राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) द्वारा एयरलाइन के लिए मंजूर की गयी जालान कलरॉक कंसोर्टियम की समाधान योजना को चुनौती दी है. राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) के समक्ष दायर अपनी याचिका में जेट एयरवेज केबिन क्रू एसोसिएशन और भारतीय कामगार सेना ने कहा है कि एयरलाइन के सभी कर्मचारियों के बकाया को कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) लागत के हिस्से के रूप में शामिल नहीं किया गया था.

एनसीएलटी ने जून में जेट एयरवेज के लिए जालान कलरॉक गठजोड़ की समाधान योजना को मंजूरी दी थी. जेट एयरवेज ने वित्तीय संकट के कारण अप्रैल 2019 में परिचालन बंद कर दिया था और इसी वर्ष जून में उसके लिए दिवाला समाधान प्रक्रिया शुरू हुई थी. कर्मचारियों के दो समूहों ने एनसीएलएटी से अनुरोध किया है कि वह एनसीएलटी की मुंबई पीठ द्वारा समूह की समाधान योजना को मंजूरी के आदेश को निरस्त और रद्द करे. इसके अलावा, उन्होंने आग्रह किया है कि उनकी याचिका पर सुनवाई होने तक आदेश लागू करने पर रोक लगायी जाए.

जेट एयरवेज केबिन क्रू एसोसिएशन (जेएसीसीए) एयरलाइन के चालक दल सदस्यों के बहुमत का प्रतिनिधित्व करने का दावा करता है जबकि भारतीय कामगार सेना एयरलाइन के ग्राउंड स्टाफ के 70 प्रतिशत से अधिक लोगों का प्रतिनिधित्व करने का दावा करती है. याचिका में कहा गया है कि समाधान योजना में जेट एयरवेज की सहायक कंपनी एयरजेट ग्राउंड सर्विसेज लिमिटेड (एजीएसएल) को अलग किया जाना शामिल है. साथ ही, एयरलाइन के कर्मचारियों की सेवाएं, जो समाधान योजना की मंजूरी की तारीख तक पेरोल पर थे, उन्हें अलग कर दी गई इकाई में स्थानांतरित करने का भी योजना में प्रस्ताव है.

 

इसमें कहा गया कि यह कर्मचारियों को इस तरह दूसरी इकाई में स्थानांतरित करने के बाद कॉर्पोरेट ऋणी (जेट एयरवेज) इन कर्मचारियों के सभी सेवानिवृत्ति लाभों के लिए बिल्कुल भी उत्तरदायी नहीं होगा और इसके लिए एजीएसएल जिम्मेदार होगी जिसने अब तक परिचालन भी शुरू नहीं किया है. याचिकाकर्तओं के मुताबिक उसके सदसयों को मार्च 2019 के बाद से कोई वेतन नहीं मिला है और उन्होंने समाधान प्रक्रिया के दौरान अपना दावा सौंपा था. (भाषा) 

और पढ़ें