सिरोही Sirohi: आदिवासी क्षेत्र की नाबालिग लड़कियों को बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश, हर रोज होता था दुष्कर्म; जानिए क्या है पूरा मामला

Sirohi: आदिवासी क्षेत्र की नाबालिग लड़कियों को बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश, हर रोज होता था दुष्कर्म; जानिए क्या है पूरा मामला

सिरोही: आदिवासी क्षेत्र की नाबालिग लड़कियों को बहला फुसला कर ले जाकर आगे बेचने की वारदात का सिरोही जिले के पिंडवाड़ा डिप्टी जेठूसिंह करणोत की टीम ने खुलासा करते हुए एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया हैं. आदिवासी क्षेत्र के पिंडवाड़ा पुलिस थाना में दर्ज हुए दो अलग-अलग मुकदमों की जांच डिप्टी जेठूसिंह ने आपने हाथ में लेकर जब मामले का अनुसंधान किया तो बड़ा चौकाने वाला खुलासा हुआ. 

आरोपियों के चंगुल से भागकर आई एक नाबालिग पीड़िता ने पुलिस को बताया कि गुजरात की एक गैंग हैं जो आदिवासी क्षेत्र के अलग-अलग गांवों से नाबालिग लड़कियों को बहला फुसला कर ले जाते हैं, जिन्हें एक काल कोठरी में बंद करके रखा जाता हैं. उसके बाद इन नाबालिग लड़कियों को दलालों के माध्यम से अलग-अलग लोगों को बेच दिया जाता हैं.

खरीददार मिलने में देरी होने पर गिरोह के लोग हर रोज दुष्कर्म भी करते रहते:
लड़कियों के खरीददार मिलने में देरी होने पर गिरोह के लोग इन नाबालिग लड़कियों के साथ हर रोज दुष्कर्म भी करते रहते हैं. जब डिप्टी जेठूसिंह को इतनी जानकारी मिली तो उन्होंने अपनी टीम के साथ गिरोह के सदस्यों के ठिकानो पर दबिश देकर गिरोह के पांचों सदस्यों को गिरफ्तार करने में बड़ी कामयाबी हासिल की हैं. 

पुलिस की गिरफ्त में आरोपियों में एक महिला भी शामिल: 
पुलिस की गिरफ्त में आए इन आरोपियों में एक महिला भी शामिल हैं जो खुद इस आदिवासी क्षेत्र की रहने वाली हैं, और वो अपने पति के साथ मिलकर इस रैकेट को चला रही थी. गिरफ्तार किए गए आरोपियों में वनराज, उसकी पत्नी दिवाली, रमीबेन, दलपत और नागजी हैं. नागजी ही इस पूरे रैकेट का मास्टर माइंड हैं. जिसका ना तो कोई फोटो था, ना ही किसी को उसके ठिकाने की जानकारी थी. पर डिप्टी जेठूसिंह करणोत ने घटनाओं की कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए नागजी को भी गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की हैं. 

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