जयपुर: राजस्थान में रक्त की किल्लत से जूझ रहे सरकारी ब्लड बैंकों को भजनलाल सरकार ने एसओपी में बदलाव कर बड़ी संजीवनी दी है.चिकित्सा विभाग ने सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण रक्त संग्रह व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों के संचालन संबंधी एसओपी में संशोधन किया है, जिसके तहत अब सभी स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों में सरकारी ब्लड बैंकों का कोटा 20 फीसदी से बढ़ाकर 50 फीसदी किया गया है...क्या है चिकित्सा विभाग के आदेश के मायने और इफेक्ट. मौसमी बीमारियों के सीजन के बीच राजस्थान के सरकारी ब्लड बैंकों में इनदिनों रक्त की किल्लत देखी जा रही है.
इस दौरान प्रदेश के कुछ जिलों में प्रसुताओं की मौत और तबीयत बिगड़ने के मामले भी प्रकाश में आए, जिसमें एक-दो जगहों पर रक्त की दिक्कत बताई गई.ऐसे में पिछले दिनों विभाग ने सभी राजकीय अस्पतालों के ब्लड बैंकों में जरूरत पड़ने पर गर्भवती महिलाओं और प्रसूताओं को "बगैर रिप्लेसमेंट" रक्त एवं ब्लड कंपोनेंट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, साथ ही अब रक्त की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों की एसओपी में भी बदलाव किया है.चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देश पर जारी नए फरमान के मुताबिक अब राजस्थान में किसी भी जगह पर स्वैच्छिक रक्तदान शिविर लगेंगे तो वहां संकलित कुल ब्लड में से 50 फीसदी ब्लड सरकारी सेन्टरों को दिया जाएगा.
नई एसओपी से आपात स्थिति में जल्द मिलेगा ब्लड:
-स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों में संकलित ब्लड में सरकारी कोटा बढ़ाने से जुड़ी खबर
-प्रमुख चिकित्सा सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि नई व्यवस्था को लेकर दी जानकारी
-उन्होंने कहा कि नए एसओपी से ब्लड रिप्लेसमेंट की आवश्यकता में कमी आएगी
-साथ ही प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में रक्त की उपलब्धता और सुदृढ़ होगी
-उन्होंने कहा कि इससे आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध हो सकेगा
-परिजनों को रक्त की व्यवस्था के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा
-उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था में राजकीय ब्लड सेंटर मेडिकल टीम के साथ जाएंगे शिविर में
-जहां वे नियमों की पालना सुनिश्चित करते हुए रक्त संग्रहण की प्रक्रिया को करेंगे सम्पादित
ग्राफिक्स आउट
स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों में एकत्र ब्लड के दुरूपयोग को रोकने के लिए भी एसओपी में सख्ती की गई है.राठौड़ ने बताया कि 200 किलोमीटर से अधिक दूरी पर आयोजित रक्तदान शिविरों में केवल सिंगल ब्लड बैग (Single Blood Bag) में ही रक्त संग्रह की अनुमति होगी. यह व्यवस्था रक्त की गुणवत्ता बनाए रखने एवं उसके सुरक्षित परिवहन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू की गई है.
रक्त संग्रहण में अनदेखी पर गिरेगी कार्रवाई की गाज !
-स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों में संकलित ब्लड में सरकारी कोटा बढ़ाने से जुड़ी खबर
-ड्रग आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला ने नई एसओपी को लेकर दी जानकारी
-उन्होंने बताया कि सभी ब्लड सेंटरों के चिकित्सा प्रभारियों को भेजी गई है एसओपी
-साथ ही सभी राजकीय मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों एवं सीएमएचओ की तय की गई ये जिम्मेदारी
-जिन क्षेत्रों में रक्तदान शिविर आयोजित हो,वहां टीम भेजकर एकत्र किया जाएगा निर्धारित ब्लड
-उन्होंने कहा कि यदि इस व्यवस्था के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है
-आवश्यकता के समय मरीजों को रक्त उपलब्ध कराने में कमी पाई जाती है,
-तो संबंधित ब्लड सेंटर की जवाबदेही तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी