अलवर (अश्वनी यादव) : अलवर एक बार फिर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान दर्ज कराने जा रहा है. आगामी 8 फरवरी को आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय टाइगर मैराथन के साथ अलवर न सिर्फ खेल गतिविधियों का केंद्र बनेगा, बल्कि वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता और पर्यटन के क्षेत्र में भी नई मिसाल पेश करेगा. इस अंतरराष्ट्रीय मैराथन में भारत सहित कई देशों के धावक भाग लेंगे. विदेशी धावकों की सहभागिता से यह आयोजन वैश्विक स्तर पर अलवर और सरिस्का टाइगर रिज़र्व की पहचान को और मजबूत करेगा.
अंतरराष्ट्रीय टाइगर मैराथन का उद्देश्य केवल एक खेल प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और सरिस्का टाइगर रिज़र्व के संरक्षण को लेकर समाज में जागरूकता फैलाना है. यही वजह है कि इस मैराथन को भारत की सबसे उद्देश्य-प्रेरित मैराथन के रूप में देखा जा रहा है. आयोजन के तहत विभिन्न दूरी की दौड़ों को शामिल किया गया है, ताकि हर आयु वर्ग और हर क्षमता के प्रतिभागी इसमें भाग ले सकें.
21 किलोमीटर हाफ मैराथन
10 किलोमीटर रन
5 किलोमीटर रन
2 किलोमीटर पैरा (दिव्यांग) रन
विशेष रूप से पैरा रन के माध्यम से दिव्यांग धावकों को भी मंच दिया गया है, जो इस आयोजन को सामाजिक रूप से समावेशी, प्रेरणादायी और संवेदनशील बनाता है.
देश-विदेश से आने वाले धावकों की मौजूदगी से अलवर की पहचान केवल एक ऐतिहासिक शहर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह खेल, पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण का अंतरराष्ट्रीय केंद्र बनकर उभरेगा. सरिस्का टाइगर रिज़र्व के समीप आयोजित यह मैराथन अलवर की प्राकृतिक सुंदरता, जीवंत विरासत और जैव विविधता को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेगी. अलवर टाइगर मैराथन की परिकल्पना भारत सरकार के केन्द्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव के मार्गदर्शन से प्रेरित है. और वी शक्ति ट्रस्ट की ओर से आयोजन हो रहा है. संरक्षण के प्रति उनका दूरदर्शी नेतृत्व और प्रतिबद्धता इस आयोजन की आत्मा है, जिसने इसे एक खेल आयोजन से आगे बढ़ाकर राष्ट्रीय जनआंदोलन का स्वरूप दिया है.
अलवर टाइगर मैराथन 2026 गर्व के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कदम रख रही है, जहाँ दुनिया भर से धावकों का भारत की सबसे उद्देश्य-प्रेरित हाफ मैराथन में स्वागत किया जाएगा. दिल्ली-एनसीआर के सबसे नजदीक स्थित एक मात्र टाइगर रिजर्व सरिस्का है. मैराथन को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. रूट मैप, ट्रैफिक डायवर्जन, मेडिकल सुविधाएं, स्वयंसेवक और सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए जा रहे हैं, ताकि यह अंतरराष्ट्रीय आयोजन सुरक्षित, सुव्यवस्थित और ऐतिहासिक रूप से संपन्न हो सके. मैराथन में 90 लाख से ज्यादा के पुरस्कार बांटे जायेंगे.
ओवरऑल मैराथन फिनिशर (पुरुष) – ₹18,00,000 के पुरस्कार
ओवरऑल मैराथन फिनिशर (महिला) – ₹18,00,000
हाफ मैराथन (पुरुष) – ₹18,10,000
हाफ मैराथन (महिला) – ₹18,10,000
फोर्स रन – ₹4,20,000
10 किमी रन (पुरुष) – ₹4,05,000
10 किमी रन (महिला) – ₹4,05,000
ग्रुप / कॉर्पोरेट रन (10 किमी) – ₹5,20,000
2.5 किमी व्हीलचेयर रन – ₹67,500
कुल टोटल पुरस्कार राशि – ₹90,37,500 होगी.
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मौजूद रहेंगे, उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी, केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव, वन मंत्री संजय शर्मा और फिल्म अभिनेता और मैराथन के ब्रांड एम्बेसडर रणदीप हुड्डा मौजूद रहेंगे.