देश के अंतिम छोर भारत-पाक सीमा पर जवानों ने किया योग, फिट रहने का दिया संदेश, अद्भुत नजारा किया प्रस्तुत

जैसलमेर: 10वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर देश के अंतिम छोर भारत-पाक सीमा पर जवानों ने योग किया. अंतर्राष्ट्रीय बॉर्डर पर BSF जवानों ने योगाभ्यास किया. सभी सीमा चौकियों पर योग प्राणायाम हुआ. इसके साथ ही सीमा पर जवानों ने योग कर एक अद्भुत नजारा प्रस्तुत किया. जवानों ने कहा कि सीमा रक्षा से बड़ा कोई योग नहीं और योग की कोई सीमा नहीं है. 

BSF ने थार मरुस्थल के प्रसिद्ध सम सैंड ड्यूनस पर भव्य योग किया गया. जहां BSF सेक्टर साउथ के DIG विक्रम कुंवर के साथ सैकड़ों जवानों ने एक साथ योग किया. तो वहीं आईटीबीपी जवानों ने लेह में दो जगहों पर योग किया है. जवान लेह के कारजोक गांव में और पैंगोंग त्सो झील के किनारे योग करते हुए नजर आए हैं

मोदी ने किया योगः
पीएम नरेंद्र मोदी ने 10 वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर में योग किया. SKICC हॉल में पीएम मोदी ने योगभ्यास किया. उन्होंनेअलग-अलग आसन को किए. इससे पहले उन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर योग साधना की भूमि है. योग से हमें शक्ति मिलती है. अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की 10 साल की साधना पूरी हुई है. योग की यात्रा अनवरत जारी है.  

भजनलाल शर्मा ने किया योगाभ्यासः
इससे पहले राजस्थान के SMS स्टेडियम में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया. योग कार्यक्रम में राज्यपाल कलराज मिश्र, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, डिप्टी सीएम डॉ.प्रेमचंद बैरवा, मंत्री मदन दिलावर, मंत्री जोराराम कुमावत, मंत्री अविनाश गहलोत, विधायक कालीचरण सराफ, विधायक गोपाल शर्मा, मुख्य सचिव सुधांश पंत समेत कई नेताओं ने योगाभ्यास किया.  

इसलिए है 21 जून का दिन खासः
हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है. प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर संयुक्त राष्ट्र ने फैसला लिया था. 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप में मनाने का फ़ैसला किया था. 2014 में संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को दुनियाभर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के तौर पर घोषित किया था. खास बात इस दिन की ये है कि 21 जून साल का सबसे लंबा दिन और सबसे छोटी रात होती है. इसके बाद से ही हर साल 21 जून को देश और दुनिया में लोग योग दिवस मनाते है. 

जानें क्या होता है योग का अर्थः
स्वस्थ और दीर्घ जीवन के लिए योग जरूरी है. जो कि मानसिक-आध्यात्मिक उन्नयन के साथ शरीर को भी स्वस्थ रखता है. योग भारत की ऋषि परंपरा का अमूल्य उपहार है. तो आइए 'स्वस्थ भारत,सशक्त भारत' के निर्माण के लिए नियमित योग करने, अन्य लोगों को भी योग के प्रति जागरूक करने का संकल्प लें.