डीगः मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने श्री कृष्ण बलराम गो आराधना महोत्सव में संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने बैल से कृषि करने पर हमने अनुदान की घोषणा की है. ऐसे किसानों को 30 हजार रूपए का अनुदान दिया जाएगा. हमारी सरकार जहां भी जरूरत है, उस काम को कर रहे हैं. साधु-संतों के जो भी प्रस्ताव आएंगे, हम अपनी संस्कृति और गौमाता के लिए वह काम करेंगे.
मैं जहां से गुजरता हूं और जहां यदि रास्ते में कहीं भागवत होती है. तो उस कथा में रूककर भागवत को जरूर प्रणाम करता हूं. श्रीमदभागवत में भगवान खुद विराजमान है. हमें भागवत को सुनना चाहिए और अनुसरण भी करना चाहिए. बृज की रज अपने आप में निराली है. गाय माता, हमारे संत और गंगा-यमुना माता हमारी संस्कृति है. हमारी संस्कृति में वृक्ष, पहाड़, नदी को भी पूजते हैं. क्योंकि ईश्वर सभी में वास करते हैं, इसलिए हम पूजा करते हैं.
मैं जब भरतपुर रहता था तो भी गाय रखता था. CM हाउस में जब मैं गया तो उससे पहले मेरी गाय माता गई. मेरी सुबह की शुरूआत गाय माता को प्रणाम करने से होती है. जब हम घर से रवाना होते हैं तो गाय घूमकर देखती है. गौमाता आशीर्वाद देती है कि यात्रा सफल हो. जब घर आते हैं तो भी गौमाता बड़े ही प्रेम से देखती है.