आयोग अध्यक्ष यूआर साहू का कल हो रहा कार्यकाल पूर्ण, 12 जून 2025 से 12 जून 2026 तक के एक वर्ष के कार्यकाल की गिनाईं उपलब्धियां

आयोग अध्यक्ष यूआर साहू का कल हो रहा कार्यकाल पूर्ण, 12 जून 2025 से 12 जून 2026 तक के एक वर्ष के कार्यकाल की गिनाईं उपलब्धियां

अजमेर : RPSC से खबर मिल रही है. आयोग अध्यक्ष यूआर साहू का कल कार्यकाल पूर्ण हो रहा है. आज मीडिया से रूबरू हो रहे है. 12 जून 2025 से 12 जून 2026 तक के एक वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं. उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में आयोग ने 61 भर्ती विज्ञापन जारी किए. एक वर्ष में 14,536 पदों के लिए 16 बड़े भर्ती विज्ञापन जारी किए. एक साल में 47 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए 187 से ज्यादा परीक्षाओं का सफल आयोजन हुआ.सभी परीक्षाएं पूर्व निर्धारित परीक्षा कैलेंडर के अनुसार समय पर आयोजित हुई. 1 जनवरी 2024 से अब तक 16,218 अभ्यर्थियों की चयन अनुशंसा विभागों को भेजी गई. इनमें से 10,220 चयन अनुशंसाएं केवल पिछले एक वर्ष में भेजी गई.

आयोग अध्यक्ष यूआर साहू का कल कार्यकाल पूर्ण हो रहा है. आज मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि परीक्षा सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक वीडियो रिकॉर्डिंग और टाइम-स्टैंप सिस्टम लागू किया. सभी परीक्षाएं पेपर लीक और गड़बड़ी से मुक्त होने का दावा किया. एक वर्ष में रिकॉर्ड 14,888 अभ्यर्थियों के इंटरव्यू आयोजित हुए. प्रति कार्य दिवस औसतन 60 अभ्यर्थियों के साक्षात्कार का नया रिकॉर्ड बनाया. अंतिम परिणाम के बाद चयनित अभ्यर्थियों के अंक वेबसाइट पर सार्वजनिक करने की नई व्यवस्था की गई.

आयोग अध्यक्ष यूआर साहू ने कहा कि जनवरी 2026 से कंप्यूटर आधारित भर्ती परीक्षा (CBRT) का पुनः संचालन शुरू हुआ. आयुष विभाग व्याख्याता और सहायक विद्युत निरीक्षक परीक्षाएं CBRT मोड में सफलतापूर्वक आयोजित हुई. आगामी ऑनलाइन परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी किया. आयोग की नियमावली के प्रथम और द्वितीय खंड का अद्यतन किया गया. पुराने एवं अनुपयोगी दस्तावेजों का नियमानुसार निस्तारण हुआ.

कार्य क्षमता बढ़ाने के लिए 20 नए प्रशासनिक पद स्वीकृत किए. रिकॉर्ड 666 डीपीसी बैठकों का आयोजन हुआ. 34,986 राज्य कर्मचारियों की पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त हुआ. आयोग भवन में 250 किलोवॉट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित किया. 8.07 करोड़ रुपये की लागत से नए ब्लॉक और इंटरव्यू कक्षों का निर्माण जारी किया. 20 साल पुरानी बेसमेंट में जलभराव और सीलन की समस्या का स्थायी समाधान किया. बेसमेंट को अब रिकॉर्ड संधारण के लिए सुरक्षित और उपयोगी बनाया गया.