जयपुर : पुरानी आदतों से कांग्रेस पिछड़ गई. शहरी निकाय चुनाव के प्रचार में कांग्रेस आक्रामक नहीं दिखी. कांग्रेस के बड़े लीडर्स अपने क्षेत्र तक सीमित रहे. छोटे चुनाव का हवाला देकर प्रचार से बचते रहे.
वहीं दूसरी तरफ भाजपा के सभी नेताओं ने ताकत झोंकी थी. अब कांग्रेस को अपनी गलतियों का अहसास हो रहा है. काश लीडर्स जोर लगाते तो कुछ और परिणाम होता. क्या अब पंचायत चुनाव में भी इसी ढर्रे पर कांग्रेस रहेगी?
पुरानी आदतों से पिछड़ गई कांग्रेस !
-शहरी निकाय चुनाव के प्रचार में "आक्रामक" नहीं दिखी कांग्रेस
-कांग्रेस के बड़े लीडर्स अपने क्षेत्र तक सीमित रहे
-छोटे चुनाव का हवाला देकर प्रचार से बचते रहे
-दूसरी तरफ भाजपा के सभी नेताओं ने झोंकी थी ताकत
-अब कांग्रेस को अपनी गलतियों का हो रहा अहसास
-काश लीडर्स जोर लगाते तो कुछ और होता परिणाम
-क्या अब पंचायत चुनाव में भी इसी ढर्रे पर रहेगी कांग्रेस ?