जयपुर: पांच राज्यों के चुनाव परिणाम कांग्रेस के लिए सियासी नजरिए से बेहद अहम रहेंगे. अगर एक-दो राज्य में सत्ता आती है तो कांग्रेस के लिए यह कमबैक होगा, पर कहीं भी खाता नहीं खुलने पर फिर परिस्थितियां विकट हो जाएगी. वहीं रिजल्ट के बाद कांग्रेस संगठन में कई बड़े अहम बदलाव भी देखने को मिलेंगे.
इन दिनों कांग्रेस गलियारों में पांच राज्यों के संभावित चुनाव परिणाम को लेकर अभी से चर्चाएं जारी है. सबसे ज्यादा कांग्रेस में केरलम चुनाव रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार है. क्योंकि अगर केरलम में पंजे की सरकार बनती है तो फिर कईं बदलाव पार्टी में देखने को मिल सकते है. कांग्रेस पार्टी को सबसे ज्यादा उम्मीदें भी केरलम से है. जनता ने अपना जनादेश ईवीएम में कैद कर दिया है और यह तो अब 4 मई को ही खुलासा होगा कि केरलम का किंग कौन होगा. केरलम के चुनाव परिणाम की सबसे ज्यादा चर्चाएं इसलिए है कि पार्टी के संगठन महासचिव वेणुगोपाल वहां से आते है. इसलिए तरह-तरह की अटकलें अभी से लगना शुरु हो चुकी है.
पांच राज्यों के चुनाव परिणाम कांग्रेस के लिए होंगे बेहद खास
-एक-दो राज्य में सत्ता आने पर कांग्रेस की मानी जाएगी वापसी
-लेकिन कहीं भी सरकार नहीं बनने पर फिर बढ़ेगी औऱ मुश्किलें
-केरलम रिजल्ट को लेकर कांग्रेस गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चाएं
-केरलम में अगर सत्ता आई तो क्या केसी वेणुगोपाल बनेंगे सीएम
-अगर वेणुगोपाल CM बने तो फिर कौन होगा नया AICC संगठन महासचिव
-रिजल्ट के बाद संगठन में होंगे कईं अन्य अहम बदलाव
-गोवा औऱ यूपी सहित कईं राज्यों के बदले जा सकते है पीसीसी चीफ
-कईं राज्यों के बदले जाएंगे AICC प्रभारी
-AICC में हो सकती है कुछ पदाधिकारियों की नियुक्ति
-हरियाणा में होगा प्रदेश कांग्रेस कमेटी का गठन
-सेवादल को मिल सकता है नया राष्ट्रीय अध्यक्ष
इसके अलावा कांग्रेस के विभाग औऱ प्रकोष्ठों में भी नियुक्ति हो सकती है. कांग्रेस में लंबे समय से यह बदलाव की कवायद जारी थी. लेकिन 5 राज्यों के चुनाव के चलते फिर इन्हें ठंडे बस्ते में डाल दिया है. लेकिन केरलम रिजल्ट,केसी वेणुगोपाल औऱ फिर नया संगठन महासचिव इन तीनों मसलों को लेकर कांग्रेस में कईं तरह की जबरदस्त चर्चाएं चल रही है. अगर सत्ता आई और वेणुगोपाल हाईकमान के आशीर्वाद से सीएम बन जाते है तो फिर संगठन में बदलाव बड़े पैमाने पर होते रहेंगे. हालांकि यह सब कुछ परिणामों पर टिका है.
ताज्जुब की बात है कि रिजल्ट से पहले तो कांग्रेस के कईं नेताओं ने संगठन महासचिव पद के लिए लॉबिंग भी अभी से शुरु कर दी है. कांग्रेस की एक लॉबी संभावित बदलाव को अभी से हवा देने में जुटी हुई है. अब कांग्रेस में आगे क्या होगा यह तो 4 मई को नतीजों के बाद ही पता चलेगा.