Rajasthan Budget 2026: वित्त मंत्री दीया कुमारी ने की चिकित्सा सेक्टर को लेकर बड़ी घोषणाएं, अस्पतालों में पार्थिव देह को निशुल्क घर तक पहुंचाने की घोषणा

Rajasthan Budget 2026: वित्त मंत्री दीया कुमारी ने की चिकित्सा सेक्टर को लेकर बड़ी घोषणाएं, अस्पतालों में पार्थिव देह को निशुल्क घर तक पहुंचाने की घोषणा

जयपुर: राज्य बजट 2026-27 राजस्थान विधानसभा में पेश हो रहा है. भजनलाल सरकार की मानवीय पहल है. राजस्थान विधानसभा में वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बजट में बड़ी घोषणा की है. अस्पतालों में पार्थिव देह को निशुल्क घर तक पहुंचाने की घोषणा की है. इसके लिए मोक्ष वाहिनी योजना शुरू करने की घोषणा की है. जिला स्तर पर साइकोलॉजिकल काउंसर की नियुक्ति की घोषणा की है.

बच्चों की दिमागी बीमारियों के इलाज के लिए घोषणा:
वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बच्चों की दिमागी बीमारियों के इलाज के लिए घोषणा की है. विशेष पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी विभाग बनाया जाएगा. जयपुर के RUHS अस्पताल में 200 बेड का पीडियाट्रिक IPD' और आधुनिक नियोनेटल ICU विकसित किया जाएगा. ₹300 करोड़ की लागत से 'राजमा' (RAJ-MA) के तहत विभिन्न मेडिकल इक्विपमेंट उपलब्ध कराए जाएंगे. ₹200 करोड़ की लागत से अस्पतालों में बिल्कुल नए मेडिकल उपकरण स्थापित होंगे. हाल ही में अस्पतालों में आग लगने की घटनाओं को देखते हुए सरकार का बड़ा फैसला लिया. प्रदेश के सभी अस्पतालों में फायर डिटेक्शन सिस्टम लगाए जाएंगे. पहले चरण में फायर सेफ्टी इक्विपमेंट के लिए ₹300 करोड़ खर्च किए जाएंगे.

जेके लोन अस्पताल की बदलेगी तस्वीर: 
प्रदेश में बच्चों के सबसे बड़े जेके लोन अस्पताल की तस्वीर बदलेगी. विधानसभा में वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बजट में बड़ी घोषणा की है. अस्पताल में 500 बैड क्षमता के आईपीडी टावर बनाने की घोषणा की है. करीब 75 करोड़ रुपए की लागत से आईपीडी टावर तैयार होगा. इसके अलावा पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी विभाग की भी बजट में घोषणा है. फर्स्ट इंडिया ने कल ही जेके लोन अस्पताल को लेकर बड़ी घोषणा के संकेत दे दिए थे. 

चिकित्सा सेक्टर को लेकर घोषणाएं:
वित्त मंत्री ने चिकित्सा सेक्टर को लेकर घोषणाएं की. पंचायत स्तर पर आरोग्य शिविरों का आयोजन होगा. विमंदित रोगियों को अस्पतालों में निशुल्क उपचार मिलेगा. मा और निरोगी योजना में निशुल्क उपचार मिलेगा. वित्त मंत्री दीया कुमारी ने कहा कि सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन मेंटल हेल्थ की एसएमएस मेडिकल कॉलेज में स्थापना होगी. जिला मुख्यालयों पर मेंटल हेल्थ केयर सेल्स की स्थापना होगी. 'गंभीर मरीजों की सेवा के लिए क्रिटिकल केयर कमाण्ड सेंटर की स्थापना होगी. ड्राइवरों के लिए सीपीआर प्रशिक्षण अनिवार्य है. ट्रोमा सेन्टर्स को सुदृड़ करने के लिए 150 करोड़ खर्च होंगे. 300 भवन विहीन व जर्जर विद्यालयों पर 450 करोड़ रुपए खर्च होंगे. 22 हजार 746 आंगनबाड़ी केंद्रों में खेल सामग्री उपलब्ध होगी.