जयपुर : प्रदेश में प्रसूताओं की मौत का मामला का मामला अभी थमा भी नहीं कि अब मोतियांबिंद के ऑपरेशन के बाद मरीजों की आंख में "लापरवाही" के इंफेक्शन ने पूरे सिस्टम की नींद उड़ा दी है. ताजा मामला कुचामन सिटी राजकीय अस्पताल से जुड़ा है, जहां दो दिन पहले हुए ऑपरेशन के बाद अचानक सात मरीजों की आंखों में "अंधेरा" छा गया. आनन-फानन में इसमें से पांच मरीजों को एसएमएस और दो मरीजों को अजमेर में शिफ्ट किया गया. जहां वरिष्ठ चिकित्सकों की निगरानी में ट्रीटमेंट शुरू तो हो गया, लेकिन आंखों की "रोशनी" को लेकर प्रशासन ने चुप्पी साध ली है. आखिर क्या है प्रकरण और विभाग का एक्शन.
सूबे के चिकित्सा विभाग को लगता है किसी की नजर लग गई है. पहले किडनी काण्ड, फिर SMS के ICU में अग्निकाण्ड के दौरान उपचाररत मरीजों की मौत और अब प्रसुताओं और गर्भवती महिलाओं की तबीयत का बिगड़ना. लगातार सुर्खियों में रहने वाला चिकित्सा विभाग इन घटनाओं से उभर ही रहा था कि कुचामन सिटी राजकीय अस्पताल के अस्पताल में मोतियाबिंद के बाद सात बुजुर्गों में हुए इंफेक्शन ने "पूरी व्यवस्था" को सवालों के घेरे में ला दिया है. दरअसल, 60 से 70 साल की उम्र के ये मरीज आंखों से बेहतर देखने की मंशा लेकर कुचामन सिटी राजकीय अस्पताल आए थे. यहां 28 जुलाई को मरीजों का कैटरेक्ट का ऑपरेशन किया गया. परिजनों की माने तो ऑपरेशन के अगले दिन कल जब मरीज फोलोअप के लिए आए तो जांच में पता चला कि उन्हें दिखाई नहीं दे रहा है. हालांकि, इस घटनाक्रम में जैसे ही प्रशासन को पता चला कि तो बगैर कोई वक्त गंवाए पांच मरीजों को तत्काल एसएमएस शिफ्ट किया गया, जबकि दो मरीज अजमेर रैफर किए गए है.
बेहतर रोशनी के लिए आए, अब दिखाई देने का संकट !
प्रसूताओं के बाद अब कैटरेक्ट के ऑपरेशन में कथित लापरवाही का प्रकरण
कुचामनसिटी राजकीय अस्पताल में कैटरेक्ट सर्जरी के बाद एक साथ मरीजों में इंफेक्शन
सभी मरीजों की आंखों में पोस्ट सर्जिकल इंफेक्शन, जिससे पुतली में आया "सफेदपन"
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 5 बुजुर्ग मरीजों को कल देर शाम किया गया SMS में शिफ्ट
इस बारे में SMS मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ.दीपक माहेश्वरी और
SMS के कार्यवाहक अधीक्षक डॉ.आरके जैन ने दी जानकारी
'SMS में उपचार रत अधिकांश मरीजों की आयु 60 साल से ऊपर'
'मरीज घासीराम 65 वर्ष, हीराराम 73 वर्ष, गोकुल 70 वर्ष, मीरा देवी 68 वर्ष और
नारायणी 67 वर्ष का मेडिकल बोर्ड की निगरानी में शुरू किया जा चुका है ट्रीटमेंट'
इसके साथ ही ये भी तर्क कि मानसून में कई बार देखा जाता है इस तरह का संक्रमण
लेकिन बुजुर्गों में आए सामूहिक संक्रमण ने व्यवस्था पर खड़े किए कई गंभीर सवाल ?
इंफेक्शन की पड़ताल के लिए हाईलेवल कमेटी
कुचामन सिटी में कैटरेक्ट सर्जरी के बाद इंफेक्शन से जुड़ी खबर
चिकित्सा विभाग के निर्देश पर SMS मेडिकल कॉलेज ने गठित की कमेटी
नेत्र रोग विभाग के वरिष्ठ आचार्य डॉ संजीव कुमार नेनीवाल की अध्यक्षता में कमेटी
एनेस्थिसिया आचार्य डॉ महिपाल सिंह, माइक्रोबायोलॉजी SR डॉ अखिल सांगवान,
माइक्रोबायोलॉजी टेक्नीशियन डॉ सीताराम शर्मा को किया गया कमेटी में शामिल
कुचामन सिटी राजकीय अस्पताल की पड़ताल करने रवाना हुई हाईलेवल कमेटी
कमेटी को अस्पताल में ओटी समेत सभी पहलुओं की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश
घटना की जानकारी मिलते ही चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर भी अस्पताल पहुंचे. उन्होंने पीड़ितों से मुलाकात की और चिकित्सकों को बेहतर ट्रीटमेंट के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि सभी मरीजों का स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल के अनुसार इलाज शुरू कर दिया है.
पूरे घटनाक्रम को देखते हुए एसएमएस मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. नगेन्द्र शेखावत की अध्यक्षता में ट्रीटमेंट और मॉनिटरिंग के लिए बोर्ड बनाया गया, जिसमें सीनियर प्रोफेसर डॉ. मनीष शर्मा, डॉ. पंकज शर्मा को शामिल किया गया. इस टीम ने बताया कि फिलहाल मरीजों की विट्रेक्टॉमी सर्जरी की गई है, जिसमें आंख के अंदर मौजूद इंफेक्शन को बाहर निकाला जाता है.