राजस्थान रोडवेज की ट्रांसफर पॉलिसी में अहम बदलाव, ट्रांसफर के बाद 2 साल तक पुनः तबादला नहीं, बीमारी से जूझ रहे परिवारों के लिए विशेष नियम

राजस्थान रोडवेज की ट्रांसफर पॉलिसी में अहम बदलाव, ट्रांसफर के बाद 2 साल तक पुनः तबादला नहीं, बीमारी से जूझ रहे परिवारों के लिए विशेष नियम

जयपुरः राजस्थान रोडवेज की ट्रांसफर पॉलिसी में अहम बदलाव हुए है. रोडवेज में ट्रांसफर के बाद 2 साल तक पुनः तबादला नहीं होगा. निगम मुख्यालय ने नए दिशा-निर्देश जारी किए है. प्राथमिकता सूची में विधवा, एकल महिला व परित्यक्ता शामिल है. मानसिक दिव्यांग, ऑटिज्म व दृष्टिबाधित कर्मियों को राहत दी गई. परिवारिक परिस्थितियों को भी आधार बनाया गया है. 

गंभीर बीमारियों व हार्ट सर्जरी जैसे मामलों को प्राथमिकता दी गई है. किडनी-लिवर डोनर कर्मियों को भी लाभ मिलेगा. स्थायी दिव्यांग कर्मियों के लिए विशेष प्रावधान लागू होंगे. जिसको लेकर MD पुरुषोत्तम शर्मा ने आदेश जारी किए है. 

गंभीर बीमारी से जूझ रहे परिवारों के लिए विशेष नियमः
पति-पत्नी अलग जिलों में तैनात तो एक जिले में प्राथमिकता दी जाएगी. राजकीय/निगम सेवा में कार्यरत दंपत्तियों को बड़ी राहत दी गई है. अवयस्क संतानों की देखभाल वाले मामलों को भी वरीयता. गंभीर बीमारी से जूझ रहे परिवारों के लिए विशेष नियम है. रोडवेज प्रशासन ने विस्तृत आदेश जारी किया. 

3 वर्ष तक उसी जोन में पुनः पोस्टिंग पर रोकः
परिचालकों के लिए भी ट्रांसफर नीति में नए उप-बिंदु लागू किए है. ड्यूटी के दौरान अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है. निलंबन अवधि पूरी होने पर ही अगला तबादला संभव है. 3 वर्ष तक उसी जोन में पुनः पोस्टिंग पर रोक है. निगम ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नियम स्पष्ट किए.