VIDEO: जयपुर डिस्कॉम का "मिशन राजस्व" ! वित्तीय वर्ष नजदीक आने के साथ ही बकाया वसूली पर विशेष फोकस, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर : आपको बिजली का बिल बकाया है तो तत्काल उसे जमा कराएं. अन्यथा आपको दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. जी हां ये कोई हमारी चेतावनी नहीं, बल्कि जयपुर डिस्कॉम प्रशासन की वित्तीय वर्ष नजदीक आने के साथ ही बकाया वसूली की तैयारियों की बानगी है. इस तैयारी के तहत डिस्कॉम प्रशासन ने सर्वाधिक बकाया वाले 20 सब डिवीजन चिन्हित किए है, जहां 1.14 उपभोक्ताओं पर करीब 200 करोड़ रुपए से अधिक का बकाया चल रहा है. इस बकाया वसूली के लिए सख्ती के साथ ही मुख्यालय से डेली मॉनिटरिंग शुरू की गई है. 

राजस्थान की बिजली कम्पनियों की आर्थिक स्थिति किसी से छिपी नहीं है. ऐसे में आगे हालात और विकट न बने, इसके लिए डिस्कॉम प्रशासन ने दिसम्बर आते आते अब शतप्रतिशत राजस्व वसूली को मुख्य एजेंण्डा बनाया है. डिस्कॉम की सीनियर ऑफिसर्स की बैठक में इसकी बानगी देखने को मिली. इस दौरान सीएमडी आरती डोगरा ने सर्किलवार राजस्व वसूली की समीक्षा की और कमजोर प्रदर्शन वाले अभियंताओं की क्लास लगाई. इसके साथ ही जिन सहायक अभियंता कार्यालयों में बकायादारों की संख्या काफी ज्यादा है, उनको सूचीबद्ध करते हुए अब सभी अधीक्षण अभियंताओं को पत्र भेजा गया है. इसमें निर्देश दिए गए है कि बकायादारों से सम्पर्क करके जल्द से जल्द वसूली की जाए.

एक लाख रुपए से अधिक का बिजली बिल बकाया, तो दिक्कत तय !
-वित्तीय वर्ष नजदीक आने के साथ ही जयपुर डिस्कॉम प्रशासन की सख्ती
-फील्ड में चल रहे बकाया की वसूली के लिए सूचीबद्ध किए गए डिफाल्डर उपभोक्ता
-सीएमडी आरती डोगरा ने सभी अधीक्षण अभियंताओं को भेजी बकायादारों की सूची
-इस सूची में खास तौर पर बड़े बकायादारों पर सख्ती बरतने के दिए गए निर्देश
-एक लाख रुपए से अधिक के बकायादारों से वसूली का मांगा का एक्शन प्लान
-ताकि, राजस्व वसूली के तय लक्ष्य को जल्द से जल्द किया जा सके पूरा

इन सहायक अभियंता कार्यालयों की रोजाना मॉनिटरिंग
-200 करोड़ रुपए से अधिक की बकाया वसूली के लिए प्रयास
-करौली, राजाखेड़ा, बाड़ी, छबड़ा, खण्डार, बारां, धौलपुर, कामां, नादौती,
-डीग, इटावा, पहाडी, अटरू, कोटा रूरल, मासलपुर, बयाना, मण्डरायल,
-कोटपूतली, भिवाड़ी में राजस्व वसूली पर विशेष फोकस के है निर्देश 

डिस्कॉम प्रशासन ने राजस्व वसूली की गति को बढ़ाने के लिए मुख्यालय से मॉनिटरिंग शुरू की है. इसके लिए चीफ अकाउंटस ऑफिसर(R&B)को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो डे टू डे फील्ड अधिकारियों से संवाद स्थापित कर राजस्व वसूली को बढ़ाने का प्रयास करेंगे. इसके साथ ही राजस्व बढ़ाने के लिए विजिलेंस चैंकिग के पैटर्न को भी बदला गया है. अब सर्वाधिक बिजली छीजत वाले इलाकों में क्वालिटी ऑफ विजिलेंस शुरू की गई है.