VIDEO: राजस्थान में जल जीवन मिशन का काम ठप, अब लोन लेकर मिशन को आगे बढाएगा जलदाय विभाग, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: प्रदेश के नए जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने आज पदभार ग्रहण के बाद जब विभागीय मीटिंग ली, तो पता चला कि बजट के अभाव में प्रदेश में जल जीवन मिशन का काम ठप पड़ा है. अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि मिशन के तहत केंद्र का अंश तो उपलब्ध है लेकिन राज्यांश बजट नहीं होने से अब काम आगे नहीं बढ़ रहा. मंत्री कन्हैयालाल ने इस बारे में मुख्यमंत्री से बात करके जल्दी ही बजट लाने का भरोसा दिलाया है.

भ्रष्टाचार के लिए बदनाम रहे जलदाय विभाग को स्वच्छ करने का जिम्मा नए मंत्री कन्हैयालाल चौधरी को मिला है, लेकिन विभाग का काम संभालने के पहले ही दिन मंत्री कन्हैयालाल ने जब समीक्षा बैठक ली, तो पता चला कि जल जीवन मिशन तो यहां कछुआ चाल से चल रहा है. जल जीवन मिशन के मामले में राजस्थान 33वें स्थान पर है. दरअसल मिशन को पूरा करने के लिए राज्य के अंश का बजट ही नहीं है. हालांकि राजस्थान के लिए केंद्रीय अंश तो पड़ा है, लेकिन राज्यांश नहीं होने से काम रुक सा गया है. विभाग ने पहले ही लोन लेकर काम किया है, लेकिन अब करीब दो हजार करोड़ से अधिक की देनदारियां बाकी है. बजट के अभाव में ठेकेदारों ने भी काम पर विराम सा लगा दिया है. अधिकारियों की यह बात सुनकर मंत्री कन्हैयालाल ने कहा है कि वे इस बारे में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से बात करेंगे और काम पूरा करने के लिए बजट लाएंगे. जलदाय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि अभी भले ही नए काम नहीं शुरू हो पा रहे, लेकिन जो प्रोजेक्ट चल रहे है उनकी मॉनिटिरंग प्रोपर होनी चाहिए. मंत्री ने विशेष विजिलेंस टीमें गठित करने के भी निर्देश दिए है.

विभाग की पहली ही समीक्षा बैठक में फर्जी सर्टिफिकेट्स से ठेके लेने का मामला भी उठा. जलदाय मंत्री कन्हैयालाल ने इस मामले से जुड़ी फाइल को तलब किया है. मंत्री ने कहा कि यह मामला मीडिया में भी उठा है. तब एसीएस सुबोध अग्रवाल ने मामले की पूरी जानकारी दी. इस पर मंत्री ने मामले से संबंधित सभी पत्रावलियां तलब कर ली है. मंत्री ने साफ कर दिया कि काम में क्वालिटी से समझौता नहीं होगा और हर काम की बारिकी से जांच होगी. सही काम होने पर ही भुगतान पूरा किया जाएगा. बैठक में कई अधिकारियों के लंबे समय से एपीओ चलने का मुद्दा भी उठा. इस पर मंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि एपीओ चल रहे अधिकारियों को पोस्टिंग दी जाए और खाली पद भरे जाए. कुछ अधिकारी एक से ज्यादा पदों का काम देख रहे है. मंत्री ने कहा कि अधिकारियों की योग्यता के अनुसार उनको काम दिया जाना चाहिए. अब उम्मीद है कि जल्दी ही विभाग में रिक्त पद भर दिए जाएंगे. जलदाय विभाग में एक तरफ तो मुख्य अभियंता से लेकर कनिष्ठ अभियंता तक 133 नए पद क्रिएट किए है, लेकिन दूसरी तरफ विभाग में पिछले डेढ़ साल से 40 से ज्यादा इंजीनियर्स बिल्कुल फ्री है.उनके पास कोई काम नहीं है,क्योकि वे पिछले डेढ़ साल से एपीओ है,जलदाय विभाग में चहेते इंजीनियर्स को ऊपर से नीचे तक मलाईदार पदों का चार्ज दे रखा है.हैरानी की बात ये है कि घर बैठे इंजीनियर्स को बिना काम मुफ्त की सैलरी मिल रही है.

मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने बैठक में कहा कि जल जीवन मिशन में जो चुनौतियां हैं उन्हें स्वीकार करते हुए राजस्थान को जेजेएम में ऊपरी पायदान पर लाया जाएगा और प्रदेश के हर ग्रामीण घर तक जल कनेक्शन पहुंचाया जाएगा. उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में देरी के कारणों का पता लगाकर उनका हल निकाला जाएगा एवं जेजेएम की गति बढ़ाई जाएगी. जलदाय मंत्री ने वर्तमान में प्रगतिरत परियोजनाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए क्वालिटी कंट्रोल विंग को फील्ड में जाकर फिजीकल वेरीफिकेशन करने, सैम्पल एकत्र करने एवं गुणवत्ता खराब होने की शिकायत मिलने पर  कडी कार्रवाई करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी. जलदाय मंत्री ने पहले से स्वीकृत हैण्डपंप एवं ट्यूबवैल को फंक्शनल बनाने एवं जिन ट्यूबवैल में बिजली कनेक्शन नहीं है वहां प्राथमिकता से बिजली कनेक्शन कराने के निर्देश दिए. 

उन्होंने कहा कि परियोजना छोटी हो या बड़ी मौके पर कार्य अच्छा एवं गुणवत्तापूर्ण हो इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए. बैठक में  जलदाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुबोध अग्रवाल ने जलदाय मंत्री को विभाग में विभिन्न परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही चुनौतियों एवं वित्तीय स्थिति के बारे में अवगत कराया. उन्होंने सौ दिवसीय कार्य योजना, जल जीवन मिशन में प्रगति के बारे में जानकारी दी. समीक्षा बैठक में एमडी जल जीवन मिशन बचनेश अग्रवाल व कई मुख्य अभियंता मौजूद रहे.