जयपुर: राजधानी जयपुर की यातायात जाम समस्या से निजात दिलाने के लिए जेडीए ने अहम कवायद शुरू की है. इसके तहत किन उपायों को लागू कर प्रमुख सड़कों पर वाहनों का आवागमन सुगम किया जा सकता है,उन्हें लागू करने की जेडीए तैयारी कर रहा है. शहर की प्रमुख सड़कों पर यातायात जाम की समस्या आम हो गई है. शहर के किसी कोने में चले जाएं, वहां पीक आवर्स में जाम के कारण वाहनों को रेंगना पड़ रहा है. वाहनों का दबाव इस कदर बढ़ गया है कि ट्रैफिक सिग्नल वाले चौराहे पर थोड़ी देर रूकने में ही वाहनों की लंबी लाइन लग जाती है. इस समस्या के समाधान के लिए क्या किया जाना चाहिए, इसको लेकर जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन के निर्देश पर अभियंताओं की एक टीम दिल्ली भी गई थी. आपको सबसे पहले बताते हैं कि राजधानी की सड़कों पर वाहनों के जाम में फंसने के क्या प्रमुख कारण है.
वाहनों के जाम में फंसने के प्रमुख कारण:
-राजधानी की अधिकतर प्रमुख सड़कों पर चौराहे व तिराहे हैं
-इन जंक्शन पर ट्रैफिक सिग्नल के कारण वाहनों को रूकना पड़ता है
-थोड़ी दूर रूकने पर ही वाहनों की लंबी कतारें लग जाती है
-इसके चलते सिग्नल ग्रीन होने के बावजूद वाहनों को रेंगना पड़ता है
-कुछ ही वाहन जंक्शन से निकल पाते हैं, इतने में सिग्नल रेड हो जाता है
-ऐसे में ट्रैफिक सिग्नल पर रूकने वाले अधिकतर वाहनों को दो से तीन बार रेड सिग्नल का सामना करना पड़ता है
-ऐसी स्थिति टोंक रोड,जेएलएन मार्ग,बी टू बायपास,सीकर रोड,अजमेर रोड,दिल्ली रोड,आगरा रोड सहित कई प्रमुख सड़कों की है
-इसी तरह कई सड़कों पर हर दूरी पर डिवाइडर कट है
-डिवाइडर कट से वाहनों के यू टर्न लेने या उसे क्रॉस करने के कारण जाम की स्थिति हो जाती है
-उदहारण के तौर पर टोंक रोड बी टू बायपास चौराहे से लेकर सांगानेर फ्लाई ओवर तक तीन डिवाइडर कट हैं
-सड़कों पर दोनों तरफ पार्किंग के कारण हर तरफ की करीब एक-एक लेन उसी में चली जाती है
-सड़कों पर थड़ी-ठेले व अन्य अतिक्रमणों के कारण वाहनों के लिए पर्याप्त स्थान नहीं मिलता
जेडीए आयुक्त की अध्यक्षता में पिछले दिनों हुई बैठक में राजधानी की यातायात व्यवस्था पर गहन मंथन किया गया. इस मंथन में दूसरी एजेंसियों के कई ऐसे अधिकारी शामिल हुए जो जेडीए ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड में भी शामिल हैं. दिल्ली गए अभियंताओं की टीम की ओर से भी प्रस्तुतीकरण दिया गया. जेडीए ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड की आगामी बैठक में शहर में यातयात सुधार के लिए अहम फैसले किए जा सकते हैं. आपको बताते हैं कि यातायात जाम समस्या से वाहन चालकों को राहत देने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं.
वाहन चालकों को राहत देने के लिए कदम:
-शहर के प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल के बजाए यू लूप मॉडल लागू किया जा सकता है
-इस मॉडल में चौराहा से दाहिनी तरफ जाने वाले वाहन चालक सीधे जाते हैं
-वहां से यू लूप से यू टर्न लेकर फिर दाहिनी तरफ मुड़ते हैं
-कुछ तिराहों पर सिग्नल के बजाए सर्किल बनाने के उपाय लागू किए जा सकते हैं
-कुछ सड़कों पर प्रायोगिक तौर पर वन वे लागू करने पर विचार किया जा सकता है
-पार्किंग स्थल निर्माण के लिए नए स्थान चिन्हित किए जा सकते हैं
-जहां पहले से पार्किंग स्थल है, वहीं वाहन खड़े हो,इसकी पालना सुनिश्चित की जा सकती है
-फुटपाथ या सड़क पर अतिक्रमण के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही के लिए नियमित अभियान चलाया जा सकता है
-हर थोड़ी दूर पर बने डिवाइडर कटों में से कुछ डिवाइडर कटों को बंद किया जा सकता है
-यातायात के लिहाज से जेडीए लॉंग टर्म प्लानिंग करने की तैयारी में हैं
-दिल्ली के स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) को यह जिम्मेदारी दी जा सकती है
-इसी तरह SPA को ही जेडीए शहर का कॉम्प्रिहैंसिव मोबिलिटी प्लान बनाने की जिम्मेदारी दे सकता है